परमाणु हथियार की मच जाएगी होड़, बैकफायर कर जाएगा मामला; US-इजरायल को रूस की चेतावनी
रूसी विदेश मंत्री लावरोव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जोर देकर कहा कि अरब देश भी अब परमाणु हथियारों की दौड़ में शामिल हो सकते हैं। इससे परमाणु प्रसार की समस्या नियंत्रण से बाहर हो सकती है और यह एक खतरनाक सर्पिल में बदल सकती है।

ईरान के खिलाफ इजरायल और अमेरिका के युद्ध को लेकर रूस ने गंभीर चेतावनी जारी की है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि इस युद्ध का नतीजा ठीक वही होगा, जिसे रोकने के लिए इसे छेड़ा गया था। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे ईरान और उसके अरब पड़ोसी देशों में परमाणु हथियार हासिल करने की होड़ तेज हो सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु हथियार विकसित करने के आरोप को आधार बनाकर शनिवार को हमले करवाए थे, जिनमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे मध्य पूर्व में युद्ध की आग फैला दी है।
रूसी विदेश मंत्री लावरोव ने कहा कि अमेरिका उन देशों पर हमला नहीं करता जिनके पास परमाणु बम होते हैं, इसलिए ईरान में ऐसी ताकतें उभर सकती हैं जो परमाणु हथियार बनाने की दिशा में आगे बढ़ें। लावरोव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जोर देकर कहा कि अरब देश भी अब परमाणु हथियारों की दौड़ में शामिल हो सकते हैं। इससे परमाणु प्रसार की समस्या नियंत्रण से बाहर हो सकती है और यह एक खतरनाक सर्पिल में बदल सकती है। उन्होंने इसे विरोधाभासी बताया कि परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के नाम पर शुरू किया गया युद्ध वास्तव में उल्टे नतेजी दे रहा है।
क्या ईरान परमाणु हथियार बना रहा
रूस का स्पष्ट रुख है कि अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं मिला कि ईरान परमाणु हथियार बना रहा था। इस क्षेत्र में इजरायल को ही एकमात्र परमाणु-सशस्त्र देश माना जाता है, हालांकि वह इसकी कभी पुष्टि नहीं करता। रूस और ईरान के बीच मजबूत रणनीतिक संबंध हैं, जो मध्य-पूर्व में रूस के प्रभाव को बनाए रखने में अहम हैं। खासकर दिसंबर 2024 में सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद ये संबंध और गहरे हो गए हैं।
मध्यस्थता निभाने की कोशिश में रूस
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने खामेनेई की हत्या को क्रूर और निंदनीय कृत्य करार दिया है। मॉस्को ने दोनों पक्षों से तुरंत संघर्ष रोकने की मांग की है। क्रेमलिन ने बताया कि पुतिन ने सोमवार को खाड़ी के अरब नेताओं से बातचीत की थी और अब वे ईरान को उन चिंताओं से अवगत कराएंगे जो अरब देशों ने ईरान के हालिया सैन्य हमलों को लेकर जताई हैं। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि पुतिन तनाव कम करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे, भले ही यह राहत मामूली ही क्यों न हो। रूस इस संकट में मध्यस्थता की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन