इजरायल, US, ईरान तनाव के बीच शांति करवाने के लिए आगे आया यह इस्लामिक देश, ट्रंप का खास
इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग को लेकर इंडोनेशिया ने शांति की अपील की है। इंडोनेशियाई विदेश मंत्रालय ने कहा कि अगर दोनों पक्ष राजी हों, तो इंडोनेशियाई राष्ट्रपति शांति वार्ता के लिए तेहरान आने को भी तैयार हैं।

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव अब खूनी संघर्ष में बदल गया है। तेहरान पर हमलों के बाद ईरान ने भी पलटवार करते हुए मध्य-पूर्व में मौजूद अमेरिकी बेस और इजरायल को निशाना बनाया है। दुनिया भर में शांति वार्ता करवाने वाले ज्यादातर देश इस युद्ध में उलझे हुए हैं। ऐसे में इंडोनेशिया ने इस युद्ध को समाप्त करवाने के लिए शांति वार्ता करवाने का प्रस्ताव दिया है। इंडोनेशिया के विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत करवाने के लिए तैयार हैं।
इंडोनेशियाई विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, "अमेरिका और ईरान के बीच जारी वार्ता के विफल होने का इंडोनेशिया को गहरा अफसोस है। इस बातचीत के विफल होने की वजह से ही मध्य-पूर्व में सैन्य तनाव बढ़ गया है। इंडोनेशिया सभी पक्षों से संयम रखने और बातचीत जारी रखने की अपील करता है। संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता देने से ही मुद्दों को सुलझाया जा सकता है।"
इंडोनेशियाई विदेश मंत्रालय की पोस्ट में आगे लिखा गया, “इंडोनेशियाई सरकार, मुख्य रूप से इंडोनेशिया गणराज्य के राष्ट्रपति शांति स्थापित करने और दोनों पक्षों में संवाद स्थापित करवाने के लिए मध्यस्थता करने को तैयार हैं। यदि दोनों पक्ष सहमत हों, तो इंडोनेशिया के राष्ट्रपति मध्यस्थता के लिए तेहरान की यात्रा को भी तैयार हैं।” आगे कहा गया कि अगर मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ता है तो फिर विश्व शांति और सुरक्षा में नई परेशानी उत्पन्न हो सकती है।
गौरतलब है कि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति उन चुनिंदा राष्ट्राध्यक्षों में शामिल हैं, जो कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में शामिल हुए हैं। अमेरिकी प्रशासन को इंडोनेशिया के करीब करने को लेकर भी वह काफी प्रयास करते हुए नजर आए थे। यह पहली बार नहीं है, जब वह अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों में मदद करने की कोशिश करते हुए नजर आ रहे हैं। इससे पहले भी गाजा में सैनिक भेजने के लिए तैयार होने वालों में भी वह सबसे पहले नंबर पर थे।
आपको बता दें, शनिवार तड़के इजरायल और अमेरिकी की सेना ने मिलकर तेहरान के ऊपर हवाई हमले कर दिए। इस हमले में कई लोगों के मारे जाने की खबर है। हालांकि, अभी तक ईरानी राज्य मीडिया की तरफ से केवल पांच छात्राओं के मारे जाने की खबर सामने आई है। इजरायली हमले के बाद ईरान ने भी तुरंत पलटवार करते हुए मध्य-पूर्व में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। ईरानी मिसाइलों ने कुवैत, आबू धाबी, बहरीन समेत करीब आठ देशों में मौजूद अमेरिकी बेस को पर हमला बोला। इजरायल में भी ईरानी हमले की वजह से लोगों में अफरा-तफरी का माहौल है। प्रशासन ने लोगों को सेल्टरों में जाने के लिए कहा है।
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