pakistan on Backfoot after Netanyahu Threat Khawaja Asif Deletes Anti-Israel Post नेतन्याहू की धमकी से बैकफुट पर पाकिस्तान, इजरायल विरोधी पोस्ट डिलीट कर भागे ख्वाजा आसिफ, International Hindi News - Hindustan
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नेतन्याहू की धमकी से बैकफुट पर पाकिस्तान, इजरायल विरोधी पोस्ट डिलीट कर भागे ख्वाजा आसिफ

आपको बता दें कि इस्लामाबाद में होने वाली इस बैठक में एक ईरानी प्रतिनिधिमंडल भी शामिल होने वाला है, लेकिन इजरायल और पाकिस्तान के बीच छिड़ी इस जुबानी जंग ने माहौल को विषाक्त कर दिया है।

Fri, 10 April 2026 10:41 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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नेतन्याहू की धमकी से बैकफुट पर पाकिस्तान, इजरायल विरोधी पोस्ट डिलीट कर भागे ख्वाजा आसिफ

अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को इस्लामाबाद में होने वाली ऐतिहासिक शांति वार्ता से ठीक पहले एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ द्वारा इजरायल के खिलाफ की गई तीखी टिप्पणियों ने न केवल दोनों देशों के बीच तनाव पैदा कर दिया है, बल्कि इस महत्वपूर्ण वार्ता में पाकिस्तान की तटस्थ मध्यस्थ वाली छवि पर भी गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। इजरायल ने पाकिस्तान की भूमिका पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे असहनीय करार दिया है। इसके बाद रक्षा मंत्री को अपना पोस्ट डिलीट करना पड़ गया है।

विवाद तब शुरू हुआ जब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इजरायल को मानवता के लिए अभिशाप और कैंसर बताते हुए लेबनान में नरसंहार करने का आरोप लगाया। हालांकि, इजरायल की फटकार के बाद उन्होंने यह पोस्ट डिलीट कर दी, लेकिन तब तक कूटनीतिक नुकसान हो चुका था।

नेतन्याहू ने हड़काया

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने आसिफ के बयानों को अपमानजनक बताया। इजरायल ने कहा कि एक तरफ पाकिस्तान खुद को शांति प्रयासों में एक तटस्थ खिलाड़ी के रूप में पेश कर रहा है और दूसरी तरफ इजरायल के खिलाफ बोल रहा है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने इसे भयानक यहूदी विरोधी रक्तपात करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायल उन आतंकवादियों के खिलाफ अपनी रक्षा करना जारी रखेगा जो उसके विनाश की कसम खाते हैं।

दांव पर लगी पाकिस्तान की मध्यस्थता?

यह विवाद ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के अस्थायी युद्धविराम को स्थायी शांति में बदलने के लिए मेजबानी कर रहा है। पाकिस्तान को इस युद्धविराम का श्रेय दिया जा रहा था, लेकिन इस ताजा विवाद ने उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठा दिए हैं। लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने भी इजरायली हमलों को रोकने के लिए पाकिस्तान से मदद मांगी थी, जिससे पाकिस्तान की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई थी।

एक तरफ कूटनीतिक विवाद है, तो दूसरी तरफ जमीन पर युद्धविराम की स्थिति भी नाजुक बनी हुई है। वार्ता से महज 24 घंटे पहले अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम में दरारें दिखने लगी हैं। वाशिंगटन ने तेहरान पर आरोप लगाया है कि वह हॉर्मुज के रास्ते तेल की आवाजाही को सुगम बनाने के अपने वादे को पूरा नहीं कर रहा है। युद्धविराम के पहले 24 घंटों में इस मार्ग से केवल एक तेल टैंकर और पांच मालवाहक जहाज गुजरे, जबकि सामान्य तौर पर यहां से रोजाना 140 जहाज गुजरते हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान की आलोचना करते हुए कहा कि वह समझौते का पालन करने में बहुत खराब प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में लिखा, "यह वह समझौता नहीं है जो हमने किया था!"

आपको बता दें कि इस्लामाबाद में होने वाली इस बैठक में एक ईरानी प्रतिनिधिमंडल भी शामिल होने वाला है, लेकिन इजरायल और पाकिस्तान के बीच छिड़ी इस जुबानी जंग ने माहौल को विषाक्त कर दिया है।

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