Iran War Latest Update Strait of Hormuz is a nuclear bomb for Iran says former US general ईरान के लिए परमाणु बम है होर्मुज; पूर्व US जनरल ने बताया इसे खोलना क्यों है मुश्किल, International Hindi News - Hindustan
More

ईरान के लिए परमाणु बम है होर्मुज; पूर्व US जनरल ने बताया इसे खोलना क्यों है मुश्किल

पूर्व यूएस सैन्य जनरल और नाटो के सुप्रीम अलाइड कमांडर रह चुके क्लार्क ने कहा कि होर्मुज ईरान के लिए परमाणु हथियार की तरह उपयोगी है। वह इस बात को अच्छी तरह से समझता है और बातचीत में इसका उपयोग कर रहा है। यूएस इसे खोलने जाता है, तो यह एक महंगा युद्ध होगा।

Tue, 21 April 2026 01:57 AMUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
share
ईरान के लिए परमाणु बम है होर्मुज; पूर्व US जनरल ने बताया इसे खोलना क्यों है मुश्किल

पश्चिम एशिया में जारी जंग अब थमकर बातचीत की टेबल पर आ गई है। ईरान ने होर्मुज के ऊपर प्रतिबंध लगाया हुआ है और उसके कुछ मील दूर ईरानी जहाजों के लिए अमेरिका ने ब्लाकेड लगाया हुआ है। अब पूर्व अमेरिकी जनरल और नाटो के सुप्रीम अलाइड कमांडर रह चुके वीसली क्लार्क ने होर्मुज को लेकर कहा है कि अमेरिका अगर इसे बलपूर्वक खोलने की कोशिश करता है, तो यह अभियान उसके लिए बहुत महंगा साबित होगा।

सीएनएन से बात करते हुए क्लार्क ने होर्मुज खोलने के लिए अमेरिका द्वारा सैन्य प्रयोग को एक महंगा अभियान करार दिया। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि इसे खोलने के लिए अमेरिका के बाद कोई सैन्य विकल्प है या फिर नहीं। लेकिन अगर अमेरिका ऐसा करने की कोशिश करता है, तो उसे एक लंबी और महंगी लड़ाई लड़नी होगी। यह 1980 के दशक का टैंकर युद्ध नहीं है, यह पूरी तरह से अलग स्थिति है। यहां पर ईरान अब पूरी तरह से तैयार है।”

होर्मुज में अमेरिका के लिए है खतरा: क्लार्क

क्लार्क ने होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी चुनौती को बताते हुए इसे तेहरान के लिए एक परमाणु हथियार बताया। उन्होंने कहा, "ईरान इस जलमार्ग के रणनीतिक महत्व को समझता है। यह उसके लिए परमाणु हथियार से भी ज्यादा उपयोगी हो गया है और वह इसका इस्तेमाल बातचीत में कर रहा है।" होर्मुज में अमेरिकी नौसेना की चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "वहां पर समुद्री बारूदी सुरंगे, तेज रफ्तार बोट्स और मिसाइलों का खतरा है। इन सबसे अलग आधुनिक दौर के ड्रोन्स से भी ईरान को यहां पर मजबूती मिलती है।" क्लार्क ने इस बात पर जोर दिया कि ट्रंप प्रशासन साफ संकेत दे रहा है कि वह जमीन पर अपने सैनिक भेजने के लिए तैयार नहीं है और न ही वह अपने युद्धपोतों को ईरानी मिसाइलों की जद में लाना चाहता है। अमेरिका ओमान से लेकर पाकिस्तान-ईरान सीमा तक ब्लाकेड किए हुए है, जो कि एक आसान उपाय है। ऐसा किया जा सकता है। लेकिन इसे खोलना आसान नहीं है।

ईरान ने होर्मुज में सारे सबक सीख लिए हैं: क्लार्क

क्लार्क ने कहा कि ईरान दशकों से होर्मुज को एक किलेबंद संरचना की तरह बना रहा है। उन्होंने कहा, "यह इलाका बहुत ही ज्यादा संकरा है। ऐसी स्थिति में ईरान ने दशकों से इसे किलाबंद किया हुआ है। ईरानी सेना पहाड़ियों से छिपकर इस पूरे रास्ते पर रियल टाइम नजर रख सकती है। उनके पास चीनी तकनीक भी है, जो उन्हें और भी ज्यादा खतरनाक बनाती है।"

बता दें, होर्मज के एक तरह ईरान की पहाड़ियां है, जिस पर ईरानी सेना पूरी मजबूती के साथ तैनात है। अगर अमेरिका किसी तरह एक लंबी लड़ाई के बाद इस संकरे समुद्री रास्ते को खोल भी लेता है, तब भी इसे सुरक्षित रखना एक बड़ी चुनौती होगी। क्योंकि 28 फरवरी के बाद ईरान ने व्यापारिक जहाजों को रोकने के लिए केवल दो से तीन जहाजों के ऊपर हमला किया था। इसके बाद बाकी जहाज अपने-आप ही ईरान के साथ सहमति बनाकर काम करने लगे। इस समुद्री मार्ग की सत्यता यही है कि जब तक ईरान नहीं चाह लेता, तब तक इसे खोलना और पूरी तरह से सुरक्षित रखना लगभग असंभव है।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।