पलट गए ईरान के राष्ट्रपति? पड़ोसी देशों पर हमला करने के लिए मांगी थी माफी, अब बोले- दुश्मन ने...
इजरायल और अमेरिका के खिलाफ युद्ध में उलझे ईरान के राष्ट्रपति पेजशिकयान ने खाड़ी देशों से मांगी गई माफी पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि दुश्मन ने उनके शब्दों का गलत मतलब निकाला है। ईरान पर अगर हमला होता है, तो तेहरान उसका कड़ा जवाब देगा।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजशिकयान ने खाड़ी देशों पर हमला करने के बाद माफी मांगने वाले बयान पर सफाई दी है। एक दिन पहले उन्होंने अपने पड़ोसी देशों से हमला करने के लिए माफी मांगी थी, लेकिन रविवार को उन्होंने सख्ती दिखाते हुए कहा कि दुश्मन (अमेरिका, इजरायल) ने उनके शब्दों को गलत समझा है। अगर पड़ोसी देशों की तरफ से हमला होता है, तो तेहरान कड़ा जवाब देगा। गौरतलब है कि पेजशिकयान का माफी वाला वीडियो वायरल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि ईरान आधे घुटनों पर आ गया है।
रविवार को अपने उस बयान पर सफाई देते हुए पेजशिकयान की तरफ से एक वीडियो संदेश जारी किया गया। इस संदेश में उन्होंने कहा, "मेरे शब्दों को दुश्मन ने गलत समझा है। जब हम पर हमला होता है, तो हमारे पास जवाब देने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता। जितना ज्यादा दबाव हम पर डाला जाएगा, हमारा जवाब उतना ही मजबूत होगा। हमारा ईरान किसी भी धमकी, उत्पीड़न या आक्रामकता के सामने आसानी से नहीं झुकेगा।”
आपको बता दें, ईरान के राष्ट्रपति की यह टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है, जब अमेरिका और इजरायल ने तेहरान के तेल डिपो पर जमकर बम बरसाए हैं। ईरान की राजधानी में चारों तरफ काले बादल छाए हुए हैं। दूसरी तरफ ईरान ने भी लगातार खाड़ी देशों पर हमला करना जारी रखा। ईरान के तरफ से बैलिस्टिक मिसाइलें, ड्रोन्स लगातार बहरीन, कुवैत, दुबई, यूएई को निशाना बना रही है। इसके अलावा कतर समेत अन्य देशों में भी लगातार धमाके हो रहे हैं। दुबई में हुए एक बैलिस्टिक मिसाइल धमाके में 2 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 12 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
पहले क्या कहा था पेजशिकयान ने?
शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति मशूद पेजशिकयान ने एक वीडियो संदेश के जरिए खाड़ी देशों से माफी मांगी थी। उन्होंने कहा, "मैं अपनी ओर से और ईरान की ओर से उन पड़ोसी देशों से माफी माँगता हूँ जिन पर ईरान की तरफ से हमला हुआ।” इसके साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया था कि अब ईरान की अंतरिम नेतृत्व परिषद ने फैसला लिया है कि अगर उन देशों की जमीन से ईरान पर हमला नहीं होता है, तो वह अपने पडोसी देशों के ऊपर हमला नहीं करेंगे, लेकिन पेजशिकयान का यह आश्वासन ज्यादा देर चला नहीं और इन देशों के ऊपर लगातार हमले होते रहे।
ईरानी राष्ट्रपति के इस बयान के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया साइट पर लिखा था कि ईरान ने आधे घुटने टेक दिए हैं। खाड़ी देशों से माफी मांग कर उन्होंने जता दिया है कि वह कमजोर पड़ रहे हैं। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि कि ईरान को “बहुत कड़ी मार” पड़ेगी और और भी कई इलाके तथा समूह निशाने पर आ सकते हैं। ट्रंप ने ईरान से “बिना शर्त आत्मसमर्पण” की मांग भी की थी। इस पर पेजशिकयान ने कहा कि यह “एक सपना है जिसे वे अपनी कब्र तक ले जाएँ।” इसका जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा “किसी समय ऐसा भी आ सकता है कि ‘हम आत्मसमर्पण करते हैं’ कहने वाला कोई बचा ही न हो।”
दोनों देशों की तरफ से लगातार होती इस बयान बाजी के बीच अमेरिका और इजरायल की वायुसेना लगातार ईरान पर हमला कर रही हैं, तेहरान में दिन के उजाले में तेल के धुएं की वजह से आसमान काला हो गया है। तेल के डिपो से बड़े-बड़े धुएं के गुबार उठ रहे हैं। अमेरिका की तरफ से एक ही शर्त है कि ईरान को बिना शर्त आत्म समर्पण करना होगा, वहीं दूसरी ओर ईरान किसी भी हालत में झुकने को तैयार नहीं है।
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