स्कूल, कॉलेज बंद, शेल्टर में अस्पताल; ईरानी हमलों से इजरायल में अफरा-तफरी
इजरायल द्वारा किए गए हमले के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई से यहूदी देश में अफरा-तफरी का माहौल है। इजरायली सरकार ने स्कूल, कॉलेज और ऑफिसों को बंद कर दिया है, जबकि अस्पतालों में मौजूद मरीजों को सुरक्षित शेल्टर्स में पहुंचाया जा रहा है।
Iran Israel US war update: ईरान की जवाबी कार्रवाई से इजरायल में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। तेहरान द्वारा दागी जा रही मिसाइलों को देखते हुए इजरायल ने देश भर में इमरजेंसी घोषित कर दी है। शनिवार को सार्वजनिक सभाओँ, स्कूलों और ऑफिसों को बंद कर दिया गया है। अस्पताल में मौजूद मरीजों को भी सुरक्षित शेल्टरों में पहुंचाना शुरू कर दिया गया है।इजरायली रक्षा मंत्री काट्ज ने पूरे देश में इमरजेंसी की घोषणा करते हुए जनता को ईरानी मिसाइलों और ड्रोन्स से सतर्क रहने के लिए कहा है।
ईरान पर हमला बोल रही इजरायली सेना ने अपने नागरिकों को आपातकालीन दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिए कहा है। सेना की तरफ से बताया गया कि हजारों रिजर्व सैनिकों को ड्यूटी पर वापस बुलाया जा रहा है, जिनसे जमीनी सीमाओं को मजबूत करने वाले सैनिक भी शामिल हैं। इनकी मौजूदगी से न केवल नागरिकों के बीच में शांति रहेगी, बल्कि आवागमन भी सुचारू रूप से चलता रहेगा। इतना ही नहीं इजरायली पुलिस ने नागरिकों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है।
इसी बीच इजरायली सेना द्वारा कहा है कि है कि सुबह किए गए हमलों की एक लहर के बाद ईरान की तरफ से मिसाइलों की एक और लहर को दागा गया है। इजरायली सेना और उसके साथी देश इन मिसाइलों को रास्ते में ही इंटरसेप्ट करने की कोशिश में लगे हुए हैं। पहली लहर में इजरायल ने ज्यादातर मिसाइलों को इंटरसेप्ट करके नष्ट कर दिया था। इस हमले में ज्यादा किसी नुकसान की खबर सामने नहीं आई थी। गौरतलब है कि इजरायल लंबे समय से एक युद्ध ग्रस्त देश रहा है। ऐसे में वहां पर लोगों के पास पर्याप्त मात्रा में शेल्टर होम मौजूद हैं। इसके अलावा देश व्यापी अलर्ट सिस्टम के माध्यम से भी नागरिक तुरंत ही शेल्टर होम्स में चले जाते हैं।
वर्तमान में तनाव की स्थिति को देखते हुए इजरायल ने शनिवार को अपने हवाई क्षेत्र से जाने वाली नागरिक उड़ानों पर प्रतिबंद लगा दिया है। हालांकि, जॉर्डन और मिस्त्र के साथ उसकी जमीनी सीमाएं खुली हुई हैं। यरुशलम स्थित अमेरिकी दूतावास ने कहा कि सरकारी कर्मियों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। शुक्रवार को कर्मचारियों को देश छोड़ने का विकल्प भी दिया गया था। यरुशलम में मिसाइल अवरोधन (इंटरसेप्शन) से हुए धमाकों की गूंज के बीच लोग खाद्य सामग्री खरीदने और नकदी निकालने के लिए भागते देखे गए।
आपको बता दें, पिछले साल जब ईरान और इजरायल के बीच में 12 दिन का युद्ध हुआ था, उस वक्त भी ईरान ने इसी तरीके से हमला बोला था। इस 12 दिन के युद्ध के दौरान इजरायल में करीब 30 लोगों की मौत हुई थी, जबकि ईरान में करीब 900 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी।
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