Pakistani cleric uncoveres systematic abuse of women by state backed militants in PoK एक रोटी के बदले कश्मीरी महिलाओं का शोषण… PoK में पाकिस्तान की काली करतूतों का कबूलनामा, International Hindi News - Hindustan
More

एक रोटी के बदले कश्मीरी महिलाओं का शोषण… PoK में पाकिस्तान की काली करतूतों का कबूलनामा

पाकिस्तानी मौलाना ने पाकिस्तान का पूरा कच्चा चिट्ठा खोल दिया है। इससे पहले मानवाधिकार समूहों ने PoK में यौन हिंसा और स्थानीय लोगों के साथ दुर्व्यवहार के मामलों का जिक्र कर चिंता जताई है।

Tue, 31 March 2026 11:51 AMJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
share
एक रोटी के बदले कश्मीरी महिलाओं का शोषण… PoK में पाकिस्तान की काली करतूतों का कबूलनामा

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में महिलाओं के शोषण को लेकर हाल ही में पाकिस्तान के एक मौलाना ने ही बड़ा कबूलनामा किया है। पाकिस्तान के देवबंदी मौलाना मुफ्ती सईद खान ने बताया है कि किस तरह PoK में नागरिकों की स्थिति बदतर होती जा रही है। मौलाना ने कबूला है कि यहां सक्रिय ‘मुजाहिदीन’, महिला शरणार्थियों का सालों से शोषण कर रहे हैं।

बता दें कि मुफ्ती सईद खान को पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का करीबी माना जाता है। उन्होंने हाल ही में यह बातें ‘कश्मीर एंड आवर हाइपोक्रेसी’ नाम के एक लेक्चर में यह बातें कही हैं। मौलाना ने बताया कि कश्मीरी मुस्लिम महिलाएं और लड़कियां, जो शरणार्थी कैंपों में रह रही थीं, उन्हें खाने जैसी बुनियादी जरूरतों के बदले यौन शोषण के लिए मजबूर किया जाता था। उन्होंने कहा कि कई मामलों में महिलाओं को सिर्फ एक रोटी के बदले अपने शरीर का सौदा करने के लिए मजबूर किया गया।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:PoK में पाकिस्तान की 1963 वाली वह हरकत, जिसने आज भारत और चीन में बढ़ाया तनाव

सालों से शोषण कर रहा पाक

बता दें कि इन आतंकियों पर स्थानीय लोगों, खासकर महिलाओं के शोषण के आरोप लंबे समय से लगते रहे हैं। अब मौलाना के इस बयान को पाकिस्तान का कबूलनामा माना जा रहा है। न्यूज 18 ने अपनी एक रिपोर्ट में खुफिया सूत्रों के हवाले से बताया कि मौलाना का बयान उन दस्तावेजों से मेल खाता है, जिन्हें भारत पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा कर चुका है। वहीं कई मानवाधिकार समूह भी इसे लेकर चिंता जाहिर कर चुके हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:भारत को लेकर झूठ बकता रहा पाकिस्तान, अमेरिका ने दुनिया को बता दी सच्चाई

सड़कों पर उतरे थे लोग

बीते साल PoK में दशकों में सबसे बड़े विरोध प्रदर्शन भी हुए थे। पाकिस्तान के दमन और शोषण के खिलाफ मुजफ़्फ़राबाद, मीरपुर, कोटली, रावलकोट और नीलम घाटी में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। पाकिस्तान ने प्रदर्शनों को दबाने के लिए एक बार फिर फायरिंग का सहारा लिया और पाकिस्तानी बलों की फायरिंग में कई लोगों की मौत हो गई।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:पाकिस्तान खुद एक समस्या, भारत है उससे अच्छा मीडिएटर; इजरायल से उठी मांग

भारत ने जताई थी चिंता

भारत ने एक बयान जारी कर इस पर चिंता जताई थी। भारत ने कहा था कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जारी अशांति इस्लामाबाद के दशकों के शोषण और दमन का अनिवार्य परिणाम है। भारत ने इस दौरान यह भी स्पष्ट किया था कि PoK भारत का अभिन्न अंग है। विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, 'हमने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में हो रहे प्रदर्शनों और निर्दोष नागरिकों पर पाकिस्तानी बलों की बर्बरताओं की खबरें देखी हैं। यह पाकिस्तान की दमनकारी नीतियों और दशकों से इन इलाकों के संसाधनों की लूट का नतीजा है। यह क्षेत्र पाकिस्तान के अवैध कब्जे में है और उसे इन गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराना चाहिए।’”

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।