पाकिस्तान में बिजली गुल! हर दिन 2 घंटे 'ब्लैकआउट' का फैसला, जानें कब से कब पावर कट
Pakistan Power Cut: पाकिस्तान सरकार ने शाम के पीक आवर्स में बिजली की बढ़ती मांग और महंगे ईंधन के बोझ को नियंत्रित करने के लिए देशभर में प्रतिदिन लगभग दो से ढाई घंटे की बिजली कटौती का फैसला किया है।

पाकिस्तान सरकार ने शाम के पीक आवर्स में बिजली की बढ़ती मांग और महंगे ईंधन के बोझ को नियंत्रित करने के लिए देशभर में प्रतिदिन लगभग दो से ढाई घंटे की बिजली कटौती का फैसला किया है। सरकार के मुताबिक, शाम 5 बजे से रात 1 बजे तक की अवधि में बिजली की मांग अचानक बढ़ जाती है, जबकि जलविद्युत उत्पादन में कमी के कारण आपूर्ति पर दबाव पड़ रहा है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण क्षेत्रीय ऊर्जा संकट गहराने और जीवाश्म ईंधन की कीमतों में उछाल से पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति और खराब हुई है।
पावर डिवीजन के बयान में कहा गया है कि यह कटौती पारंपरिक लोडशेडिंग नहीं, बल्कि बिजली की कीमतों में अचानक वृद्धि को रोकने के लिए एक लक्षित कदम है। सरकार ने वितरण कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि उपभोक्ताओं को निर्धारित कटौती की पूर्व सूचना दी जाए और अचानक बिजली गुल होने से बचा जाए।
बताया जा रहा है कि पंजाब प्रांत में स्थिति सबसे गंभीर बनी हुई है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बार-बार बिजली कटौती की शिकायतें आ रही हैं। मुल्तान इलेक्ट्रिक पावर कंपनी (MEPCO) के क्षेत्रों में कुछ इलाकों में बिजली कटौती प्रति घंटे से लेकर 16 घंटे तक पहुंच रही है। डॉन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, मुजफ्फरगढ़ और खानेवाल जैसे जिलों के निवासियों ने लंबी और अनियमित कटौती की शिकायत की है। रिपोर्ट के अनुसार, फैसलाबाद और लाहौर जैसे बड़े शहरों में भी प्रतिदिन तीन से चार घंटे की कटौती हो रही है, जबकि आसपास के ग्रामीण इलाकों में यह समस्या और गंभीर है।
पेट्रोलियम विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि बिजली संयंत्रों को गैस आपूर्ति में भारी कमी से संकट और बढ़ गया है। कतर से द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) के आयात पर 9 मई तक रोक लगा दी गई है, जिससे गैस आधारित बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है। वर्तमान में बिजली क्षेत्र को प्रतिदिन करीब 90 मिलियन क्यूबिक फीट स्वदेशी गैस मिल रही है, जबकि मई में पंजाब में यह बढ़कर 160 मिलियन क्यूबिक फीट प्रतिदिन होने की उम्मीद है।
रिपोर्ट के अनुसार, उर्वरक क्षेत्र को गैस आपूर्ति भी फिलहाल बंद है, जो अगले महीने बहाल होने की संभावना है। पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक तंगी और ऊर्जा संकट से जूझ रहा है, जिसमें ईरान युद्ध के कारण ईंधन आयात और कीमतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
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