The most crazy regime will not be allowed to have nuclear weapons the US said सबसे पागल शासन को परमाणु हथियार नहीं रखने देंगे, ईरान का नाम ले बोला अमेरिका, International Hindi News - Hindustan
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सबसे पागल शासन को परमाणु हथियार नहीं रखने देंगे, ईरान का नाम ले बोला अमेरिका

एक इंटरव्यू के दौरान जब सवाल किया गया कि क्या ईरान के सुप्रीम लीडर को हटाने का भी लक्ष्य है। इसपर वेंस ने कहा कि ट्रंप 'फैसला लेंगे कि कैसे इस बात को सुनिश्चित किया जा सके कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रखेगा।'

Thu, 26 Feb 2026 06:05 AMNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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सबसे पागल शासन को परमाणु हथियार नहीं रखने देंगे, ईरान का नाम ले बोला अमेरिका

बातचीत से पहले अमेरिका ने ईरान को फिर चेतावनी दे दी है। उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कूटनीतिक समाधान चाहते हैं, लेकिन सैन्य कार्रवाई का विकल्प अब भी मौजूद है। साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका की तरफ से दी जा रही चेतावनी को गंभीरता से लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसी 'पागल' शासन को परमाणु हथियार रखने नहीं दिए जा सकते।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वेंस ने तेहरान से कहा है कि कूटनीति को कमजोरी समझने की गलती न की जाए। उन्होंने कहा कि अमेरिका की तरफ से दी जा रही सैन्य कार्रवाई की चेतावनी को गंभीरता से लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा, 'आप दुनिया के सबसे पागल और खराब शासन को परमाणु हथियार रखने नहीं दे सकते।'

उन्होंने कहा, 'राष्ट्रपति के पास यह सुनिश्चित कराने के लिए कई उपाय हैं।' उन्होंने कहा, 'वह इन उपायों को इस्तेमाल करना चाहते हैं और मुझे उम्मीद है कि ईरान कल बातचीत में इसे गंभीरता से लेगा, क्योंकि राष्ट्रपति ऐसा चाहते हैं।' अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि हमें उम्मीद है कि बगैर सेना के समाधान पर पहुचेंगे, लेकिन अगर हमें सेना का इस्तेमाल करना पड़ा तो राष्ट्रपति को इसका अधिकार है।

सुप्रीम लीडर को हटाने पर अमेरिकी रुख जानें

एक इंटरव्यू के दौरान जब सवाल किया गया कि क्या ईरान के सुप्रीम लीडर को हटाने का भी लक्ष्य है। इसपर वेंस ने कहा कि ट्रंप 'फैसला लेंगे कि कैसे इस बात को सुनिश्चित किया जा सके कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रखेगा।'

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अमेरिका ने बड़े बेड़े को तैनात किया

अमेरिका की ओर से बड़े पैमाने पर सैन्य तैनाती के बीच ईरान ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की दबाव बनाने की रणनीति का कड़ा विरोध किया। यह विरोध तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर जिनेवा में होने वाली अहम वार्ता से पहले किया गया है। ईरान ने ट्रंप के बयानों को कभी 'बड़ा झूठ' बताया तो कभी कहा कि 'सम्मानजनक कूटनीति' के जरिये वार्ता से समझौता हो सकता है।

गुरुवार को होने वाली वार्ता से पहले दो ईरानी अधिकारियों की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब अमेरिका ने दशकों बाद मध्य पूर्व में विमानों और युद्धपोतों की इतनी बड़ी तैनाती की है। ये तैनाती ट्रंप के उन प्रयासों का हिस्सा है जिनके तहत वे ईरान के साथ समझौता करना चाहते हैं, जबकि ईरान पिछले महीने हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद बढ़ते असंतोष से जूझ रहा है।

Iran

वार्ता विफल होने को लेकर ट्रंप ने बार-बार ईरान पर हमला करने की धमकी दी है। मध्य पूर्व के देशों को डर है कि इससे एक नया क्षेत्रीय युद्ध छिड़ सकता है, क्योंकि वर्षों से जारी इजराइल-हमास युद्ध की आग अब भी सुलग रही है।

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