ईरान युद्ध एक अच्छा निवेश, चीन को झटका; ट्रंप के करीबी सहयोगी लिंडसे ने बताया पूरा प्लान
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के करीबी सहयोगी ग्राहम लिंडसे ने ईरान युद्ध को एक अच्छा निवेश करार दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान में युद्ध एक अच्छा निवेश है, यहां पर जितना पैसा भी अमेरिका खर्च कर रहा है, वह हमारे ही काम आएगा। यह चीन के लिए एक बड़ा झटका होगा।

Iran US Israel War Update: ईरान के खिलाफ अमेरिका और ईरान का युद्ध लगातार जारी है। पिछले आठ दिनों से दोनों तरफ से एक-दूसरे के ऊपर मिसाइलों, बमों, रॉकेट्स और ड्रोन्स के जरिए हमले किए जा रहे हैं। इसके साथ ही जमकर बयानबाजी भी हो रही है। पश्चिम एशिया में जारी इस संघर्ष को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी ग्राहम लिंडसे ने एक अच्छा निवेश बताया है। उन्होंने कहा कि यह सारा पैसा, जो अमेरिका युद्ध में खर्च कर रहा है, वह बहुत काम आने वाला है। यह चीन के लिए एक बुरे सपने की तरह होगा।
फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ग्राहम लिंडसे ईरान पर किए गए अमेरिकी हमले की तारीफ करते हुए कहा कि अब सवाल यह नहीं है कि ईरानी शासन गिरेगा या नहीं, बल्कि सवाल यह है कि यह कब गिरेगा। उन्होंने कहा, "अमेरिका यह सारा पैसा इसलिए खर्च कर रहा है ताकि ईरान कभी परमाणु शक्ति न बन सके। जब वह खत्म हो जाएंगे तो वे हमें और हमारे सहयोगियों को बैलिस्टिक मिसाइलों से नहीं मार सकेंगे और पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र में आतंक फैलाना भी बंद कर देंगे। जब यह शासन गिर जाएगा, तो मध्य-पूर्व पूरी तरह से बदल जाएगा, कोई भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की धमकी नहीं दे पाएगा।"
चीन के लिए बुरा सपना होगा यह युद्ध: लिंडसे
ग्राहम लिंडसे ने ईरान में चल रहे इस युद्ध और वेनेजुएला में किए गए ऑपरेशन को चीन के लिए एक बुरा सपना बताया। उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप शांति और व्यापार के आदमी है। वेनेजुएला और ईरान के पास दुनिया के लगभग 31 फीसदी तेल भंडार हैं। अगर हम उनके साथ साझेदारी करते हैं, तो यह दुनिया का लगभग 31 फीसदी तेल भंडार होगा, जिस पर हमारा नियंत्रण होगा। यह चीन के लिए एक बुरा सपना होगा, क्योंकि यह दोनों देश उसके बड़े तेल निर्यातक देश हैं।
गौरतलब है कि ग्राहम लिंडसे शुरूआत से ही इस क्षेत्र में सैन्य हस्तक्षेप के समर्थक रहे हैं। उन्होंने हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कहा था कि अमेरिका को ईरान के साथ-साथ लेबनान पर भी इजरायल के साथ मिलकर हमला करना चाहिए, ताकि हिज्बुल्लाह से भी हिसाब बराबर किया जा सके।
ट्रंप का अगला निशाना क्यूबा: लिंडसे
लिंडसे ने ईरान के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अगले निशाने के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि ईरान में अभियान खत्म होने के बाद अगला निशाना क्यूबा हो सकता है। उन्होंने अपने हाथ में ली हुई फ्री क्यूबा की टोपी भी दिखाई। उन्होंने कहा, "यह टोपी देख रहे हैं आप... फ्री क्यूबा... देखते रहिए। क्यूबा भी अब मुक्ति की कगार पर है, बस कुछ समय की बात है।"
गौरतलब है कि राष्ट्रपति ट्रंप के आने के बाद से ही लगातार अमेरिका की विदेश नीति आक्रामक रही है। पनामा नहर, ग्रीनलैंड, कनाडा, वेनेजुएला, कनाडा, गल्फ ऑफ मैक्सिको ( अब गल्फ ऑफ अमेरिका) जैसे तमाम उदाहरण हैं, जहां पर ट्रंप प्रशासन ने अपने पूर्ववर्तियों से आगे बढ़कर फैसले लिए। यूरोप के साथ ही ट्रंप प्रशासन के दौरान अमेरिका का बर्ताव अच्छा नहीं रहा है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो को अमेरिकी सेना ने उनके घर से उठा लिया और अब वहां का वर्तमान प्रशासन ट्रंप के इशारों पर काम कर रहा है। वेनेजुएला के तेल पर अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिका का कब्जा है। ईरान में भी इस्लामिक सत्ता जाती है, तो फिर विश्व के ज्ञात तेल भंडार के एक बड़े हिस्से पर अमेरिका का कब्जा होगा, जो कि सच में चीन के लिए एक बुरे सपने के जैसा होगा।
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