Trump Claim Triggered Iran US President Also Misled on India-Pakistan Ceasefire ट्रंप के किस दावे ने ईरान को भड़काया, भारत-पाक सीजफायर पर भी फैला चुके भ्रम, International Hindi News - Hindustan
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ट्रंप के किस दावे ने ईरान को भड़काया, भारत-पाक सीजफायर पर भी फैला चुके भ्रम

डोनाल्ड ट्रंप अपने सनसनीखेज दावों और बयानों को लेकर फिर चर्चा में हैं। इस बार उनके दावे ने ईरान को भड़का दिया है। ईरान ने ट्रंप के दावों को झूठा कहा है। ट्रंप इससे पहले भी भारत-पाक सीजफायर को लेकर भ्रम फैला चुके हैं।

Tue, 8 July 2025 09:51 PMGaurav Kala एएफपी, तेहरान
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ट्रंप के किस दावे ने ईरान को भड़काया, भारत-पाक सीजफायर पर भी फैला चुके भ्रम

एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा चर्चा में है। उन्होंने ऐसी बात कही है, जिसने ईरान को भड़का दिया है। ईरान ने मंगलवार को साफ किया कि उसने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत के लिए कोई अनुरोध नहीं किया है। यह बयान तब आया जब ट्रंप ने कहा कि तेहरान अमेरिका से बातचीत करना चाहता है और यह बातचीत तय भी हो चुकी है। ईरान के दावे से इतर, यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप इस तरह के बयान दे चुके हैं। ट्रंप लगातार दावा करते रहे हैं कि उनकी ही बदौलत भारत और पाकिस्तान में सीजफायर हुआ।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बकाई ने तसनीम समाचार एजेंसी को बताया, “हमारी ओर से अमेरिकी पक्ष को किसी भी बैठक के लिए कोई अनुरोध नहीं किया गया है।” वहीं ट्रंप ने सोमवार को वाइट हाउस में इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ मुलाकात के दौरान पत्रकारों से कहा, “हमने ईरान के साथ बातचीत तय कर ली है। वे बात करना चाहते हैं। वे अब दो हफ्ते पहले जैसे नहीं रहे।”

ट्रंप के दावों को ईरान ने बताया झूठा

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरक़ची ने भी फाइनेंशियल टाइम्स में एक लेख के जरिए बातचीत से इनकार किया। उन्होंने लिखा, “हालांकि हाल के दिनों में अमेरिका की ओर से संकेत मिले कि वे बातचीत पर लौटना चाहते हैं, लेकिन हम कैसे विश्वास करें कि यह संवाद सही दिशा में जाएगा?”

भारत-पाक सीजफायर पर भी बोले ट्रंप

ट्रंप एक बार फिर भारत-पाक सीजफायर पर बोले। उन्होंने सोमवार को प्रेस में दिए बयान में एक बार भी दावा किया कि दोनों परमाणु बम संपन्न देशों के बीच युद्धविराम उनकी मध्यस्थता से मुमकिन हुआ है। ट्रंप ने कहा कि अगर वो युद्ध नहीं रुकवाते तो जंग विकराल हो सकती थी। ट्रंप ने यह भी कहा कि यह युद्धविराम भारत और पाकिस्तान से अमेरिकी की व्यापार डील के मद्देनजर हुई है।

इजरायल-ईरान युद्ध

अरक़ची ने आगे बताया कि 13 जून को इज़रायल ने ईरान पर एक अभूतपूर्व बमबारी अभियान चलाया, जिसमें सैन्य और परमाणु ठिकानों के साथ-साथ आवासीय इलाकों को भी निशाना बनाया गया। इन हमलों में वरिष्ठ सैन्य कमांडर और वैज्ञानिक मारे गए। यह हमला ईरान-अमेरिका के बीच होने वाली बातचीत से ठीक कुछ दिन पहले हुआ था, जिससे वार्ता रुक गई। 22 जून को अमेरिका ने भी इज़रायल के साथ मिलकर ईरान के फोर्दो, इस्फहान और नतान्ज़ स्थित परमाणु केंद्रों को निशाना बनाया।

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अरक़ची ने लिखा, “हमने ईमानदारी से नई बातचीत के लिए सहमति जताई थी, लेकिन इसके बदले हमें दो परमाणु संपन्न देशों से हमले झेलने पड़े। ईरान कूटनीति में रुचि रखता है, लेकिन अब हमारे पास आगे की बातचीत को लेकर संशय के कारण हैं।” ट्रंप के ताजा दावे पर ईरान का कड़ा जवाब इस बात का संकेत है कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच भरोसे की खाई अभी भी बहुत गहरी है।

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