how pakistan created trouble between china and india by shaksgam valley in 1963 PoK में पाकिस्तान की 1963 वाली वह हरकत, जिसने आज भारत और चीन में बढ़ाया तनाव, India News in Hindi - Hindustan
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PoK में पाकिस्तान की 1963 वाली वह हरकत, जिसने आज भारत और चीन में बढ़ाया तनाव

भारत ने शक्सगाम घाटी में चीन की ओर से इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर आपत्ति जताई थी। इस पर जब चीन से सवाल किया गया तो उसके विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने इसे चीन का ही हिस्सा बता दिया। माओ निंग ने कहा, 'सबसे पहली बात यह कि आप जिस इलाके की बात कर रहे हैं, वह चीन का हिस्सा है।'

Tue, 13 Jan 2026 04:04 PMSurya Prakash लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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PoK में पाकिस्तान की 1963 वाली वह हरकत, जिसने आज भारत और चीन में बढ़ाया तनाव

चीन ने एक बार फिर से भारत के इलाके पर दावा करके विवाद पैदा कर दिया है। भारत के जम्मू-कश्मीर का हिस्सा शक्सगाम घाटी पर चीन ने दावा ठोक दिया है। इसके चलते दोनों देशों के बीच एक बार फिर से तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। पिछले दिनों भारत ने शक्सगाम घाटी में चीन की ओर से इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर आपत्ति जताई थी। इस पर जब चीन से सवाल किया गया तो उसके विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने इसे चीन का ही हिस्सा बता दिया। माओ निंग ने कहा, 'सबसे पहली बात यह कि आप जिस इलाके की बात कर रहे हैं, वह चीन का हिस्सा है।'

इसी पर भारत ने सख्त आपत्ति जताई है। यह विवाद पुराना नहीं है। चीन की ओर से चाइना पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर यानी CPEC की शुरुआत की गई थी। तब उसने भारत से इसमें शामिल होने की अपील की थी, लेकिन इसे भारत की ओर से खारिज कर दिया गया था। इसकी वजह यह थी कि यह प्रोजेक्ट उस हिस्से से होकर गुजरता है, जो भारत के जम्मू-कश्मीर का हिस्सा रहा है। किंतु 1947-48 की जंग के दौरान पाकिस्तान ने इस इलाके पर अवैध कब्जा जमा लिया था। फिर उसने इस इलाके के एक हिस्से को चीन को ही सौंप दिया।

उसी को लेकर विवाद है और भारत किसी भी हाल में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर, गिलगित-बाल्टिस्तान और शक्सगाम वैली वाले इलाके को छोड़ नहीं सकता। यह इलाका चीन के शिनजियांग प्रांत से सटा हुआ है। काराकोरम के पास यह इलाका पड़ता है, जो अक्साई चिन के भी नजदीक है। इसे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के गिलगित क्षेत्र का ही हिस्सा माना जाता है। पाकिस्तान ने 1963 में इस इलाके को चीन को सौंप दिया था, जो वास्तव में भारत का हिस्सा है। इसका क्षेत्रफल 5,180 वर्ग किलोमीटर है। इसे पाकिस्तान ने सिनो-पाकिस्तान बार्डर एंग्रीमेंट करार दिया था। भारत इस एग्रीमेंट को खारिज करता है। वजह यह कि पूरा इलाका संवैधानिक तौर पर भारत का ही है।

इसी हिस्से के पास से होकर गुजरता है काराकोरम हाईवे

वहीं अब चीन उलटा चोर कोतवाल को डांटे की भूमिका में दिखता है। वह अब अवैध रूप से पाकिस्तान से हासिल शक्सगाम इलाके को अपनी टेरिटरी मानता है। उसने यहां बड़े पैमाने पर इन्फ्रा तैयार किया है। इसके अलावा पाकिस्तान और चीन के बीच निकला काराकोरम हाईवे भी इसी हिस्से के पास से होकर गुजरता है। अब इस इलाके को हाईवे से लिंक करने के लिए चीन की ओर से यहां इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है और भारत ने इस पर आपत्ति जाहिर की है। इस संबंध में बात करने पर माओ निंग ने कहा कि हमारा तो इसके लिए पाकिस्तान से एग्रीमेंट हुआ था। चीन और पाकिस्तान की यहां सीमा लगती है और यह स्थिति 1960 से ही है। अब माओ निंग को लेकर भारत की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आ सकती है।