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6 महीने तक... अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच ईरान की चेतावनी, तेहरान का प्लान क्या?

मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध के बीच ईरान ने बड़ा दावा किया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने रविवार को कहा कि ईरानी सेनाएं अमेरिका और इजरायल के खिलाफ छह महीने तक युद्ध लड़ने में सक्षम हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब संघर्ष दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है

Sun, 8 March 2026 04:50 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान, तेहरान
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6 महीने तक... अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच ईरान की चेतावनी, तेहरान का प्लान क्या?

मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध के बीच ईरान ने बड़ा दावा किया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने रविवार को कहा कि ईरानी सेनाएं अमेरिका और इजरायल के खिलाफ छह महीने तक युद्ध लड़ने में सक्षम हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब संघर्ष दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और क्षेत्रीय स्तर पर हमले तेज हो गए हैं। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी ने कहा कि अब तक पहली और दूसरी पीढ़ी की मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया है, लेकिन आने वाले दिनों में उन्नत लंबी दूरी की मिसाइलों का सहारा लिया जाएगा।

ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर वेनेजुएला जैसी स्थिति बनाने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका सोचता था कि हमला कर नियंत्रण हासिल कर लेगा, लेकिन अब वे फंस गए हैं। ईरान के कट्टरपंथी न्यायपालिका प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसेनी एजेई ने पड़ोसी देशों को चेतावनी दी कि जो दुश्मन के इशारों पर चल रहे हैं, उन पर भारी हमले जारी रहेंगे। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने कहा कि अगर किसी पड़ोसी देश को हमले के लिए प्रक्षेपण यान के रूप में इस्तेमाल किया गया तो तेहरान जवाब देने को मजबूर होगा।

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बता दें कि सऊदी अरब, कतर, यूएई और कुवैत ने नए हमलों की सूचना दी। रिपोर्ट्स के अनुसार, सऊदी अरब ने एक दर्जन से अधिक ड्रोनों को रोका, जबकि कतर पर शनिवार को दो क्रूज और 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। वहीं, कुवैत ने बताया कि उसके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ईंधन टैंकों पर हमला हुआ, जिससे ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं। कुवैत की राष्ट्रीय तेल कंपनी ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर मंडराते खतरे के चलते कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती की घोषणा की है।

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वहीं, तेहरान ने शनिवार को अपनी राजधानी में एक तेल डिपो पर हमले का आरोप अमेरिका और इजरायल पर लगाया। यह ईरान के तेल ढांचे पर पहला बड़ा हमला बताया जा रहा है। इजरायली सेना ने पुष्टि की कि उसने तेहरान में कई ईंधन भंडारण सुविधाओं पर हमला किया, जिनका इस्तेमाल सैन्य उद्देश्यों के लिए हो रहा था।

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रविवार को इजरायल ने तेहरान में हमलों की नई लहर शुरू की। इससे पहले, उसने बेरूत के मध्य में एक समुद्रतटीय होटल पर सटीक हमला किया, जहां ईरान की कुद्स फोर्स के प्रमुख कमांडर मौजूद थे। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस हमले में कम से कम चार लोगों की मौत हुई। दूसरी ओर ईरान के अंदर बुनियादी ढांचे और आवासीय इलाकों को भारी नुकसान हो रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, शुक्रवार तक कम से कम 926 नागरिक मारे गए और करीब 6000 घायल हुए हैं, हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी।

वहीं, विश्लेषकों का मानना है कि संघर्ष समाप्त होने का कोई स्पष्ट रास्ता नहीं दिख रहा और यह एक महीने या उससे अधिक समय तक चल सकता है। दूसरी ओर ट्रंप का कहना है कि अगर 'स्वीकार्य' नेता खामेनेई की जगह ले तो ईरान की अर्थव्यवस्था का पुनर्निर्माण हो सकता है, लेकिन तेहरान ने इसे ठुकरा दिया।

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