Iran President Pezeshkian on war with America Israel says it will end with dignity गरिमा के साथ खत्म होगा युद्ध, ईरानी राष्ट्रपति की सख्त चेतावनी; ट्रंप को भी खूब सुनाया, International Hindi News - Hindustan
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गरिमा के साथ खत्म होगा युद्ध, ईरानी राष्ट्रपति की सख्त चेतावनी; ट्रंप को भी खूब सुनाया

ईरान, अमेरिका के साथ युद्ध को एक गरिमा के साथ खत्म करने की कोशिश कर रहा है। यह बात देश के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने रविवार को कही। उन्होंने कहाकि ट्रंप को कोई हक नहीं बनता कि वह ईरान को नाभिकीय अधिकारों से वंचित कर दें।

Sun, 19 April 2026 03:48 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, तेहरान
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गरिमा के साथ खत्म होगा युद्ध, ईरानी राष्ट्रपति की सख्त चेतावनी; ट्रंप को भी खूब सुनाया

ईरान, अमेरिका के साथ युद्ध को एक गरिमा के साथ खत्म करने की कोशिश कर रहा है। यह बात देश के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने रविवार को कही। उन्होंने कहाकि ट्रंप को कोई हक नहीं बनता कि वह ईरान को नाभिकीय अधिकारों से वंचित कर दें। ईरानी राष्ट्रपति ने कहाकि ट्रंप का कहना है कि ट्रंप कहते हैं कि ईरान को अपने नाभिकीय अधिकारों का उपयोग नहीं करना चाहिए, लेकिन यह नहीं बताते कि ईरान ने कौन सा अपराध किया है। उन्होंने यह बातें ईरान के खेल और युवा मंत्रालय के दौरे के दौरान कहीं।

दुश्मन के खिलाफ डटे रहें
इसके साथ ही उन्होंने देश से अपील की है कि वे खून के प्यासे और क्रूर दुश्मन के खिलाफ पूरी दृढ़ता से डटे रहें। ईरान को अपनी वर्तमान स्थिति को बनाए रखना होगा। हमारी छवि ऐसी नहीं बननी चाहिए कि हम युद्ध को पसंद करने वाले हैं। हम लोग तो अपनी रक्षा कर रहे हैं। पेजेश्कियान ने कहाकि ऑस्ट्रेलिया में हमारी लड़कियों ने दुश्मन को एक मजबूत झटका दिया है। वे दो प्यारी लड़कियां जो दुश्मनों द्वारा भटकाई गई थीं, वापस आने पर स्वागत योग्य हैं। हम बांहें खोलकर उनका स्वागत करेंगे। उन्होंने पिछले महीने के एशियाई कप में ऑस्ट्रेलियाई महिला फुटबॉल टीम के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए यह बातें कहीं।

ईरानी संसद के अध्यक्ष क्या बोले
वहीं, ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने कहाकि मध्य पूर्व में संघर्ष के समाधान के लिए वॉशिंगटन और तेहरान के बीच जारी बातचीत के बावजूद, ईरान के सशस्त्र बल पूरी तरह से युद्ध के लिए तैयार हैं। प्रेस टीवी ने गालिबफ के हवाले से कहाकि हमें दुश्मन पर भरोसा नहीं है। अभी भी, जब हम यहां बैठे हैं, युद्ध छिड़ सकता है। सशस्त्र बल जमीन पर पूरी तरह से युद्ध के लिए तैयार हैं। प्रसारक के अनुसार, संसद अध्यक्ष ने इस बात से इनकार किया कि जारी बातचीत से राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति लापरवाही हो सकती है। गालिबफ ने कहाकि हमारा मानना है कि बातचीत के कारण सशस्त्र बल तैयार नहीं हैं। इसके विपरीत, सड़कों पर आम लोगों की तरह, हमारे सशस्त्र बल भी तैयार हैं।

होर्मुज को लेकर गतिरोध
इससे पहले होर्मुज को लेकर जारी गतिरोध शनिवार को और बढ़ गया। एक ओर जहां ईरान ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को दोबारा खोलने संबंधी अपने फैसले को वापस लेते हुए वहां से गुजरने की कोशिश कर रहे जहाजों पर गोलीबारी की, वहीं, दूसरी ओर अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी करने के अभियान को जारी रखा। इस महत्वपूर्ण सामरिक जलमार्ग को लेकर बनी असमंजस की स्थिति ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहे ऊर्जा संकट के और गहराने और दोनों देशों को फिर से संघर्ष की ओर धकेलने का खतरा पैदा कर दिया है, जबकि मध्यस्थ इस बात पर विश्वास जता रहे थे कि एक नया समझौता हो सकता है।

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दूसरे दौर की बातचीत की उम्मीद
गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान में ठिकानों पर हमले शुरू किए, जिनमें 3,000 से अधिक लोग मारे गए। 8 अप्रैल को वाशिंगटन और तेहरान ने दो सप्ताह के लिए युद्धविराम की घोषणा की। इस्लामाबाद में हुई बाद की बातचीत बेनतीजा रही। हालांकि शत्रुता फिर से शुरू करने की कोई घोषणा नहीं की गई, लेकिन अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू कर दी है। मध्यस्थ बातचीत का एक नया दौर आयोजित करने का प्रयास कर रहे हैं।

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