भारत के लिए होर्मुज से आई गुड न्यूज, ईरान ने किए खास इंतजाम; तारीफ भी कर दी
राजदूत ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को खत्म करने में भारत बहुत असरदार भूमिका निभा सकता है। उन्होंने बातचीत और संयम बरतने की भारत की अपील की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि भारत की बातचीत और संयम बरतने की अपील तारीफ के काबिल और जिम्मेदाराना रवैया है।
ईरान ने भारत सहित मित्र देशों के पोतों के होर्मुज से सुरक्षित आवाजाही को सुनिश्चित करने के लिए विशेष उपाय अपनाए हैं। हाल के दिनों में, कई भारतीय पोत होर्मुज से सुरक्षित रूप से गुजरे हैं। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने सोमवार को एएनआई से साक्षात्कार में ये बातें कही हैं। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज केवल उन देशों के लिए बंद है जो ईरान के साथ युद्ध में हैं।
राजदूत ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ईरान और ओमान का क्षेत्रीय जल क्षेत्र है। ईरान ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों में सुरक्षा और संरक्षा के महत्व पर जोर दिया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अंतरराष्ट्रीय जल का हिस्सा नहीं है, बल्कि, यह ईरान और ओमान के क्षेत्रीय और आंतरिक जल के भीतर स्थित है। इसलिए, स्ट्रेट के प्रबंधन में इन दोनों देशों के हितों की रक्षा करना प्राथमिकता है। आवाजाही की शर्तों के संबंध में निर्णय तेहरान और मस्कट के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
भारत निभा सकता है असरदार भूमिका
राजदूत ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को खत्म करने में भारत बहुत असरदार भूमिका निभा सकता है। उन्होंने बातचीत और संयम बरतने की भारत की अपील की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि भारत की बातचीत और संयम बरतने की अपील तारीफ के काबिल और जिम्मेदाराना रवैया है। हमारा मानना है कि इन हालात में भारत जैसे देशों की भूमिका बहुत असरदार हो सकती है।
उन्होंने कहा कि ईरान उम्मीद करता है कि सभी स्वतंत्र देश अमेरिका और इजरायल की सैन्य और आक्रामक कार्रवाइयों की निंदा करेंगे। राजदूत ने कहा कि ईरान ने कभी युद्ध नहीं चाहा और बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि वह कोई लड़ाई शुरू नहीं करेगा।
चाबहार प्रभावित नहीं होने चाहिए
फतहली ने कहा कि आर्थिक और विकास के लिए सहयोग, खासकर चाबहार जैसे बड़े क्षेत्रीय प्रोजेक्ट एकतरफा और गैर-कानूनी प्रतिबंधों से प्रभावित नहीं होने चाहिए। चाबहार पोर्ट क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व का प्रोजेक्ट है, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने में, खासकर सेंट्रल एशिया तक भारत की पहुंच के लिए, अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि इस बारे में, ईरान भारतीय पक्ष के साथ लगातार संपर्क में है।
युद्ध से ईरान एकजुट हुआ
राजदूत ने कहा कि इस युद्ध से ईरानी लोगों के बीच अधिक एकता और एकजुटता आई है। इस पूरे समय में, जनता ने अपनी मौजूदगी दिखाकर और सरकार का साथ देकर, यह दिखाया है कि वे बाहरी दबाव के सामने पहले से कहीं ज्यादा एकजुट हैं। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति के टोन में बदलाव पर जोर दिया और कहा कि यह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के संबंध में अमेरिका की पॉलिसी बनाने में गलत कैलकुलेशन को दिखाता है।
तीन स्तर पर अमेरिका फेल
उन्होंने बताया कि मेरा मानना है कि अमेरिका अब तीन क्षेत्रों में रणनीतिक फेलियर का सामना कर रहा है, ईरान की लीडरशिप, उसके लोग और उसकी मिलिट्री कैपेबिलिटी।
राजदूत ने ब्रिक्स के महत्व को बताया और कहा कि ईरान के लिए यह उभरती हुई अर्थव्यवस्था के साथ सहयोग बढ़ाने और पारंपरिक स्ट्रक्चर से अलग अप्रोच को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है। ईरानी राजदूत ने ब्रिक्स सदस्य देशों से मौजूदा घटनाक्रम के बारे में जिम्मेदार रवैया अपनाने और हमलों की निंदा करने का आग्रह किया।
अमेरिकी धमकियों की आलोचना
राजदूत ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के काम और उनके व्यवहार तथा बयानबाजी आधुनिक बर्बरता की याद दिलाते हैं। डोनाल्ड ट्रंप की पाषाण युग में भेजने की धमकी और बिजली और पुलों को नष्ट करने की धमकी पर राजदूत ने कहा कि हमारी सभ्यता हजारों साल पुरानी है। हम कभी भी 'पत्थर युग' में वापस नहीं जाएंगे। आज हम जो देख रहे हैं, वह किसी भी चीज से ज्यादा, ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू जैसे लोगों के व्यवहार और बयानबाजी में आधुनिक बर्बरता की याद दिलाता है। बच्चों की हत्या, स्कूलों, विश्वविद्यालयों, अस्पतालों, और यहां तक कि वैक्सीन और दवा बनाने वाले केंद्रों पर हमले, इस हिंसक और अमानवीय रवैये के साफ संकेत हैं। ऐसे बयान, ताकत दिखाने के बजाय, हताशा और बेबसी को जाहिर करते हैं।
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