Loud explosions heard from area of Iranian nuclear facility Report ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बना रहा अमेरिका? तेज धमाकों की सुनी गई आवाज, International Hindi News - Hindustan
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ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बना रहा अमेरिका? तेज धमाकों की सुनी गई आवाज

ईरान और अमेरिका के बीच छिड़ा युद्ध गहराता जा रहा है। ईरान के परमाणु ठिकानों के पास तेज धमाके सुनाई दिए हैं। ईरानी समाचार वेबसाइट्स ने इस बारे में खबर दी है।

Mon, 2 March 2026 09:29 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, तेहरान
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ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बना रहा अमेरिका? तेज धमाकों की सुनी गई आवाज

ईरान और अमेरिका के बीच छिड़ा युद्ध गहराता जा रहा है। ईरान के परमाणु ठिकानों के पास तेज धमाके सुनाई दिए हैं। ईरानी समाचार वेबसाइट्स ने इस बारे में खबर दी है। विस्फोट ईरान के केंद्रीय शहर के पास एक परमाणु ठिकाने के पास हुए। फुटेज में इस क्षेत्र के एक ईरानी वायु सेना के अड्डे से धुंआ उठता दिखाई दे रहा है। ये रिपोर्टें ऐसे समय में आई हैं जब इजरायल और अमेरिका ईरानी शासन, सैन्य और परमाणु ठिकानों पर लगातार हवाई हमले कर रहा है। यह हमले ऑपरेशन रोरिंग लायन और एपिक फ्यूरी का हिस्सा हैं।

अब तक 555 की मौत
गौरतलब है कि इजरायल-अमेरिका का ईरान पर संयुक्त हमला और उसकी जवाबी कार्रवाई सोमवार को तीसरे दिन भी जारी रही। इसमें अब तक ईरान में करीब 555 लोगों की मौत हो गई है। ईरान की जवाबी कार्रवाई में पड़ोसी देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों को आज भी निशाना बनाया गया। इस बीच सैन्य कार्रवाई में मारे गये ईरान के नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की घायल पत्नी की मौत हो गई। सरकारी टीवी ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए उन्हें शहीद करार दिया।

निशाने पर कई देश
इजरायल ने ईरान के साथ-साथ लेबनान को भी निशाना बनाया। साथ ही दावा किया कि उसने वहां सक्रिय आतंकी संगठन हिजबुल्लाह के खुफिया प्रमुख हुसैन माकलेद को मार डाला है। इससे पहले लेबनान ने कहाकि दक्षिणी इलाकों और राजधानी बेरूत पर इजरायली हवाई हमलों में कम से कम 31 लोग मारे गए और डेढ़ सौ से अधिक घायल हो गए। लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने हिजबुल्ला की सैन्य गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा करते हुए इजरायल के साथ बढ़ते तनाव के बीच संगठन से अपने हथियार सौंपने का आग्रह किया है।

यूरोपीय देशों का हस्तक्षेप का ऐलान
इस जंग में यूरोपीय देशों ने भी हस्तक्षेप करने का ऐलान कर दिया है। ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने पश्चिमी एशिया में जारी संघर्ष के बीच कहा है कि वे ईरान के खिलाफ ‘आवश्यक और आनुपातिक रक्षात्मक कार्रवाई’ के लिए तैयार हैं। तीनों देशों की ओर से रविवार को जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि हम क्षेत्र में अपने और अपने सहयोगियों के हितों की रक्षा के लिए कदम उठाएंगे, ताकि ईरान की मिसाइल और ड्रोन दागने की क्षमता को उनके स्रोत पर नष्ट किया जा सके। बयान में कहा गया कि इस मुद्दे पर तीनों देश अमेरिका और क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर काम करेंगे। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि ब्रिटेन ने अमेरिकी अनुरोध स्वीकार करते हुए अपने ठिकानों के उपयोग की अनुमति 'विशिष्ट और सीमित रक्षात्मक उद्देश्य' के लिए दी है।

रेड क्रेसेंट सोसाइटी के अनुसार, अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले शुरू होने के बाद से ईरान में कम से कम 555 लोग मारे गए हैं। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, एक लड़कियों के प्राथमिक विद्यालय पर हुए हमले में कम से कम 168 छात्राएं मारी गयीं, जबकि राजधानी और उत्तरी ईरान में अलग-अलग हमलों में तीन अन्य छात्र मारे गए। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान में एक चीनी नागरिक भी मारा गया है। साइप्रस के दक्षिणी तट पर अक्रोटिरी में ब्रिटिश एयरबेस पर सोमवार सुबह एक ड्रोन ने हमला किया। इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

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यूरोपीय यूनियन (ईयू) की अध्यक्ष उर्सूला वान डेर लेयेन ने कहा है कि पश्चिम एशिया की स्थिति अब भी अस्थिर बनी हुई है, लेकिन ईरान के लंबे समय से पीड़ित लोगों के लिए एक नई उम्मीद जगी है। इजरायल के अनुसार, ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू होने के बाद से इजरायल में कम से कम 10 लोग मारे गए हैं और 200 से अधिक घायल हुए हैं।

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