Iran US War update US troops dead injured so far in Iran war युद्ध शुरू कर डोनाल्ड ट्रंप डुबो रहे अपनी ही लुटिया? अमेरिका ने अब तक इतने सैनिकों को खोया, International Hindi News - Hindustan
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युद्ध शुरू कर डोनाल्ड ट्रंप डुबो रहे अपनी ही लुटिया? अमेरिका ने अब तक इतने सैनिकों को खोया

ईरान ने कहा है कि वह अमेरिका और इजरायल के साथ युद्धविराम की मांग करने में रुचि नहीं रखता है। ईरान ने जोर देकर कहा है कि देश तब तक लड़ता रहेगा जब तक कि संघर्ष का निर्णायक अंत नहीं हो जाता।

Wed, 11 March 2026 11:00 AMJagriti Kumari एपी, दुबई
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युद्ध शुरू कर डोनाल्ड ट्रंप डुबो रहे अपनी ही लुटिया? अमेरिका ने अब तक इतने सैनिकों को खोया

ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद पश्चिम एशिया में भीषण जंग छिड़ चुकी है। ईरान ने इन हमलों में अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद बदला लेने की कसम खाई है और इजरायल और खाड़ी देशों पर लगातार मिसाइलें बरसा रहा है। वहीं दूसरी तरफ ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से चोक कर दिया है जिससे पूरी दुनिया पर ऊर्जा संकट मंडरा रहा है। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब दबाव बढ़ता जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ अब पेंटागन ने खुद मान लिया है इस जंग में उसने अब तक अपने कई सैनिकों को खो दिया है।

जानकारी के मुताबिक इस जंग में अब तक 7 अमेरिकी सैनिकों की मौत जो गई है। वहीं अमेरिकी सैन्य मुख्यालय 'पेंटागन' ने बुधवार को जानकारी दी है कि ईरान के साथ 10 दिनों के संघर्ष में लगभग 140 अमेरिकी सैनिक घायल हो गए हैं। पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने एक ईमेल बयान में कहा, "इनमें से अधिकांश चोटें मामूली थीं और 108 सैन्यकर्मी पहले ही ड्यूटी पर लौट चुके हैं।" पार्नेल ने आगे बताया कि 8 अमेरिकी सैन्यकर्मी इस समय गंभीर रूप से घायल हैं।

यह नया आंकड़ा ईरान की ओर से किए गए जवाबी रॉकेट और ड्रोन हमलों के बाद अमेरिकी सैनिकों को लगी चोटों के व्यापक प्रभाव की पहली झलक देता है, जिसमें कुवैत और सऊदी अरब में सात सैनिकों की जान भी चली गई है। यह इसीलिए अहम है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने युद्ध शुरू होने के बाद यह बयान दिया है कि अमेरिका ने युद्ध में अपने सैनिकों को खोया है, और आगे भी ऐसा हो तो उन्हें ग़म नहीं है।

ईरान ने बातचीत से किया इनकार

इस बीच ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत की संभावना से भी इनकार कर दिया है। ईरान ने कहा है कि वह अमेरिका और इजरायल के साथ युद्धविराम की मांग करने में रुचि नहीं रखता है और उसने जोर देकर कहा कि देश तब तक लड़ता रहेगा जब तक कि संघर्ष का निर्णायक अंत नहीं हो जाता। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ ने कहा कि देश का तुरंत युद्धविराम करने का कोई इरादा नहीं है। ग़ालिबफ़ ने लिखा, "हम निश्चित रूप से युद्धविराम की मांग नहीं कर रहे हैं। हमारा मानना है कि हमलावर पर प्रहार किया जाना चाहिए ताकि उसे सबक मिले और वह फिर कभी ईरान पर हमला करने के बारे में न सोचे।"

उन्होंने तर्क दिया कि इजरायल ऐतिहासिक रूप से संघर्ष के चक्र पर निर्भर रहा है, जिसके बाद बातचीत और युद्धविराम होते हैं और फिर से जंग शुरू हो जाती है इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान इस पैटर्न को तोड़ना चाहता है। इसी रुख का समर्थन करते हुए सरकारी प्रवक्ता फ़ातिमा मोहजेरानी ने कहा कि तेहरान युद्ध को तब तक जारी रखने के लिए तैयार है जब तक आवश्यक हो।

तेल निर्यात ना होने देने की धमकी

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से एक लीटर तेल भी पार ना होने देने की धमकी भी दी है। यह धमकी ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स IRGC की तरफ से आई थी। इसके बाद ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर ईरान ने जलडमरूमध्य में कोई बारूदी सुरंग बिछाई भी है तो वह उसे तुरंत हटा ले अन्यथा उस पर 'अब तक के सबसे भीषण' हमले किए जाएंगे।

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