ईरान के हाथ पुराना हथियार, 2 दिन में 6 जहाजों को बनाया निशाना; खतरे में क्यों पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति
Iran Israel War: होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से लगभग 20% वैश्विक तेल और गैस की आपूर्ति होती है। ऐसे में यहां जहाजों पर हमले और मार्ग का बंद होना अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बड़ा झटका है।

Iran Israel War: ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमले और ईरान की बदले की कार्यवाही की वजह से पूरे मध्य पूर्व में जारी तनाव अब खतरनाक मोड़ ले चुका है। ईरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में दो दिनों के अंदर छठे जहाज को निशाना बनाया है। इससे होर्मुज जलडमरूमध्य में युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए हैं। इस घटनाक्रम ने न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ईरान के सरकारी मीडिया ने सोमवार को दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट में छठे जहाज को निशाना बनाया गया है। ईरान ने अपने ऊपर हमले के बाद रविवार को होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का ऐलान किया था। यह बंद शनिवार को US और इजरायल के हवाई हमलों का बदला है, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई और कई सीनियर मिलिट्री ऑफिसर मारे गए थे।
संघर्ष की पृष्ठभूमि
शनिवार को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हवाई हमलों के बाद हालात तेजी से बिगड़े हैं। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के मारे जाने की खबर ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। इसके जवाब में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद घोषित करते हुए स्पष्ट कर दिया कि अब कोई भी जहाज इस मार्ग से नहीं गुजर सकता। यह मार्ग दुनिया भर में तेल और गैस सप्लाई के पांचवें हिस्से का ट्रांजिट पॉइंट है।
समुद्री मार्ग पर बढ़ता खतरा, ईरान का पुराना हथियार
होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से लगभग 20% वैश्विक तेल और गैस की आपूर्ति होती है। ऐसे में यहां जहाज़ों पर हमले और मार्ग का बंद होना अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बड़ा झटका है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ओमान के पास एक तेल टैंकर पर मिसाइल हमला हुआ है। सोमवा को मस्कट के समीप एक और जहाज़ को निशाना बनाया गया। यूएई के मीना सक्र के पास भी एक जहाज़ पर हमला दर्ज किया गया है। इन घटनाओं के बाद कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों ने इस मार्ग से अपने जहाजों की आवाजाही रोक दी है।
वैश्विक चेतावनी और सुरक्षा उपाय
यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस और यूएस मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन ने जहाज़ों को इस क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी है। अमेरिका ने विशेष रूप से अपने जहाज़ों को सैन्य पोतों से दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी प्रकार की गलतफहमी से बचा जा सके। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में कई खाड़ी देशों में हमले किए हैं, जिनमें बहरीन, कतर, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात, इराक और जॉर्डन शामिल हैं। इससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और भय का माहौल बन गया है।
तेल बाजार में उथल-पुथल
इस संकट का असर तुरंत वैश्विक तेल बाजार पर दिखाई दिया है। अमेरिकी कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 7% से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ब्रेंट क्रूड भी तेजी से ऊपर पहुंचा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति लंबी चली, तो दुनिया एक बड़े तेल संकट का सामना कर सकती है। दरअसल, होर्मुज़ जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव केवल क्षेत्रीय टकराव नहीं, बल्कि वैश्विक संकट का संकेत है। समुद्री मार्गों पर हमले, ऊर्जा आपूर्ति में बाधा और बढ़ती कीमतें—ये सभी संकेत देते हैं कि हालात बेहद गंभीर हैं। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या कूटनीति इस संकट को थाम पाएगी या फिर यह संघर्ष और गहराता जाएगा।
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