अपनी जमीन US-इजरायल को इस्तेमाल मत करने दो, नहीं तो...; खाड़ी देशों को ईरान की चेतावनी
यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच युद्ध एक महीने से अधिक समय से चल रहा है। ईरान का आरोप है कि खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों का इस्तेमाल ईरान पर हमलों के लिए किया जा रहा है।
ईरान ने अपने खाड़ी पड़ोसियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वे शांति और सुरक्षा चाहते हैं तो अपने देश की जमीन पर अमेरिका और इजरायल को युद्ध चलाने की इजाजत न दें। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने यूएई, सऊदी अरब, कतर और कुवैत समेत क्षेत्रीय देशों को संबोधित करते हुए कहा, 'क्षेत्र के देशों से मेरा संदेश है कि अगर आप विकास और सुरक्षा चाहते हैं तो अपने दुश्मनों को अपनी जमीन से युद्ध नहीं चलाने दें।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच युद्ध एक महीने से अधिक समय से चल रहा है। ईरान का आरोप है कि खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों का इस्तेमाल ईरान पर हमलों के लिए किया जा रहा है।
ईरान ने साफ किया कि वह पहले हमला नहीं करता, लेकिन अगर उसकी बुनियादी ढांचा या आर्थिक केंद्रों को निशाना बनाया गया तो वह मजबूती से जवाब देगा। राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान पहले से हमलावर नहीं है, लेकिन अपनी सुरक्षा के लिए कड़ी कार्रवाई करने को तैयार है। इस चेतावनी के पीछे खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों से ईरान पर हो रहे हमलों का मुद्दा है। सऊदी अरब, UAE, ओमान, कुवैत और कतर जैसे देश इस संघर्ष में फंस गए हैं क्योंकि इनकी जमीन पर अमेरिका अपनी सैन्य गतिविधियां चला रहा है। ईरान ने इन देशों पर हमले भी किए हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
क्या पाकिस्तान करा पाएगा कोई समझौता
इस बीच पाकिस्तान मौजूदा संघर्ष को समाप्त करने में मध्यस्थता की भूमिका निभा रहा है। ईरानी राष्ट्रपति ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से फोन पर बात की और क्षेत्रीय शांति प्रयासों की सराहना की। पाकिस्तान रविवार और सोमवार को सऊदी अरब, मिस्र और तुर्की के विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी कर रहा है, जिसमें पश्चिम एशिया में तनाव कम करने और युद्ध समाप्त करने पर चर्चा होगी। पेजेश्कियन ने बातचीत के लिए विश्वास की जरूरत पर जोर दिया।
ईरान की इस चेतावनी से खाड़ी देशों पर दबाव बढ़ गया है। अगर वे अमेरिका-इजरायल को अपनी भूमि इस्तेमाल करने देते हैं तो ईरान की जवाबी कार्रवाई से उनकी सुरक्षा और विकास दोनों प्रभावित हो सकते हैं। क्षेत्र में शांति स्थापना के प्रयासों के बावजूद तनाव कम होने के संकेत नहीं दिख रहे हैं। यह स्थिति पूरे खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता के लिए चुनौती बन गई है।
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