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भारत, चीन नहीं इस देश को यूक्रेन युद्ध में मध्यस्थ बनाने की कोशिश में पुतिन, बोले- यह तटस्थ है

  • Russia Ukraine War: रूस यूक्रेन संघर्ष को रोकने के लिए रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने यूरोपीय देश स्लोवाकिया के शांति प्रस्ताव पर अपनी सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फिको इस संघर्ष में तटस्थ हैं। हम उनके प्रस्ताव पर बातचीत करने के लिए तैयार हैं।

Fri, 27 Dec 2024 03:01 PMUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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भारत, चीन नहीं इस देश को यूक्रेन युद्ध में मध्यस्थ बनाने की कोशिश में पुतिन, बोले- यह तटस्थ है

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को करीब तीन साल होने को है। इस युद्ध को खत्म करने के लिए रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने यूरोपिय देश स्लोकाविया के मध्यस्थता के प्रस्ताव पर बातचीत करने के लिए अपनी सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि स्लोवाकिया इस संघर्ष में शुरुआत से ही तटस्थ की स्थिति अपनाए हुए है। पिछले तीन सालों से जारी इस युद्ध के कारण वैश्विक राजनीति में काफी कुछ बदला है। यूक्रेन और रूस दोनों अब युद्ध खत्म करके शांति स्थापित करना चाहते हैं, लेकिन दोनों ही चाहते हैं कि शांति समझौता उनके हिसाब से हो। ऐसे में यूक्रेन किसी अपने साझीदार देश को शांति वार्ता में शामिल करना चाहता है> तो वहीx रूस भी किसी अपने मित्र देश के द्वारा ही इस शांतिवार्ता को आगे बढ़ाना चाहता है। ऐसे में रूस ने स्लोवाकिया के शांति प्रस्ताव पर सहमति दिखाते हुए एक कदम आगे बढ़ाया है।

22 दिसंबर को रूस पहुंचे स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको ने क्रैमलिन में रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की। इस दौरान पुतिन ने कहा कि रूस इस युद्ध का हल निकालने की कोशिश कर रहा है। इस मामले में वह स्लोवाकिया की मध्स्थता को लेकर दिए शांति प्रस्ताव पर बात करने के लिए तैयार है।

इससे पहले गुरुवार को रूसी मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में पुतिन ने कहा कि स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री ने मुझसे कहा था कि वह यूक्रेन-रूस संघर्ष को समाप्त कराने के लिए मध्यस्थ की भूमिका में काम करने के लिए तैयार है। पुतिन ने कहा कि अगर वह ऐसा करना चाहते हैं तो हम भी इसके लिए तैयार है। क्योंकि हम ने युद्ध की शुरुआत से देखा है कि फिको की सरकार के तह स्लोवाकिया इस युद्ध को लेकर हमेशा तटस्थ रहा है।

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आपको बता दें कि यूरोपीय देश स्लोवाकिया एक नाटो सदस्य देश है। पश्चिमी देशों के रूस को अलग-थलग करने के प्रयास के बावजूद वह लगातार रूस के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने में लगा रहा। पिछले एक साल से स्लोवाकिया ने फिको की सरकार के तहत यूक्रेन को सैन्य मदद करने से इनकार कर दिया। वह लगातार दोनों पक्षों से शांति की अपील करता रहा है।

फिको-पुतिन मुलाकात पर यूक्रेन का रिएक्शन

स्लोवाकिया के पीएम फिको की रूस यात्रा को लेकर यूक्रेनी अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया। जेलेंस्की ने फिको पर सवाल उठाते हुए उनकी रूस समर्थक ऊर्जा नीति को स्लोवाकिया और यूरोप के लिए एक बड़ा सुरक्षा खतरा बताया। उन्होंने पूछा कि आखिर यह नेता मॉस्को पर इतना निर्भर क्यों है। मॉस्को से उसे ऐसा क्या मिल रहा है। इसकी जांच होनी चाहिए।

जेलेंस्की ने फिको पर आरोप लगाया कि वह जो नीति अपना रहे हैं वह स्लोवाकिया के हित में नहीं है। वह यूरोप के भविष्य के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन की जनता अपने जीवन के लिए लड़ रही है, जबकि फिको पैसे के लिए लड़ रहा है। मुझे नहीं लगता कि रूस के आगे झुकने से स्लोवाकिया के लोगों का कोई भला होगा, यह केवल फिको को पैसों से लाद देगा।

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