पाक हुआ बेदम? अब रूस रुकवाएगा ईरान जंग; CIA के संपर्क में खुफिया चीफ क्या बोले
Iran War Endings: एक रिपोर्ट के मुताबिक, रूस की SVR विदेशी खुफिया एजेंसी के प्रमुख सर्गेई नारिशकिन ने 1 अप्रैल को कहा है कि रूसी एजेंसी ईरान की स्थिति के बारे में अपने अमेरिकी समकक्ष CIA के संपर्क में है।

Iran War Endings: ईरान युद्ध का आज (बुधवार, 1 अप्रैल को) 33वां दिन है। इस बीच अमेरिका और इजरायल पूरे ईरान में हमले कर रहे हैं। इन दोनों देशों ने ईरान के इस्फ़हान और फ़ारोख़शहर में स्थित दवा कंपनियाँ और स्टील प्लांट को भी निशाना बनाया है। दूसरी तरफ, इजरायल ने लेबनान में भी हमले किए हैं। इज़रायल के रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने कहा है कि दक्षिणी लेबनान में स्थित घरों को ढहा दिया जाएगा और विस्थापित हुए लाखों लेबनानी नागरिकों को वापस लौटने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान जंग रोकने पर बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा है कि यह युद्ध दो से तीन हफ्तों में खत्म हो सकता है। ट्रंप ने ये भी कहा है कि ईरान संग युद्ध खत्म करने के लिए तेहरान को उनके साथ कोई समझौता करने की ज़रूरत नहीं है। यह ट्रंप की अपने पिछले बयान से बड़ी पलटी है। उन्होंने कहा था कि अगर ईरान ने बातचीत और समझौता नहीं किया तो अमेरिकी सैनिक उसके ऊर्जा ठिकानों को तबाह कर देंगे। उधर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि उन्हें वॉशिंगटन की बातचीत पर कोई भरोसा नहीं है।
चौंकाने वाली खबर सामने आई
इसी बीच एक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। रूस की विदेशी खुफिया एजेंसी के प्रमुख का कहना है कि वह ईरान युद्ध को खत्म करने के लिए अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के संपर्क में है। टाइम्स ऑफ इजरायल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रूस की SVR विदेशी खुफिया एजेंसी के प्रमुख सर्गेई नारिशकिन ने 1 अप्रैल को कहा है कि रूसी एजेंसी ईरान की स्थिति के बारे में अपने अमेरिकी समकक्ष CIA के संपर्क में है।
खबर की टाइमिंग काफी अहम
यह बयान ऐसे समय में आया है, जब रूस पर ये आरोप लग रहे हैं कि उसने इजरायल और अमेरिका के साथ चल रहे युद्ध में पूरे खाड़ी क्षेत्र में हमले करने के लिए ईरान को खुफिया जानकारी और तकनीकी जानकारी (know-how) मुहैया कराई है। इससे पहले, खबरों के मुताबिक रूस ने प्रस्ताव दिया था कि अगर अमेरिका यूक्रेन को अपना तकनीकि और सैन्य समर्थन देना बंद कर दे, तो वह भी ऐसी जानकारी साझा करना रोक देगा; लेकिन वॉशिंगटन ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था।
पाकिस्तान, तुर्की, और मिस्र कर रहे मध्यस्थता
दूसरी तरफ, पाकिस्तान, तुर्की, और मिस्र जैसे मुस्लिम देश प्रमुख मध्यस्थ के रूप में उभरने की कोशिशों में जुटे हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने बहुत ही सक्रियता दिखाते हुए और आगे बढ़कर ईरान जंग को रोकने की दिशा में 'शटल डिप्लोमेसी' की है, जिसमें अमेरिका और ईरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान शामिल है। लेकिन उनकी डिप्लोमेसी रंग नहीं दिखा पा रही है।
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