iran 8 leaders killed in 18 days see list among ayatollah khamenei and others 18 दिन में 8; अयातुल्लाह खामेनेई समेत ईरान ने खो दिए कौन से टॉप लीडर और कमांडर, International Hindi News - Hindustan
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18 दिन में 8; अयातुल्लाह खामेनेई समेत ईरान ने खो दिए कौन से टॉप लीडर और कमांडर

अयातुल्लाह अली खामेनेई जंग के पहले ही दिन 28 फरवरी को मारे गए तो वहीं उनके साथ कुछ और लोगों की मौत हो गई। उनके साथ जिन लोगों की मौत हुई थी, उनमें एक बड़ा अली शामखानी का भी है। वह अयातुल्लाह खामेनेई के सलाहकार थे। लंबे समय से वह ईरान की सुरक्षा और परमाणु नीति के मामलों में दखल रख रहे थे। 

Thu, 19 March 2026 11:56 AMSurya Prakash लाइव हिन्दुस्तान, तेहरान
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18 दिन में 8; अयातुल्लाह खामेनेई समेत ईरान ने खो दिए कौन से टॉप लीडर और कमांडर

अमेरिका और इजरायल के भीषण हमलों में ईरान ने अब तक कई टॉप लीडर खो दिए हैं। इस जंग ने मिडल ईस्ट समेत पूरी दुनिया पर ही असर डाला है, लेकिन ईरान को कभी ना भूलने वाले जख्म दिए हैं। ईरान में 1989 से ही सत्ता संभालने वाले अयातुल्लाह अली खामेनेई जंग के पहले ही दिन 28 फरवरी को मारे गए तो वहीं उनके साथ कुछ और लोगों की मौत हो गई। उनके साथ जिन लोगों की मौत हुई थी, उनमें एक बड़ा अली शामखानी का भी है। वह अयातुल्लाह खामेनेई के सलाहकार थे। लंबे समय से वह ईरान की सुरक्षा और परमाणु नीति के मामलों में दखल रख रहे थे। वह मुल्क के रक्षा मंत्री भी रह चुके थे।

इसी हमले में मोहम्मद पाकपुर भी मारे गए थे, जो इस्लामिक रिवॉलूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कमांडर इन चीफ थे। उन्हें ईरान की सेना के शीर्ष सैनिकों में से एक माना जाता है। इसी हमले में अजीज नासिरजादे की भी मौत हुई थी, जो ईरान के डिफेंस मिनिस्टर थे और पूर्व में एयर फोर्स के अधिकारी भी रह चुके हैं। अब्दुलरहीम मोसावी भी इस हमले में मारे गए थे, जो ईरान की सेना के चीफ ऑफ स्टाफ थे। एक ही साथ 5 टॉप नेताओं और कमांडरों के मारे जाने से ईरान को करारा झटका लगा था। इसके बाद भी उसने पीछे हटने की बजाय तीखा प्रतिरोध किया और इजरायल समेत मि़डल ईस्ट के कई देशों पर हमले किए।

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यहां तक कि ऊंची इमारतों के लिए दुनिया भर में मशहूर और ऑफिस कैपिटल बने दुबई में भी मिसाइलें गिरीं। तब लगा था कि शायद ईरान अब जंग में वापसी कर रहा है, लेकिन 17 मार्च को उस वक्त फिर से उसे झटका लगा, जब उसके टॉप सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी मारे गए। उनके साथ बेटे का भी कत्ल हो गया। फिर उसी दिन घोलामरेजा सुलेमानी का भी कत्ल हो गया। सबसे आखिर में ईरान के खुफिया विभाग के मंत्री इस्माइल खातिब मारे गए। उनका मारा जाना भी ईरान के लिए बड़ा सदमा है। उन्हें अयातुल्लाह खामेनेई के करीबी लोगों में शुमार किया जाता था।

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अब तक इस जंग में 18 दिन से ज्यादा का वक्त बीच चुका है, लेकिन इसके खत्म होने के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं। यही नहीं अब कहा जा रहा है कि ईरान भी इस जंग को लंबे समय तक खिंचने की फिराक में है। उसे लगता है कि यदि अमेरिका और उसके सहयोगी सुन्नी मुसलमान देशों को वह लंबे समय तक जंग में उलझाकर रखेगा तो वे दबाव में आ जाएंगे।

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