Pakistan remains safe haven for terrorist groups threat to india US congressional report पाकिस्तान अब भी आतंकियों का गढ़, वहां महफूज हैं भारत के दुश्मन; अमेरिकी रिपोर्ट ने खोली पोल, International Hindi News - Hindustan
More

पाकिस्तान अब भी आतंकियों का गढ़, वहां महफूज हैं भारत के दुश्मन; अमेरिकी रिपोर्ट ने खोली पोल

अमेरिका की नवीनतम CRS रिपोर्ट ने पाकिस्तान के झूठ की पोल खोल दी है। जानिए कैसे लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे भारत-विरोधी आतंकी संगठन अब भी पाकिस्तानी धरती से बेखौफ अपना नेटवर्क चला रहे हैं।

Sat, 28 March 2026 01:28 PMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, इस्लामाबाद
share
पाकिस्तान अब भी आतंकियों का गढ़, वहां महफूज हैं भारत के दुश्मन; अमेरिकी रिपोर्ट ने खोली पोल

पाकिस्तान अभी भी भारत के खिलाफ सक्रिय आतंकवादी समूहों का गढ़ बना हुआ है। अमेरिकी कांग्रेस रिसर्च सर्विस (CRS) की हालिया रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि पाकिस्तान में कई प्रमुख आतंकवादी संगठन सक्रिय हैं, जो जम्मू-कश्मीर और भारत पर केंद्रित हैं। इस रिपोर्ट में एक परेशान करने वाला संदेश है- भारत, विशेषकर केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर को निशाना बनाने वाले आतंकी संगठन पाकिस्तानी धरती से बेखौफ और बिना किसी रोक-टोक के अपनी गतिविधियां चला रहे हैं।

25 मार्च को जारी CRS की 'इन फोकस' रिपोर्ट में 15 आतंकी संगठनों का विस्तार से वर्णन किया गया है। इनमें से कई गुटों को अमेरिका द्वारा 'विदेशी आतंकवादी संगठन' (FTO) घोषित किया जा चुका है। रिपोर्ट में 'भारत और कश्मीर-केंद्रित आतंकी समूहों' से लगातार बने हुए खतरों की ओर इशारा किया गया है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं-

  • लश्कर-ए-तैयबा (LeT)
  • जैश-ए-मोहम्मद (JeM)
  • हरकत-उल जिहाद इस्लामी (HUJI)
  • हरकत उल-मुजाहिदीन (HuM)
  • हिज्बुल मुजाहिदीन (HM)

प्रमुख आतंकी संगठनों की स्थिति

लश्कर-ए-तैयबा (LeT): 1980 के दशक के अंत में बने इस संगठन को 2001 में FTO घोषित किया गया था। यह अभी भी पाकिस्तान के पंजाब और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थित है। रिपोर्ट के अनुसार, 'वर्तमान में जेल में बंद हाफिज सईद के नेतृत्व वाले इस गुट ने प्रतिबंधों से बचने के लिए अपना नाम बदलकर 'जमात-उद-दावा' कर लिया है।' इसके पास 'कई हजार लड़ाके' हैं और इसी संगठन ने 2008 के मुंबई हमलों की साजिश रची थी, जिसमें 166 लोग मारे गए थे।

जैश-ए-मोहम्मद (JeM): साल 2000 में मसूद अजहर द्वारा स्थापित इस गुट को भी 2001 में FTO घोषित किया गया था। इसने 2001 के भारतीय संसद हमले में लश्कर का साथ दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, जैश के पास लगभग 500 हथियारबंद आतंकी हैं जो भारत, अफगानिस्तान और पाकिस्तान में काम करते हैं। इस संगठन का मुख्य उद्देश्य भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान में 'मिलाना' है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 'जैश ने खुले तौर पर अमेरिका के खिलाफ युद्ध की घोषणा की हुई है।'

हिज्बुल मुजाहिदीन (HM): 1989 में बने इस कश्मीर-केंद्रित समूह को 2017 में अमेरिका ने आतंकी संगठन घोषित किया था। इसके पास लगभग 1500 कैडर (आतंकी) हैं जो 'कश्मीर की आजादी या जम्मू-कश्मीर के पाकिस्तान में विलय' की मांग करते हैं।

ये समूह अल-कायदा और भारतीय उपमहाद्वीप में इसके सहयोगी संगठन (AQIS) जैसे वैश्विक संगठनों के साथ मिलकर काम करते हैं।

पाकिस्तान की विफलता और मदरसों की भूमिका

रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि पाकिस्तान आतंकी गुटों को खत्म करने में नाकाम रहा है। हवाई हमलों और लाखों 'खुफिया-आधारित ऑपरेशनों' सहित कई बड़े सैन्य अभियान, अमेरिकी और संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित इन आतंकवादी समूहों को हराने में विफल रहे हैं। 2014 के 'नेशनल एक्शन प्लान' का उद्देश्य भी इन गुटों को खत्म करना था, लेकिन ये आज भी मौजूद हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, पाकिस्तान ने 2023 में आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए "कुछ कदम" उठाए थे, लेकिन वहां के मदरसे अभी भी ऐसे सिद्धांत पढ़ा रहे हैं जो "हिंसक चरमपंथी विचारधारा को बढ़ावा" दे सकते हैं।

पीड़ित भी और समर्थक भी: पाकिस्तान का दोहरा चरित्र

दक्षिण एशिया विशेषज्ञ के. एलन क्रोनस्टेड द्वारा तैयार की गई यह CRS रिपोर्ट पाकिस्तान को 'पीड़ित और समर्थक' दोनों के रूप में चित्रित करती है। एक तरफ जहां इस्लामाबाद खुद घरेलू हिंसा (अशांत बलूचिस्तान प्रांत में अलगाववाद और खैबर पख्तूनख्वा में बिगड़ते हालात) से जूझ रहा है, वहीं दूसरी तरफ यह उन आतंकी नेटवर्कों की मेजबानी कर रहा है जो लंबे समय से भारत को निशाना बनाते आए हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:क्या है तुंगुस्का मिसाइल सिस्टम? भारत ने रूस से की तगड़ी डील, उड़ेंगे पाक के होश
ये भी पढ़ें:पाक में 322 रुपये हो गई पेट्रोल की कीमत, शहबाज शरीफ जनता से करने लगे मिन्नतें
ये भी पढ़ें:बांग्लादेश ने लगाई न्याय की गुहार, भारत ने किया समर्थन; कहा- हम पाक से वाकिफ

रिपोर्ट में पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी और अन्य गुटों को पांच व्यापक, और अक्सर आपस में जुड़े हुए, वर्गों में बांटा गया है।

  • वैश्विक स्तर पर सक्रिय
  • अफगानिस्तान-केंद्रित
  • भारत और कश्मीर-केंद्रित
  • घरेलू स्तर पर सक्रिय
  • सांप्रदायिक (शिया-विरोधी)

भारत का रुख

पाकिस्तान की इन गुटों को पूरी तरह से खत्म करने में अक्षमता या अनिच्छा के कारण पड़ोसियों के साथ उसका तनाव बना हुआ है। भारत लगातार इस बात पर कायम है कि स्थायी शांति के लिए सीमा पार आतंकवाद पर लगाम लगाना बेहद जरूरी है। पाकिस्तानी धरती पर मौजूद आतंकी ढांचे के बारे में अमेरिका के इस ताज़ा आकलन ने भारत के इस रुख को और मजबूती दी है।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।