Epstein Files shook governments in many countries britain norway resignations एपस्टीन फाइल्स ने हिला दी कई देशों की सरकार, यूरोप के इन देशों में लग गई इस्तीफों की झड़ी, International Hindi News - Hindustan
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एपस्टीन फाइल्स ने हिला दी कई देशों की सरकार, यूरोप के इन देशों में लग गई इस्तीफों की झड़ी

एपस्टीन फाइल्स के दस्तावेज सार्वजनिक होने के बाद अमेरिका से ज्यादा इसका असर यूरोप के देशों पर पड़ा है। कई देशों में राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है और बड़े नेताओं ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। 

Tue, 10 Feb 2026 11:01 AMAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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एपस्टीन फाइल्स ने हिला दी कई देशों की सरकार, यूरोप के इन देशों में लग गई इस्तीफों की झड़ी

अमेरिका के यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों ने अमेरिका से ज्यादा यूरोप के देशों में तहलका मचा दिया है। एपस्टीन फाइल्स के 30 लाख से ज्यादा दस्तावेज सामने आते ही कई देशों की सरकारों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। वहीं विपक्षियों को सत्तापक्ष को घेरने का जबरदस्त मौका मिल गया है। दुनिया का शायद ही कोई बड़ा देश हो जहां तक एपस्टीन फाइल्स की आंच ना पहुंची हो।

ब्रिटेन में राजनीतिक संकट

एपस्टीन फाइल्स से अमेरिका में ब्रिटेन के पूर्व राजदूत पीटर मैंलसन का नाम आने के बाद कीर स्टार्मर की सरकार हिल गई है। उनके चीफ ऑफ स्टाफ ने इस्तीफा दे दिया है और विपक्ष स्टार्मर के इस्तीफे के लिए भी दबाव बना रहा है। नॉर्वे, स्वीडन और स्लोवाकिया के राजनेताओं के नाम भी एपस्टीन फाइल्स में पाए गए हैं। वहीं ब्रिटेन के शाही घराने से जुड़े रहे किंग चार्ल्स के छोटे भाई ऐंड्रयू विंडसर पर बेहद गंभीर आरोप लगे हैं।

ब्रिटेन में विंडसर ही ऐसे शख्स हैं जिनपर यौन शोषण के भी आरोप लगे हैं। एपस्टीन पर आरोप तय होने और सजा होने के बाद भी विंडसर उसके संपर्क में थे। एपस्टीन ने राजनीतिक रसूख और फंतासी की ऐसी दुनिया बना दी थी जहां बड़ी-बड़ी हस्तियों को आकर्षित करने के लिए पूरा इंतजाम किया जाता था।

डोनाल्ड ट्रंप पर उठे सवाल

एपस्टीन फाइल्स को लेकर डोनाल्ड ट्रंप पर गंभीर आरोप लगे थे। हालांकि यौन अपराध साबित होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप के उसके साथ संबंध नहीं पाए गए। ऐसे में उनकी सरकार पर संकट नहीं आया। हालांकि डेमोक्रेट्स इस मामले को लेकर ट्रंप को घेरते रहते हैं। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन का भी नाम एपस्टीन फाइल्स में दर्ज है। इस समय ट्रंप प्रशासन के सामने यही दुविधा है। एक ओर, इस बात को लेकर जनता का जायज गुस्सा है कि उन्हें सच नहीं बताया गया है और दुनिया के कुछ सबसे अमीर और सबसे शक्तिशाली लोगों ने बिना किसी दंड के भयानक अपराध किए होंगे। यह आक्रोश और इसके राजनीतिक निहितार्थ ही मुख्य कारण है कि अमेरिकी कांग्रेस ने नवंबर 2025 में एपस्टीन फाइल को जारी करने के लिए मतदान किया।

स्वीडन के यूएन अधिकारी का इस्तीफा

यूएन में अधिकारी रहे स्वीडन के जोआना रुबिन्स्टीन ने इस्तीफा दे दिया है। दस्तावेजों से पता चला था कि 2012 में वह एपस्टीन के करीबियन आइलैंड प र गए थे। वहीं एपस्टीन से बातचीत करने के आरोप लगने के बाद स्लोवाकिया के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मिरोस्लाव लाजकैक ने इस्तीफा दे दिया है।

इन देशों में भी मचा तहलका

लातविया, लिथुआनिया और पोलैंड की सरकारें भी हिलीं एपस्टीन फाइल्स के सार्वजनित होने के बाद लातविया, लिथुआनिया और पोलैंड की सरकारें भी हिल गई हैं। पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने कहा कि एक टीम संभावित पोलिश पीड़ितों की तलाश के लिए फाइलों की छानबीन करेगी और एपस्टीन और रूसी गुप्त सेवाओं के बीच किसी भी संबंध का पता लगाएगी।

यूरोप की राजनीति में पूरा इंटरेस्ट लेता था एपस्टीन

फाइल्स से पता चला है कि एपस्टीन यूरोप की राजनीति में काफी रुचि रखता था और दखल भी देता था। उसने अरबपति पीटर थील को मेल भेजा था और कहा था कि ब्रिटेन को यूरोपीय यूनियन से बाहर निकलना चाहिए। वहीं नॉर्वे के पूर्व प्रधानमंत्री थॉरजॉर्न जगलैंड पर भी एपस्टीन के संबंधों के आरोप लगे हैं। वह नोबेल समिति के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

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