खामेनेई को मार दिया, नेवी तबाह कर दी; अब ईरान से क्या चाहता है अमेरिका? ट्रंप ने सेट किए 4 टारगेट
ट्रंप ने ईरानी नौसेना और मिसाइलों को नष्ट करने सहित 4 प्रमुख लक्ष्यों का ऐलान किया है। खामेनेई की मौत और अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने के बाद मिडिल ईस्ट में भारी तनाव। युद्ध की पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध को लेकर वाइट हाउस से चार विशिष्ट लक्ष्यों की घोषणा की है। यह कदम उन बढ़ती आलोचनाओं का जवाब देने के लिए उठाया गया है, जिनमें कहा जा रहा था कि अमेरिका बिना किसी स्पष्ट योजना के मध्य-पूर्व के एक और संघर्ष में उलझ गया है। ट्रंप ने अमेरिका और इजरायल के इस संयुक्त सैन्य अभियान को ईरान जैसे पुराने दुश्मन पर प्रहार करने का आखिरी और सबसे बेहतरीन मौका बताया है।
युद्ध के 4 प्रमुख उद्देश्य
अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने पहली बार युद्ध को इन चार स्पष्ट लक्ष्यों के इर्द-गिर्द केंद्रित किया है:
- मिसाइल क्षमताओं का विनाश: ईरान की बैलिस्टिक और अन्य मिसाइल क्षमताओं को पूरी तरह से नष्ट करना।
- नौसेना का खात्मा: ईरानी नौसेना को पूरी तरह से खत्म करना।
- परमाणु हथियारों पर रोक: यह सुनिश्चित करना कि दुनिया में आतंकवाद को सबसे ज्यादा प्रायोजित करने वाला यह देश कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके।आतंकी गुटों के समर्थन पर लगाम: ईरानी शासन को अपनी सीमाओं के बाहर सक्रिय आतंकी संगठनों (प्रॉक्सी समूहों) को हथियार, फंडिंग और निर्देश देने से हमेशा के लिए रोकना।
युद्ध की वर्तमान स्थिति और हालिया घटनाक्रम
अब तक ट्रंप का मुख्य जोर ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम दोबारा शुरू करने से रोकने पर था, लेकिन अब रणनीति व्यापक हो गई है। वर्तमान में अमेरिका और इजरायली सेनाओं ने ईरान भर में अपने हमले तेज कर दिए हैं। ये हमले मुख्य रूप से बैलिस्टिक मिसाइल साइटों, नौसेना मुख्यालयों और कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटरों पर किए जा रहे हैं।
खामेनेई की मौत और ईरान का पलटवार: यह सैन्य अभियान सप्ताहांत में हुए उन समन्वित हमलों के बाद तेज हुआ है, जिनमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मारे गए थे। इसके जवाब में ईरान ने इस्राइल और क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से भारी पलटवार किया है। इस संघर्ष में पहली बार अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की भी पुष्टि हो गई है।
पेंटागन की प्रतिक्रिया और युद्ध की अवधि
अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति पर स्पष्टीकरण दिया है:
सैन्य सुदृढ़ीकरण: जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने कहा कि अमेरिका मध्य-पूर्व में अतिरिक्त सैनिकों और लड़ाकू विमानों की तैनाती कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह काम अभी शुरू ही हुआ है और जारी रहेगा। हालांकि, उन्होंने सैनिकों की सटीक संख्या बताने से इनकार कर दिया।
लंबे युद्ध की आशंकाओं पर विराम: रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने एक लंबे युद्ध के डर को कम करने की कोशिश की। उन्होंने स्पष्ट किया- यह इराक नहीं है। यह कोई अंतहीन युद्ध नहीं है।
अनुमानित समय: राष्ट्रपति ट्रंप ने स्वीकार किया है कि जरूरत पड़ने पर यह संघर्ष चार से पांच सप्ताह तक चल सकता है।
क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव
इस युद्ध ने पूरे मध्य-पूर्व में हलचल मचा दी है। ईरान ने इजरायल के साथ-साथ खाड़ी देशों में भी कुछ ठिकानों को निशाना बनाया है। इस संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले व्यापार और शिपिंग के बाधित होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है।
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