मैं और अयातुल्ला.. कल तक जिस शख्स का चाहते थे खात्मा, ट्रंप आज उसी के साथ देख रहे सुनहरे सपने
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत के सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि मोजतबा के साथ उनकी कोई बातचीत नहीं हुई है, हालांकि वह नहीं चाहते कि मोजतबा खामेनेई को कोई नुकसान पहुंचे।
Donald Trump: वैश्विक राजनीति में परिस्थिति तेजी के साथ बदल रही है। 40 घंटे पहले ईरान को नक्शे से मिटा देने की धमकी देने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ बातचीत की जानकारी दे रहे हैं। हालांकि, ईरान की तरफ से ऐसी किसी भी बातचीत से इनकार किया गया है। सोमवार को ईरान पर किए जा रहे हमलों में 5 दिन का विराम लगाने के बाद ट्रंप से जब होर्मुज स्ट्रेट के नियंत्रण के बारे में पूछा गया तो इन्होंने इसका जवाब देते हुए कहा कि शायद 'मैं और नए अयातुल्लाह, जो भी नया अयातुल्लाह हों।'
फ्लोरिडा में एयरफोर्स वन में पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि जैसे ही ईरान के साथ समझौता होगा, कच्चे तेल की कीमतें भी तेजी के साथ नीचे आ जाएंगी। ट्रंप ने दावा किया कि हालिया बातचीत में अमेरिका और ईरान के बीच “कई बड़े मुद्दों पर सहमति” बन चुकी है। इन वार्ताओं में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उसके समृद्ध यूरेनियम भंडार को खत्म करने पर चर्चा हुई है। ट्रंप ने कहा कि पांच दिन का यह युद्धविराम सफल रहता है, तो मध्य पूर्व के इस संघर्ष का समाधान निकल सकता है।
ट्रंप से जब पूछा गया कि जब वह मोजतबा खामेनेई के शासन को कानूनी नहीं मानते हैं, तो फिर ईरान में किससे बात कर रहे हैं। इस पर ट्रंप ने खुलकर बात न करते हुए बस इतना कहा कि वह ईरान के एक सम्मानित व्यक्ति से बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "हमने उनके(ईरान के) नेतृत्व के पहले, दूसरे और काफी हद तक तीसरे चरण को खत्म कर दिया है। लेकिन अब हम उस व्यक्ति से बात कर रहे हैं, जिसे मैं सबसे सम्मानित और नेता मानता हूं।” उन्होंने आगे कहा, “हम चाहते हैं कि कोई यूरेनियम संवर्धन न हो, लेकिन हम उनके पास मौजूद संवर्धित यूरेनियम भी चाहते हैं।”
नहीं चाहता मोजतबा को कोई नुकसान पहुंचे: ट्रंप
पहले दिन के हमले में ही ईरान के सुप्रीम लीडर को मार गिराने वाले ट्रंप ने कहा कि उनकी मोजतबा खामेनेई के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है। लेकिन वह नहीं चाहते कि मोजतबा को कोई नुकसान पहुंचे। इसके अलावा ट्रंप से जब उनकी 48 घंटे की डेडलाइन के बारे में पूछा गया, तो ट्रंप ने दावा किया कि इस बातचीत की पहल ईरान की तरफ से हुई थी। इसलिए उन्होंने अपने हमले को टाल दिया था।
आपको बता दें, ट्रंप भले ही बातचीत और शांति व्यवस्था की बात कर रहे हों, लेकिन ईरान की तरफ से ऐसी किसी भी बातचीत से इनकार किया गया है। ईरान की तरफ से कहा गया है कि ट्रंप तेल की कीमतों को काबू में करने के लिए झूठ बोल रहे हैं। ईरान किसी भी स्थिति में अमेरिका के साथ बातचीत की टेबल पर नहीं है।
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