लहराया तिरंगा और लगे 'भारत माता की जय' के नारे, जब होर्मुज से गुजरा भारतीय जहाज; कैसा था नजारा
Hormuz Strait: जिस समय भारतीय जहाज होर्मुज पार कर रहा था, उस समय वहां के आसपास का माहौल देखने लायक था। जहाज पर सवार नाविक भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगा रहे थे। उन्होंने भारत का झंडा भी पकड़ रखा था।

Iran US War Update: मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच दुनियाभर में तेल और एलपीजी पर संकट छा गया है। ईरान के होर्मुज स्ट्रेट को कई देशों के लिए बंद करने की वजह से वहां से गुजरने वाले तेल के जहाज जा नहीं पा रहे हैं। हालांकि, इस बीच, ईरान भारत को मित्र देश बताते हुए कुछ जहाजों को होर्मुज पार करवा रहा है। रविवार को एलपीजी से लदे दो भारतीय जहाजों ने होर्मुज स्ट्रेट को पार किया। जिस समय ये जहाज होर्मुज पार कर रहे थे, उस समय वहां के आसपास का माहौल देखने लायक था। जहाज पर सवार नाविक भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगा रहे थे। इस दौरान, उन्होंने भारत का झंडा (तिरंगा) भी पकड़ रखा था।
एलपीजी तेल टैंकर के होर्मुज के समुद्र से गुजरने का वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं। इसमें समुद्र से टैंकर गुजर रहा है और उसके आसपास नेवी की मौजूदगी है। टैंकर पर मौजूद लोगों ने भारतीय नेवी का धन्यवाद भी किया। सरकार ने रविवार को बताया कि भारत आ रहे लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) के दो टैंकर, जिनमें करीब 94,000 मीट्रिक टन कुकिंग गैस भरी है, होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रूप से गुजर गए हैं और भारत की ओर बढ़ रहे हैं।
एक अप्रैल तक पहुंच जाएंगे टैंकर
पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ये जहाज - BW Tyr और BW Elm - क्रमशः 31 मार्च को मुंबई और 1 अप्रैल को न्यू मैंगलोर पहुंचने की उम्मीद है। ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के युद्ध के कारण इस जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है, लेकिन ईरान ने कहा है कि जो जहाज दुश्मन नहीं हैं, वे ईरानी अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाकर इस जलमार्ग से गुजर सकते हैं।
भारतीय झंडा लगे कुल 18 जहाज अब भी मौजूद
ये जहाज, भारतीय झंडा लगे उन ताजा जहाजों में शामिल हैं जो इस संकरे रास्ते से गुजरने में सफल रहे हैं। LSEG के जहाज ट्रैकिंग डेटा से शुक्रवार को पता चला कि चार एलपीजी टैंकर पहले ही यह रास्ता पार कर चुके हैं, जबकि तीन और टैंकर अभी भी जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में हैं। सरकार ने बताया कि भारतीय झंडा लगे कुल 18 जहाज, जिन पर 485 भारतीय नाविक सवार हैं, अभी भी पश्चिमी खाड़ी क्षेत्र में मौजूद हैं। भारत, जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी आयातक देश है, ने पिछले साल 33.15 मिलियन टन गैस की खपत की थी। इसमें से लगभग 60 फीसदी मांग आयात के जरिए पूरी की गई थी। इस आयात का लगभग 90 फीसदी हिस्सा मध्य-पूर्व के देशों से आया था। सरकार ने बताया कि पूरे भारत में बंदरगाहों पर कामकाज सामान्य रूप से चल रहा है और कहीं भी जहाजों की भीड़ या रुकावट की कोई खबर नहीं है।
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