ईरान को मिसाइल केमिकल की सप्लाई कर रहा था चीन? नए दावे से मचा हड़कंप; US ने जब्त किया है जहाज
US ने ईरानी जहाज पर ओमान की खाड़ी में हमला किया और अब वह अमेरिका के कब्जे में है। ट्रंप के मुताबिक यह जहाज होर्मुज के पास अमेरिकी नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहा था।
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की अवधि खत्म होने से पहले US ने सोमवार को एक ईरानी जहाज पर हमला कर उसे जब्त कर लिया था। अब इस जहाज को लेकर एक बड़ा दावा किया जा रहा है, जिससे हड़कंप मच गया है। अमेरिका की रिपब्लिकन पार्टी की नेता और भारतीय मूल की निक्की हेली ने दावा किया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास अमेरिकी नेवी द्वारा जब्त किया गया ईरानी जहाज चीन से ईरान जा रहा था और उसमें मिसाइल बनाने से जुड़े केमिकल थे।
निक्की हेली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट ने यह दावा किया है। उन्होंने कहा है कि ईरान को युद्ध में चीन से मदद मिल रही है और अब इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने लिखा, “ होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका ने जिस जहाज को ज़ब्त किया, वह चीन से ईरान की ओर जा रहा था और उसका संबंध मिसाइलों के लिए केमिकल की खेप से है। उसने रुकने के बार-बार दिए गए आदेशों को मानने से इनकार कर दिया। युद्ध में चीन द्वारा ईरानियों की मदद करने की संभावना एक ऐसी हकीकत है जिसे अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।"
ओमान की खाड़ी में हुआ हमला
गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिका ने ईरान के झंडे वाले कंटेनर जहाज तूस्का को जब्त कर लिया है, जिससे तनाव बढ़ गया है। शिप करीब 900 फीट लंबी है और इसका वजन लगभग एक विमान वाहक पोत के बराबर है। जानकारी के मुताबिक यह जहाज इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान शिपिंग लाइन्स (IRISL) ग्रुप का हिस्सा है, जिस पर पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंध लगे हुए हैं। शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, इस जहाज को ओमान की खाड़ी में ईरान के चाबहार पोर्ट के पास रोका दिया गया।
जहाज पर क्या लदा है?
अमेरिकी सुरक्षा सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया है कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि जहाज में “ड्यूल यूज” मटेरियल हो सकते हैं। इसका मतलब ऐसे उत्पादों से है, जिसका इस्तेमाल सैन्य और औद्योगिक दोनों कामों में किया जा सकता है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, ऐसे ड्यूल यूज सामान में कुछ धातु, पाइप और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट शामिल हो सकते हैं, जिनका इस्तेमाल मिसाइल प्रोग्राम में भी किया जा सकता है। एक अधिकारी ने बताया कि यह जहाज पहले भी ऐसे सामान ले जा चुका है।
ईरान बौखलाया
अमेरिका ने पहले भी इस तरह के आरोप लगाए हैं कि युद्ध में चीन ईरान की मदद कर रहा है। हालांकि चीन ने इन आरोपों को खारिज किया है। वहीं ईरान की सेना ने इस कार्रवाई को हथियारबंद समुद्री लूट बताया है। तेहरान ने यह भी साफ किया कि जब तक अमेरिका नाकेबंदी नहीं हटाता, वह इस्लामाबाद में होने वाली दूसरे दौर की वार्ता में शामिल नहीं होगा।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन