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चीन का वर्चस्व नहीं, भारत का दबदबा...अमेरिका माना लोहा; जमकर की तारीफ

अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने, एक बार फिर भारत की तारीफ की है। उन्होंने भारत को दक्षिण एशिया में भारत का अहम साझीदार बताया है। हेगसेथ ने कहाकि भारत इस क्षेत्र में संतुलन बनाए रखने के साझा अमेरिकी लक्ष्य को आगे बढ़ाता है।

Sun, 31 May 2026 11:23 AMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, सिंगापुर
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चीन का वर्चस्व नहीं, भारत का दबदबा...अमेरिका माना लोहा; जमकर की तारीफ

अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने, एक बार फिर भारत की तारीफ की है। उन्होंने भारत को दक्षिण एशिया में भारत का अहम साझीदार बताया है। हेगसेथ ने कहाकि भारत इस क्षेत्र में संतुलन बनाए रखने के साझा अमेरिकी लक्ष्य को आगे बढ़ाता है। शनिवार को सिंगापुर में शांगरी-ला डायलॉग में बोलते हुए, हेगसेथ ने कहाकि कोई भी देश, चाहे वह चीन ही क्यों न हो, एशिया में अपनी मनमानी नहीं थोप सकता है। अमेरिकी रक्षा सचिव ने यह भी कहाकि किसी भी तरह से हमारे देश और हमारे सहयोगियों की सुरक्षा या समृद्धि को सवाल के घेरे में नहीं लाया जा सकता। हालांकि उन्होंने चीन को लेकर नरमी भी बरती और कहाकि चीन की बढ़ती सैन्य ताकत के बावजूद अमेरिका का उससे टकराव नहीं है। हेगसेथ ने यह भी कहाकि जब ट्रंप शासन में रहे हैं तो चीन और अमेरिका के संबंध बेहतर रहे हैं।

भारत को बताया भागीदार
सिंगापुर शिखर सम्मेलन में प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए हेगसेथ ने भारत की बढ़ती सैन्य और औद्योगिक क्षमताओं पर भी प्रकाश डाला और देश को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में तेजी से उभरता महत्वपूर्ण सुरक्षा भागीदार बताया। उन्होंने कहा कि भारत अपने सशस्त्र बलों का आधुनिकीकरण कर रहा है और विशेषकर हिंद महासागर क्षेत्र में शक्ति संतुलन बनाए रखने में मदद कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत उच्च स्तरीय सैन्य अभियानों को बनाए रखने के लिए विशाल औद्योगिक क्षमता और साजो-सामान का निर्माण भी कर रहा है। उन्होंने कहाकि हमने क्षमताओं को आगे बढ़ाने के लिए भारत के साथ सह-उत्पादन की भी प्रतिबद्धता जताई है।रक्षा सचिव ने घोषणा की कि अमेरिका ने भारत के साथ जावेलिन एंटी-टैंक गाइडेड म्यूनिशन्स के सह-उत्पादन को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्धता जताई है।

क्षेत्रीय स्थिरता अहम
हेगसेथ ने अमेरिका की व्यापक हिंद-प्रशांत रणनीति की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए भारत पर ये टिप्पणी की, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखना है, साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी एक शक्ति इस क्षेत्र पर हावी न हो सके। उन्होंने कहाकि हम चाहते हैं कि एक ऐसा स्थिर संतुलन बने, जो अमेरिकियों के साथ-साथ हमारे सहयोगियों के लिए भी कारगर हो। एक ऐसा अनुकूल, लेकिन टिकाऊ, शक्ति संतुलन जिसमें चीन सहित कोई भी देश अपना वर्चस्व स्थापित न कर सके और अमेरिका और उसके सहयोगियों की सुरक्षा या समृद्धि को खतरे में न डाल सके।

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अधिक साझा जिम्मेदारी की अपील
अमेरिकी विदेश मंत्री ने सहयोगी देशों और साझेदारों के बीच अधिक साझा जिम्मेदारी निभाने की अपील दोहराई। उन्होंने कहाकि धनी देशों की रक्षा के लिए अमेरिका द्वारा सब्सिडी देने का युग समाप्त हो गया है। हमें संरक्षित देशों की नहीं, बल्कि साझेदारों की आवश्यकता है। हम साझा जिम्मेदारी पर आधारित गठबंधन चाहते हैं, न कि निर्भरता पर। हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए अपनी सैन्य क्षमताओं और सहयोगियों के साथ सहयोग को मजबूत करना जारी रखेगा। उन्होंने भारत, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, वियतनाम और फिलीपीन सहित कई हिंद-प्रशांत साझेदारों द्वारा की गई रक्षा प्रतिबद्धताओं पर भी प्रकाश डाला।

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