सऊदी पर बरसा ईरान का कहर, धुआं-धुआं कर दिया अमेरिकी दूतावास; ताबड़तोड़ ड्रोन अटैक
सऊदी अरब के रियाद में स्थित अमेरिकी दूतावास पर ईरान ने भीषण ड्रोन हमला किया है। अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद भड़के ईरान के इस पलटवार से दूतावास में आग लग गई। मध्य पूर्व में गहराते युद्ध के संकट की पूरी खबर।

मध्य पूर्व में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं और युद्ध का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही इस भीषण जंग में, ईरान ने अब सीधे तौर पर सऊदी अरब की राजधानी रियाद में स्थित अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाया है।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय और रॉयटर्स की रिपोर्ट्स के अनुसार, रियाद के राजनयिक क्षेत्र में स्थित अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोन्स से हमला किया गया। हमले के बाद इलाके में जोरदार धमाके की आवाज सुनी गई और आसमान में काले धुएं का गुबार देखा गया।
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में पुष्टि की है कि ड्रोन्स के टकराने से दूतावास परिसर में सीमित आग लग गई और इमारत को मामूली भौतिक नुकसान पहुंचा है।
राहत की बात यह है कि घटना के समय दूतावास को पहले ही खाली करा लिया गया था। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, इस विशिष्ट हमले में दूतावास के भीतर किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।
ईरान के इस खौफनाक पलटवार का कारण
यह हमला कोई छिटपुट घटना नहीं है, बल्कि 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियान के खिलाफ ईरान की बौखलाहट और जवाबी कार्रवाई का हिस्सा है।
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर की गई भीषण बमबारी में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। इसके साथ ही ईरान के रक्षा मंत्री और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कई शीर्ष कमांडर भी मारे गए हैं।
अपने शीर्ष नेतृत्व के खात्मे से बौखलाए ईरान ने अब अधिकतम नुकसान पहुंचाने की रणनीति अपनाई है। रियाद के दूतावास के अलावा, ईरान ने कुवैत, कतर, बहरीन और यूएई (UAE) में मौजूद अमेरिकी एयरबेस और सैन्य अड्डों पर भी एक के बाद एक कई मिसाइल और ड्रोन दागे हैं।
युद्ध का मौजूदा प्रभाव और आगे के हालात
हालात की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी विदेश विभाग ने सभी अमेरिकी नागरिकों को तुरंत मध्य पूर्व छोड़ने की एडवाइजरी जारी कर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि ईरान के मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों को पूरी तरह नष्ट करने के लिए यह सैन्य अभियान आगे भी जारी रह सकता है।
ईरान ने सऊदी अरब की 'रास तनूरा' तेल रिफाइनरी पर भी ड्रोन हमला किया है, जिससे वैश्विक स्तर पर तेल संकट गहराने की आशंका है। इसके अलावा सुरक्षा कारणों से दुबई सहित पूरे खाड़ी क्षेत्र के हवाई क्षेत्र में वाणिज्यिक उड़ानें बड़े पैमाने पर रद्द या डायवर्ट की गई हैं।
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