Jeffrey Epstein death was not a suicide claims doctor present during postmortem जेफ्री एपस्टीन की मौत खुदकुशी नहीं हत्या, पोस्टमॉर्टम के दौरान मौजूद डॉक्टर का दावा, International Hindi News - Hindustan
More

जेफ्री एपस्टीन की मौत खुदकुशी नहीं हत्या, पोस्टमॉर्टम के दौरान मौजूद डॉक्टर का दावा

जेफ्री एपस्टीन की मौत को लेकर ऑटोप्सी के दौरान ऑब्जर्वर के तौर पर मौजूद एक्सपर्ट ने दावा किया है कि उसकी मौत फांसी लगाने से नहीं बल्कि गला घोंटने से हुई थी। उन्होंने कहा कि यह खुदकुशी से ज्यादा हत्या का मामला लगता है। 

Sat, 14 Feb 2026 08:44 AMAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
share
जेफ्री एपस्टीन की मौत खुदकुशी नहीं हत्या, पोस्टमॉर्टम के दौरान मौजूद डॉक्टर का दावा

अमेरिका के यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन को लेकर लगातार नए-नए खुलासे हो रहे हैं। वहीं उसकी मौत अब भी रहस्य बनी हुई है। 2019 में गिरफ्तारी के बाद न्यूयॉर्क की जेल में उसकी मौत हो गी थी। एपस्टीन की पोस्ट मॉर्टम देखने के बाद फरेंसिक पैथलॉजिस्ट डॉ. मिशेल बाडेन ने कहा कि रिपोर्ट पर गौर करें तो एपस्टीन की मौत फांसी लगाकर नहीं हुई थी बल्कि गला घोंटा गया था। ऐसे में कहा जा सकता है कि उसकी मौत खुदकुशी नहीं बल्कि हत्या थी।

बाडेन ने द टेलिग्राफ को दिए इंटरव्यू में कहा, मेरे विचार से जेफ्री एपस्टीन की मौत गला घोंटने की वजह से हुई थी। इस मामले में और जांच होनी चाहिए तभी असली वजह का पता चल पाएगा। बता दें कि न्यूयॉर्क की जेल में जेफ्री एपस्टीन को मृत पाया गया था। इसके बाद मेडिकल एग्जामिनर ने इसे खुदकुशी बताया था। बाडेन ने खुद ऑटोप्सी नहीं की थी लेकिन ऑब्जर्वर के तौर पर उस वक्त वह मौजूद थे।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:प्राइवेट जेट, पावरफुल लोग और नाबालिग लड़कियां; एपस्टीन ने कैसे खड़ा किया किला

उन्होंने कहा, ऑटोप्सी करने वाले दोनों ही एग्जामिनर इस बार पर हमसत थे कि मौत के असली कारण का पता लगाने के लिए और जांच की जरूरत है। उन्होंने बताया कि एपस्टीन की मौत के पांच दिन बाद ही सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया था। उस समय की चीफ मेडिकलएग्जीमिनर डॉ. बारबारा सैंपसन ने इसे खुदकुशी बताया था।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:एपस्टीन केस में CONG ने केंद्रीय मंत्री को घेरा, US से अंबानी को खुशखबरी; टॉप-5

उन्होंने यह भी बताया की सैंपसन पोस्टमॉर्टम के दौरान वहां मौजूद भी नहीं थीं। जेफ्री एपस्टीन के गले में तीन निशान पाए गए थे। दो आगे की तरफ और एक पीछे की ओर। इसकेअलावा तीन जगह से गर्दन में फ्रैक्चर हुआ था। डॉ. बदान ने कहा कि उन्होंने अपने करियर में इस तरह के फ्रैक्चर फांसी लगाने के केस में कभी नहीं देखे।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:एपस्टीन फाइल्स ने हिला दी कई देशों की सरकार, यहां लग गई इस्तीफों की झड़ी

अगस्त 2019 में भी उन्होंने फॉक्स न्यूज को बताया था कि यह खुदकुशी से ज्यादा हत्या का माममला लगता है। एपस्टीन के वकील ने भी कहा था कि वह एग्जामिनर की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हैं। 2023 की एक अमेरिकी न्याय विभाग की रिपोर्ट में क हा गया था कि न्यूयॉर्क की जेल में सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरती जा रही है। यह भी पाया गया था कि एपस्टीन की सेल में एक से ज्यादा कंबल, चद्दर और कपड़े मौजूद थे। एपस्टीन की मौत से एक दिन पहले ही उसके साथ बंद अन्य कैदियों को अलग शिफ्ट कर दिया गया था। एपस्टीन का रोज होने वाला वेलनेस टेस्ट भी उस दिन रात 10 बजकर 40 मिनट तक नहीं किया गया था जो कि 8 बजे ही हो जाना चाहिए था। चेकअप की फर्जी रिपोर्ट लगा दी जाती थी। अगली ही सुबह गार्ड्स ने बताया कि एपस्टी नकी मौत हो गई है और उसकी गर्दन के चारों ओर कपड़े का फंदा पड़ा हुआ हे। गार्ड्स ने फंदा हटाया और उसे सीपीआर देने की कोशिश की और फिर अस्पताल ले गए जहांएपस्टीन को मृत घोषित कर दिया गया।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।