गैस-तेल की किल्लत से भारत के पड़ोसी देशों का बुरा हाल; पाकिस्तान से श्रीलंका तक क्या-क्या जुगाड़?
पाकिस्तान के मंत्रियों और अधिकारियों के दो महीनों के वेतन को काटने का फैसला किया गया है। वहीं अधिकारियों की विदेशी यात्राओं पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। श्रीलंका में भी कई उपाय लागू किए गए हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध में दुनिया का सबसे प्रमुख जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जंग का अखाड़ा बन गया है। ईरान ने यहां से जहाजों की आवाजाही प्रभावी रूप से बंद कर दी है जिसके बाद एशिया के कई आयात पर निर्भर देशों में ईंधन संकट गहराता जा रहा है। भारत समेत कई देश इससे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। हाल यह है कि भारत के पड़ोसी देशों में इस समस्या से निपटने के लिए ऐसे उपाय लागू किए जा रहे हैं जो लोगों को कोरोना महामारी की याद दिला रहे हैं। पड़ोसी देश श्रीलंका ने भी ईंधन संकट से निपटने के लिए हाल ही में एक ऐसा ही उपाय लागू किया है।
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच श्रीलंका ने सोमवार को देश में पांच दिनों के बजाय चार दिन का कार्य सप्ताह लागू करने की घोषणा की है। यह फैसला राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके की अध्यक्षता में हुई एक विशेष बैठक में लिया गया। इसके तहत अब हर बुधवार को सार्वजनिक अवकाश रहेगा। बता दें कि इससे पहले श्रीलंका में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू है। श्रीलंकाई अधिकारी ने ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि 18 मार्च से हर बुधवार को सार्वजनिक अवकाश रहेगा।
स्कूलों कॉलेजों की भी छुट्टी
अधिकारी के मुताबिक स्कूलों, विश्वविद्यालयों और न्यायपालिका में यह नियम लागू रहेगा। वहीं सरकार ने निजी क्षेत्र से भी इसी तरह की व्यवस्था अपनाने की अपेक्षा की है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था स्वास्थ्य सेवाओं, बंदरगाह, जल आपूर्ति और सीमा शुल्क विभाग पर लागू नहीं होगी। बीते दिनों पाकिस्तान में भी ऐसी ही घोषणा हुई थी।
पाकिस्तान में भी स्थिति खराब
इस बीच पाकिस्तान में भी स्थिति बिगड़ती जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान में LPG और LNG का कुछ दिनों का ही स्टॉक बचा है। ऐसे में शहबाज शरीफ की सरकार ने शनिवार को सरकारी संस्थानों के कर्मचारियों के वेतन में पांच से 30 प्रतिशत तक कटौती को मंजूरी दे दी है। वहीं सरकारी बयान के अनुसार, सरकार द्वारा नए वाहनों की खरीद पर पूर्ण प्रतिबंध और अन्य सरकारी खरीद पर रोक के फैसले को भी लागू रखा जाएगा।
इसके अलावा कैबिनेट सदस्यों, मंत्रियों, सलाहकारों और विशेष सहायकों के दो महीनों के वेतन को भी जनकल्याण के लिए बचत के रूप में उपयोग किया जाएगा। अधिकारियों, मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और विशेष सहायकों की विदेशी यात्राओं पर लगाया गया पूर्ण प्रतिबंध जारी रहेगा।
भारत सरकार ने क्या बताया?
भारत में सोमवार को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस को लेकर एक बार फिर स्थिति स्पष्ट की। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और पीएनजी की कोई कमी नहीं है और रिफाइनरयां पूरी क्षमता पर चल रही है। इसके अलावा पेट्रोल पंप भी सामान्य रूप से कम कर रहे हैं। संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुष्टि की कच्चे तेल की आपूर्ति पर्याप्त है। उन्होंने बताया कि सीएनजी और पीएनजी के लिए 100 फीस की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को पूरी सप्लाई मिल रही है। इसके साथ ही कमर्शियल LPG यूजर्स को जहां तक संभव हो PNG पर स्विच करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
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