If the US Launches a Ground Invasion Iran Is Mobilizing an Additional Force of One Million Troops US के एक फैसले से महासंग्राम के आसार, ईरान में 10 लाख नए सैनिक कर रहे इंतजार, International Hindi News - Hindustan
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US के एक फैसले से महासंग्राम के आसार, ईरान में 10 लाख नए सैनिक कर रहे इंतजार

खास बात है कि ये घटनाक्रम ऐसे समय पर हो रहे हैं, जब हजारों की संख्या में मरीन पहले ही क्षेत्र में मौजूद हैं। अमेरिका की सेना 82वीं 'एयरबोर्न डिवीजन' से कम से कम 1,000 और सैनिकों को तैनात करने की तैयारी कर रही है, ताकि क्षेत्र में पहले से मौजूद करीब 50,000 सैनिकों को और बल मिल सके।

Fri, 27 March 2026 08:14 AMNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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US के एक फैसले से महासंग्राम के आसार, ईरान में 10 लाख नए सैनिक कर रहे इंतजार

अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष तेज होने के आसार हैं। खबरें हैं कि अमेरिका अब ईरान के खिलाफ जमीनी कार्रवाई शुरू कर सकता है। हालांकि, अमेरिका ने इसका ऐलान नहीं किया है। इसी बीच ईरान में लाखों उम्मीदवार सेना में भर्ती होने की प्रक्रिया में हैं। फिलहाल, आंकड़े स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन कहा जा रहा है कि पूरे देश में स्थापित रिक्रूटमेंट सेंटर्स में लोग पहुंच रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संभावित जमीनी कार्रवाई की आशंका में ईरान ने 10 लाख से अधिक लड़ाकों को तैयार करना शुरू कर दिया है। बसीज, IRGC यानी इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स और सेना की तरफ से चलाए जा रहे सेंटर्स पर लोग बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अगले कुछ दिनों में 82nd एयरबोर्न डिवीजन के सैनिकों के मिडिल ईस्ट पहुंचने के आसार हैं।

खास बात है कि ये घटनाक्रम ऐसे समय पर हो रहे हैं, जब हजारों की संख्या में मरीन पहले ही क्षेत्र में मौजूद हैं। अमेरिका की सेना 82वीं 'एयरबोर्न डिवीजन' से कम से कम 1,000 और सैनिकों को तैनात करने की तैयारी कर रही है, ताकि क्षेत्र में पहले से मौजूद करीब 50,000 सैनिकों की ताकत बढ़ सके। अमेरिका के रक्षा मंत्रालय का मुख्यालय 'पेंटागन' दो 'मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट' की भी तैनाती की प्रक्रिया में है, जिसके तहत क्षेत्र में करीब 5,000 मरीन और नौसेना के हजारों अन्य कर्मी और तैनात किए जाएंगे।

पाकिस्तान कर रहा है बात

गुरुवार को पाकिस्तान ने कहा कि वह ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए क्षेत्र और उससे बाहर के सभी हितधारकों के साथ सक्रिय रूप से बातचीत कर रहा है। खास बात है कि पाकिस्तान के जरिए ही अमेरिका ने अपनी मांगों को ईरान तक पहुंचाया था। अब पाकिस्तान की तरफ से भी बातचीत की पुष्टि कर दी गई है।

ईरान ने 15 सूत्रीय प्रस्ताव ठुकराया

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर पश्चिम एशिया में 'दोहरा मापदंड' अपनाने का आरोप लगाते हुए उसके 15-सूत्रीय प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। अराघची ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा कि अमेरिका एक ओर गाजा में इजरायल की नाकेबंदी का समर्थन करता है, जबकि दूसरी ओर होर्मुज जलडमरूमध्य में आत्मरक्षा के लिए उठाए गए ईरान के कदमों की आलोचना करता है। उन्होंने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय कानून सुविधा के अनुसार इस्तेमाल करने का उपकरण नहीं है।'

उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान वर्तमान में अमेरिका के साथ किसी भी तरह की वार्ता नहीं कर रहा है और न ही ऐसी कोई योजना है, जिससे युद्ध समाप्त हो सके। यह बयान अमेरिकी अधिकारियों के उन दावों के विपरीत है, जिनमें बातचीत को जारी और सार्थक बताया गया था।

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28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों के बाद शुरू हुआ यह संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसमें ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सहयोगी देशों को भी निशाना बनाया है। दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी और कूटनीतिक दावों में अंतर के कारण स्थिति और अधिक जटिल होती जा रही है।

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