ईरान पर अटैक होते ही पाकिस्तान ने बदल लिया दोस्त, फोन कर बोला- बेवजह हमलों की...
पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने शनिवार को एक कॉल में ईरानी विदेश मंत्री से कहा कि इस्लामाबाद अमेरिकी-इजरायली हमलों के बाद ईरान के खिलाफ बेवजह हमलों की कड़ी निंदा करता है। विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार ने कहा कि पाकिस्तान ने डिप्लोमेसी को तुरंत फिर से शुरू करके तनाव को तुरंत रोकने की अपील की है।

मिडिल ईस्ट में युद्ध की शुरुआत हो गई है। शनिवार को इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के कई शहरों पर हवाई हमले कर दिए। पहला हमला ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के दफ्तर के पास हुआ। इसके बाद राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में हमले किए गए। इन हमलों के बाद दुनियाभर के देशों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। पाकिस्तान ने इन हमलों को बेवजह का किया गया हमला बताते हुए कड़ी निंदा की। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान और अमेरिका के बीच दोस्ती काफी बढ़ गई है। पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ से लेकर सेना प्रमुख आसिम मुनीर तक व्हाइट हाउस का दौरा कर चुके हैं और डोनाल्ड ट्रंप भी दोनों की जमकर तारीफ करते रहे हैं, लेकिन जैसे ही अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमला बोला, वैसे ही पाकिस्तान के सुर बदल गए। अपने 'दोस्त' अमेरिका को झटका देते हुए पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार ने ईरान विदेश मंत्री को फोन घुमाया और कहा कि वह इन बेवजह के हमलों की निंदा करते हैं।
इसके अलावा, रूस ने भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के हिसाब से हम इसका शांतिपूर्ण समाधान खोजने में मदद करने को तैयार हैं। एक बयान के मुताबिक, पाकिस्तानी विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार ने कहा, "पाकिस्तान ने डिप्लोमेसी को तुरंत फिर से शुरू करके तनाव को तुरंत रोकने की अपील की है।" पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने शनिवार को एक कॉल में ईरानी विदेश मंत्री से कहा कि इस्लामाबाद अमेरिकी-इजरायली हमलों के बाद ईरान के खिलाफ बेवजह हमलों की कड़ी निंदा करता है। उधर, ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों पर रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा, ''रूस, पहले की तरह, इंटरनेशनल कानून, आपसी सम्मान और हितों के संतुलन के आधार पर शांतिपूर्ण समाधान खोजने में मदद करने के लिए तैयार है।''
अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को ईरान पर एक बड़ा हमला किया, जिसके बाद प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी जनता से कहा कि वे अपनी किस्मत पर कंट्रोल करें और 1979 से देश पर राज कर रहे इस्लामिक लीडरशिप के खिलाफ उठ खड़े हों। ट्रंप ने एक वीडियो में कहा, “जब हमारा काम खत्म हो जाए, तो अपनी सरकार संभाल लेना। यह तुम्हारा होगा। यह शायद पीढ़ियों के लिए तुम्हारा एकमात्र मौका होगा। यह बताते हुए कि बड़े कॉम्बैट ऑपरेशन चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई सालों से, तुमने अमेरिका से मदद मांगी है, लेकिन तुम्हें कभी नहीं मिली।
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