ईरान ने दुबई एयरपोर्ट पर कर दिया हमला, भारतीय समेत कई घायल; अगला टारगेट भी बताया
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रक्षा मंत्रालय ने बुधवार तड़के कहा है कि देश की वायु रक्षा प्रणालियां ईरान से आने वाले मिसाइल और ड्रोन हमलों का लगातार जवाब दे रही हैं।

Attack on Dubai Airport: अमेरिका इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग के बीच ईरान ने UAE पर बड़ा हमला कर दिया है। जानकारी के मुताबिक ईरान ने बुधवार को UAE पर ताबड़तोड़ मिसाइलें और ड्रोन बरसाई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने दुबई एयरपोर्ट को भी निशाना बनाया है, जहां ड्रोन गिरने से एक भारतीय समेत चार लोग घायल हो गए हैं।
दुबई मीडिया ऑफिस ने बताया कि हमले में भारतीय नागरिक को कुछ चोटें आई हैं। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास हुए हमले में भारतीय नागरिक के अलावा, घाना के दो नागरिक और एक बांग्लादेशी नागरिक भी घायल हुए हैं। दुबई मीडिया ऑफिस ने X पर एक बयान में कहा, “अधिकारियों ने पुष्टि की है कि कुछ देर पहले दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXB) के पास दो ड्रोन गिरे, जिससे घाना के दो नागरिकों और एक बांग्लादेशी नागरिक को मामूली चोटें आईं और एक भारतीय नागरिक को चोटें आईं। एयर ट्रैफिक सामान्य रूप से चल रहा है।” हालांकि, ड्रोन गिरने से कितना नुकसान पहुंचा है, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। अधिकारी घटना के कारणों और ड्रोन के स्रोत की जांच कर रहे हैं। वहीं हमले के बाद भी फ्लाइट ऑपरेशन जारी हैं। बता दें कि दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट इंटरनेशनल ट्रैवल के लिए दुनिया का सबसे व्यस्त हब है।
UAE का एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव
इससे पहले संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रक्षा मंत्रालय ने बुधवार तड़के कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियां ईरान से आने वाले मिसाइल और ड्रोन हमलों का लगातार जवाब दे रही हैं। दुबई में लोगों को सरकारी आपातकालीन मोबाइल अलर्ट भेजकर संभावित मिसाइल खतरे के बारे में चेतावनी दी गई और तुरंत सुरक्षित इमारतों में जाने को कहा गया। हालांकि बाद में अधिकारियों ने स्थिति में सुधार होने पर चेतावनी वापस ले ली।
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली सतर्क है और सहयोगियों के साथ तालमेल से और स्थिति मजबूत हुई है। मंत्रालय ने बताया कि पिछले 11 दिनों में 1,475 ड्रोन और 270 मिसाइल हमले हुए हैं जिनमें से अधिकतर को निष्क्रिय कर दिया गया है।
ईरान ने बैंकों को निशाना बनाने की दी चेतावनी
इस बीच ईरान ने एक बड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वह क्षेत्र में स्थित अमेरिका और इजरायल से जुड़े आर्थिक केंद्रों, बैंकों और गूगल एवं माइक्रोसॉफ्ट जैसी अमेरिकी कंपनियों को भी निशाना बना सकता है। यह बयान कथित तौर पर एक ईरानी बैंक पर हुए हमले की प्रतिक्रिया में आया है। ईरान में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से संबद्ध 'खतम अल-अंबिया' मुख्यालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि एक ईरानी बैंक पर हुए हमले के बाद अब दुश्मन के वित्तीय संस्थान उनके निशाने पर हैं। ईरान ने क्षेत्र के नागरिकों को सलाह दी है कि वे सुरक्षा के लिहाज से इन बैंकों के एक किलोमीटर के दायरे से दूर रहें।
गूगल, माइक्रोसॉफ्ट पर हमला वैध
इसके साथ ही, ईरान ने उन दिग्गज अमेरिकी तकनीकी कंपनियों की सूची जारी की है जिनकी तकनीक का उपयोग सैन्य उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है। इनमें गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया, आईबीएम और ओरेकल जैसी कंपनियां शामिल हैं। ईरानी मीडिया के अनुसार, इन कंपनियों के इजरायल और कुछ खाड़ी देशों में स्थित कार्यालय और क्लाउड-आधारित बुनियादी ढांचे अब ईरान के 'वैध सैन्य लक्ष्य' हैं। ईरान का कहना है कि जैसे-जैसे युद्ध का दायरा बढ़ रहा है, वह अपने हमलों का विस्तार आर्थिक और तकनीकी संपत्तियों तक करने के लिए मजबूर है।
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