किसी को पाकिस्तान नहीं भेजा, ईरान ने अमेरिका से बातचीत के लिए रखी शर्त
ईरान ने कहा है कि जब तक लेबनान में युद्धविराम नहीं हो जाता, तब तक अमेरिका से वह कोई बात करने को तैयार नहीं है। ईरान की न्यूज एजेंसी ने सरकार के हवाले से दावा किया है कि उनका कोई भी प्रतिनिधि इस्लामाबाद नहीं पहुंचा है।

पाकिस्तान में अमेरिका के साथ शांतिवार्ता से पहले ईरान ने स्पष्ट कह दिया है कि जब तक लेबनान और इजरायल के बीच युद्धविराम नहीं हो जाता है, वह कोई बातचीत करने को इनकार नहीं है। ईरान ने कहा है कि उसकी कोई भी टीम इस्लामाबाद नहीं पहुंची है और इसको लेकर केवल झूठ फैलाया जा रहा है। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक तेहरान ने स्पष्ट कहा है कि ऐसी स्थिति में पाकिस्तान में बैठकर अमेरिका से बात करने का कोई मूड नहीं है।
लेबनान से बात करने को तैयार इजरायल
ईरान ने कहा, लेबनान में जब तक सीजफायर नहीं हो जाता, इस्लामाबाद में अमेरिका से बातचीत करने का कोई प्लान नहीं है। उधर इरान के दबाव को देखते हुए इजरायल ने लेबनान में सीजफायर प्लान पर बात करने पर सहमति जता दी है। बता दें कि वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दावा किया था कि ईरान का प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी अधिकारियों से बात करने पहुंच चुका है।
ईरान के फार्स न्यूज ने वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से झूठी जानकारी है। ईरान का एक भी प्रतिनिधि पाकिस्तान नहीं गया है। वहीं ईरान के न्यूज एजेंसी तासनिम ने कहा कि बातचीत ही निलंबित हो गई है। बता दें कि इस्लामाबाद में दो सप्ताह के सीजफायर को लेकर वार्ता होने वाली है। इसी बीच अमेरिका ने ईरान पर होर्मुज को लेकर कोई बात ना मानने के आरोप लगाया और इजरायल ने लेबनाने में हमले कर दिए।
इजरायल ने क्या कहा
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने लेबनान के साथ ''यथाशीघ्र'' सीधी बातचीत करने की मंजूरी दे दी है, जबकि पश्चिम एशिया संघर्ष में अस्थायी युद्धविराम बेरूत पर इजराइली बमबारी के कारण कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने यह आदेश लेबनान के अनुरोधों के जवाब में दिया है और बातचीत में मुख्य जोर हिजबुल्ला को निरस्त्र करने तथा पड़ोसी देशों के बीच शांतिपूर्ण संबंध स्थापित करने पर होगा।
उन्होंने बेरूत को सैन्य-मुक्त क्षेत्र बनाने के लेबनान के प्रधानमंत्री के आह्वान का स्वागत किया। लेबनान की ओर से इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। युद्ध विराम, होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान द्वारा अपनी पकड़ बनाये रखने और प्रस्तावित शांति वार्ता में कोई आम सहमति बन पाने की अनिश्चितता के कारण भी प्रभावित हो रहा है।
ईरान और अमेरिका, दोनों ने ही युद्धविराम की घोषणा के बाद अपनी-अपनी जीत का दावा किया था। वे अब एक-दूसरे पर दबाव डालते नजर आ रहे हैं। ईरान की कुछ अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसियों ने संकेत दिया है कि ईरानी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछा दी हैं। यह तेल के परिवहन के लिए एक बेहद अहम जलमार्ग है, जिसे तेहरान ने बंद कर दिया है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान इस समझौते का पालन नहीं करता है, तो अमेरिकी सेना उस पर पहले से भी कहीं ज़्यादा ज़ोरदार हमला करेगी।
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