'50 हजार भारतीय ईरान में, पीएम मोदी के इजरायल जाने से...', ओवैसी की क्या मांग
इजरायल और US की ओर से पहला हमला सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालयों के पास हुआ। ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल को निशाना बनाते हुए पहले दौर के ड्रोन और मिसाइल दागीं।

अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को ईरान पर हमले शुरू कर दिए। ईरान की ओर से भी बड़े पैमाने पर मिसाइलें दागी गई हैं। ईरान में भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें भारतीयों से अत्यधिक सावधानी बरतने और जहां तक संभव हो घर के अंदर रहने की अपील की है। AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, 'भारत के 50 हजार नागरिक ईरान में हैं और 10 हजार लोग इजरायल में हैं। हम उम्मीद करते हैं कि उनको वापस लाया जाए।'
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, 'प्रधानमंत्री भी अभी इजरायल गए थे। आपने तो केवल एडवाइजरी जारी कर दी। गल्फ देशों में कुल मिलाकर 10 मिलियन (1 करोड़) लोग हैं। आप बताएं कि आखिर किसको नुकसान होगा। ये लोग अपने खून-पसीने की कमाई भारत में भेजते हैं। प्रधानमंत्री के जाने के बाद हमारा कौन सा राष्ट्रीय हित सधा है।' उन्होंने कहा कि ये मेरे सवाल हैं।
एडवाइजरी में क्या कहा गया
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'बदलते घटनाक्रम को देखते हुए ईरान में सभी भारतीय नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने, अनावश्यक आवाजाही से बचने और जहां तक संभव हो घर के अंदर रहने की सलाह दी जाती है।' दूतावास ने कहा कि सभी भारतीय नागरिक खबरों पर नजर बनाए रखें, आसपास की स्थिति के प्रति जागरूक रहें। भारतीय दूतावास से मिलने वाले आगे के निर्देशों का इंतजार करें।
ईरान की जवाबी कार्रवाई
रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल और अमेरिका की ओर से पहला हमला सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालयों के पास हुआ। ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल को निशाना बनाते हुए पहले दौर के ड्रोन और मिसाइल दागीं। इस बीच, बहरीन ने कहा कि अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय को मिसाइल से निशाना बनाया गया। ईरानी मीडिया ने देशभर में हमलों की खबरें दीं।
क्या बोले राष्ट्रपति ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए एक वीडियो में कहा कि अमेरिका ने ईरान में बड़े पैमाने पर युद्ध अभियान शुरू कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान परमाणु हथियार और मिसाइल प्रणालियां विकसित करने की कोशिश कर रहा था, जो अमेरिका तक पहुंच सकती थीं। उन्होंने ईरान के लोगों को अपनी सरकार पर कब्जा करने के लिए प्रोत्साहित किया। ट्रंप ने स्वीकार किया कि ईरान पर हमलों के बाद अमेरिकी हताहत हो सकते हैं। उन्होंने कहा, 'युद्ध में ऐसा अक्सर होता है।'




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