US-ईरान को एक मेज पर लाने में पाकिस्तान की हवा हुई टाइट, पूरे इस्लामाबाद में डर का माहौल
अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को उच्च-स्तरीय वार्ता की मेजबानी करने जा रहे पाकिस्तान ने राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों को सुरक्षा की गारंटी भी दी गई है।

अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत करवाने की पाकिस्तान की हवा टाइट हो गई है। शुक्रवार को होने वाली इस बातचीत से पहले पूरे इस्लामाबाद में डर का माहौल है और शहर को किले में बदलने की कोशिश की जा रही है। बता दें कि अमेरिका और ईरान ने बुधवार को दो हफ्ते के युद्धविराम पर सहमति जताई थी। इसके बाद, अब मतभेदों को सुलझाने और मौजूदा युद्धविराम को एक स्थायी शांति में तब्दील करने के लिए इस्लामाबाद में दोनों पक्षों के बीच बैठक होनी है।
इससे पहले पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था चौबंद की गई है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों ने गुरुवार को राजधानी भर में सुरक्षा बढ़ा दी है। यहां प्रमुख सड़कों को सील कर दिया गया, ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है और कई संवेदनशील क्षेत्रों को बंद भी कर दिया गया है।जानकारी के मुताबिक इस बातचीत से जुड़े सभी अधिकारियों के देर रात इस्लामाबाद पहुंचने की उम्मीद है।
अचूक सुरक्षा का वादा
पाकिस्तान ने विदेशी मेहमानों को अचूक सुरक्षा का वादा किया है। पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने US की कार्यवाहक राजदूत नैटली बेकर के साथ एक बैठक के दौरान कथित तौर पर आश्वासन दिया कि आने वाले गणमान्य अतिथियों के लिए सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। US प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को विशेष अतिथि बताते हुए नकवी ने कहा, “सभी मेहमानों को हर तरह से अचूक सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक व्यापक योजना तैयार की गई है।”
पाकिस्तान पर भरोसा नहीं, US ने भेजी अपनी टीम
सुरक्षा को लेकर पाकिस्तान पर भरोसा करना मुश्किल है और इसीलिए अमेरिका की एक टीम अलग से इसका मुआयना करने पाकिस्तान पहुंची है। डॉन की एक रिपोर्ट में सूत्रों का हवाला देते हुए बताया गया कि 30 सदस्यों वाली अमेरिका की एक अग्रिम टीम जमीनी स्तर पर सुरक्षा तैयारियों का जायज़ा लेने के लिए पहले ही इस्लामाबाद पहुंच चुकी है।
2 दिन की छुट्टी
इस्लामाबाद और रावलपिंडी में हालात यह हैं कि प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही और ठहरने की सुविधा के लिए, अधिकारियों ने राजधानी में दो दिन के स्थानीय अवकाश की घोषणा कर दी गई है। इस्लामाबाद पुलिस ने सोशल मीडिया पर एक एडवाइजरी जारी करते हुए आवाजाही पर सख्त प्रतिबंधों की घोषणा की है।
एडवाइजरी में कहा गया है, "रेड जोन और उसके आसपास के क्षेत्र आधिकारिक वाहनों को छोड़कर सभी प्रकार के ट्रैफिक के लिए बंद हैं। नागरिकों से अनुरोध है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें।" पुलिस के बयान में आगे कहा गया है कि रेड जोन, जहां प्रमुख सरकारी इमारतें, विदेशी दूतावास और आधिकारिक आवास स्थित हैं, को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। कई सड़कों और सोसाइटी समेत पूरे इलाकों में कड़ी पाबंदियां लगाई गई हैं।
बातचीत से मुकर जाएगा ईरान?
हालांकि इस बातचीत से ठीक पहले ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने लेबनान में हाल ही में हुए इजरायली हमलों पर चिंता जताते हुए चेतावनी दी कि ऐसे कदम कूटनीतिक प्रक्रिया को कमजोर कर सकते हैं। उन्होंने कहा, "ऐसे कदम धोखे और नियमों के उल्लंघन का संकेत देते हैं, जिससे बातचीत बेमानी हो जाती है। हमारे हाथ ट्रिगर पर ही रहेंगे। ईरान अपने लेबनानी भाइयों और बहनों को कभी अकेला नहीं छोड़ेगा।" उन्होंने लेबनान में इजरायली हमलों में 200 से अधिक मौतों के बाद यह बयान दिया है। वहीं दूसरी तरफ वाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा है कि अमेरिका की ओर से डोनाल्ड ट्रंप उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में एक वार्ता दल भेज रहे हैं। इस प्रतिनिधिमंडल में विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के भी शामिल होने की उम्मीद है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन