What is the Tunguska Missile System India Strikes a Major Deal with Russia Pakistan Will Be Left Stunned क्या है तुंगुस्का मिसाइल सिस्टम? भारत ने रूस से की तगड़ी डील, उड़ेंगे पाकिस्तान के होश, Explainer Hindi News - Hindustan
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क्या है तुंगुस्का मिसाइल सिस्टम? भारत ने रूस से की तगड़ी डील, उड़ेंगे पाकिस्तान के होश

भारत और रूस के बीच इस प्रणाली के उन्नयन को लेकर लंबे समय से बातचीत चल रही थी। यह सौदा न केवल भारत की रक्षा तैयारियों को मजबूत करता है, बल्कि भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी को भी और गहरा बनाता है।

Sat, 28 March 2026 10:22 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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क्या है तुंगुस्का मिसाइल सिस्टम? भारत ने रूस से की तगड़ी डील, उड़ेंगे पाकिस्तान के होश

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने भारत पर ड्रोन हमले की नाकाम कोशिश की थी। इस दौरान एक साथ हजारों ड्रोन लॉन्च किए गए थे। हालांकि, भारत के दुरुस्त रक्षा प्रणाली ने तमाम हमलों को नाकाम कर दिया है। दुश्मन मुल्कों से बढ़ते ड्रोन खतरों के बीच भारत ने अपनी वायु रक्षा क्षमता को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रक्षा मंत्रालय ने रूस से तुंगुस्का (Tunguska) एयर डिफेंस मिसाइलों की खरीद के लिए 445 करोड़ रुपये का नया सौदा किया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब आधुनिक युद्ध में ड्रोन हमलों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।

यह प्रणाली मूल रूप से 1990 के दशक में भारतीय सेना में शामिल की गई थी, लेकिन अब इसे आधुनिक जरूरतों के अनुरूप अपग्रेड किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, ये नई मिसाइलें भारत की बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली को और मजबूत करेंगी और विमान, ड्रोन तथा क्रूज मिसाइल जैसे खतरों से निपटने में सक्षम होंगी।

खास बात यह है कि इन अपग्रेडेड मिसाइलों को विशेष रूप से कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन को निशाना बनाने के लिए तैयार किया गया है। हाल के वर्षों में देखा गया है कि अत्याधुनिक सिस्टम जैसे S-400 बड़े और तेज लक्ष्यों के लिए अधिक प्रभावी हैं, लेकिन छोटे और धीमी गति वाले ड्रोन के खिलाफ उनकी क्षमता सीमित हो सकती है।

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विशेषज्ञों का मानना है कि सस्ते ड्रोन झुंड (drone swarms) महंगे एयर डिफेंस सिस्टम के लिए बड़ी चुनौती बन रहे हैं। ये ड्रोन कम ऊंचाई पर उड़ते हुए रक्षा प्रणाली को चकमा दे सकते हैं और यदि उनमें से कुछ भी लक्ष्य तक पहुंच जाते हैं तो भारी नुकसान हो सकता है।

तुंगुस्का की क्या है खासियत?

तुंगुस्का प्रणाली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह मिसाइलों के साथ-साथ ट्विन 30 मिमी गनों से लैस होती है, जो छोटे और धीमे हवाई लक्ष्यों को नष्ट करने में बेहद कारगर हैं। इसे एक ‘क्लोज-इन वेपन सिस्टम’ के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, जो आने वाले खतरों के खिलाफ एक घना रक्षा कवच तैयार करता है। इसके अलावा, यह प्रणाली पूरी तरह मोबाइल है, जिससे इसे युद्ध के मैदान में आसानी से स्थानांतरित किया जा सकता है। यह बख्तरबंद वाहनों के साथ चलते हुए महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों और उपकरणों जैसे S-400 के रडार और लॉन्चर को सुरक्षा प्रदान कर सकती है।

भारत और रूस के बीच इस प्रणाली के उन्नयन को लेकर लंबे समय से बातचीत चल रही थी। यह सौदा न केवल भारत की रक्षा तैयारियों को मजबूत करता है, बल्कि भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी को भी और गहरा बनाता है।

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