भारत को लेकर झूठ बकता रहा पाकिस्तान, अमेरिका ने दुनिया को बता दी सच्चाई; काली करतूतों का किया खुलासा
पाकिस्तान इस समय पश्चिम एशिया में जारी जंग के बीच चौधरी बनने की कोशिश कर रहा है और खुद को मध्यस्थ के रूप में पेश कर रहा है। इस बीच ताजा अमेरिकी रिपोर्ट में पाकिस्तान की काली करतूतों का खुलासा हुआ है।

पाकिस्तान और आतंकवाद का पुराना नाता किसी से छिपा नहीं है। दशकों से देश में आतंकियों को सुरक्षित पनाह देने वाले पाकिस्तान को लेकर अब अमेरिका ने भी आगाह किया है। ताजा अमेरिकी रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान आज भी आतंकियों और आतंक के आकाओं का सबसे पसंदीदा पनाहगाह बना हुआ है। यही नहीं रिपोर्ट में पाकिस्तान द्वारा भारत को लेकर कहे जा रहे झूठ का भी पर्दाफाश हुआ है। यह रिपोर्ट ऐसे समय में सामने आई है जब ईरान और अमेरिका के बीच जारी जंग में पाकिस्तान खुद को मध्यस्थ के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है। इस बीच अमेरिका ने पाकिस्तान की कड़वी सच्चाई दुनिया के सामने रखी है।
यह रिपोर्ट US कांग्रेस रिसर्च सर्विस (CRS) ने जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक दशकों तक स्टेट स्पॉन्सर्ड अभियानों और रणनीतिक नीतियों में बदलाव का दिखावा करने वाले पाकिस्तान में आज भी कई तरह के आतंकवादी समूह पनाह लिए हुए हैं। रिपोर्ट की मानें तो पाक में इस वक्त करीब 15 बड़े आतंकी समूह सक्रिय हैं। इनमें वैश्विक स्तर पर सक्रिय, भारत केंद्रित, अफगानिस्तान-केंद्रित, घरेलू स्तर पर सक्रिय और सांप्रदायिक समूह शामिल हैं।
आतंकियों को पाल रहा पाक
इन 15 समूहों में से 12 को US कानून के तहत 'विदेशी आतंकवादी संगठन' (FTOs) घोषित किया गया है और इनमें से ज़्यादातर समूह चरमपंथी विचारधारा से प्रेरित हैं। रिपोर्ट में इन नेटवर्कों को खत्म करने में पाकिस्तान की नाकामी की ओर इशारा कर रही है। रिपोर्ट में बताया गया है कि US और UN द्वारा घोषित आतंकवादी संगठन अभी भी पाकिस्तान की धरती पर खुलेआम घूम रहे हैं। रिपोर्ट में आगे चिंता जताई गई है कि 2014 के 'नेशनल एक्शन प्लान' में सभी सशस्त्र मिलिशिया को खत्म करने का आदेश दिए जाने के बावजूद, पाक अब तक इन आतंकियों को पाल रहा है।
भारत के लिए बड़ा खतरा
रिपोर्ट में विशेष रूप से भारत-केंद्रित समूहों पर जोर दिया गया है। उदाहरण के लिए हिजबुल मुजाहिदीन और जैश-ए-मोहम्मद जैसे समूहों के पास 1,500 से ज्यादा समर्थकों के सक्रिय दस्ते मौजूद हैं। क्षेत्रीय स्तर पर पाकिस्तान अभी भी भारत-केंद्रित समूहों के लिए एक ठिकाना बना हुआ है। इनमें लश्कर-ए-तैयबा, जैश और हिजबुल का नाम भी शामिल है।
रिपोर्ट ने खोली पोल
पाकिस्तान की एक और पोल रिपोर्ट ने खोली है। इस रिपोर्ट में पाकिस्तान के बड़े झूठ का पर्दाफाश हुआ है। जहां पाकिस्तान बलूचिस्तान में कुछ गुटों के उग्रवाद को भारत प्रायोजित आतंकवाद का नाम देता है, वहीं अमेरिकी रिपोर्ट ने अफगानिस्तान के गृह मंत्री सिराजुद्दीन हक्कानी के नेतृत्व वाले 'हक्कानी नेटवर्क' का सीधा संबंध पाकिस्तान की खुद की खुफिया एजेंसियों से जोड़ा है। बता दें कि भारत ऐसे बेबुनियाद आरोपों को पहले ही खारिज कर चुका है और स्पष्ट रूप से कहा है कि पाकिस्तान को अपनी नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए दूसरों पर आरोप लगाना बंद करना चाहिए।

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