From ground operations to seizing islands, US is weighing these options for a 'final strike' against Iran एक तरफ वार्ता, दूसरी ओर जमीनी सेना से लेकर द्वीप कब्जा तक; ईरान पर 'आखिरी वार' का US कर रहा विचार, International Hindi News - Hindustan
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एक तरफ वार्ता, दूसरी ओर जमीनी सेना से लेकर द्वीप कब्जा तक; ईरान पर 'आखिरी वार' का US कर रहा विचार

रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिका कई विकल्पों पर विचार कर रहा है। इनमें ईरान के प्रमुख तेल निर्यात टर्मिनल खार्ग द्वीप पर हमला, लारक द्वीप पर कार्रवाई, और होर्मुज के पश्चिमी छोर के पास स्थित अबू मूसा व अन्य छोटे द्वीपों पर कब्जा जैसे कदम शामिल हैं।

Thu, 26 March 2026 11:03 PMPramod Praveen वार्ता, वॉशिंगटन
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एक तरफ वार्ता, दूसरी ओर जमीनी सेना से लेकर द्वीप कब्जा तक; ईरान पर 'आखिरी वार' का US कर रहा विचार

अमेरिका ईरान के खिलाफ "निर्णायक हमला" करने के विकल्पों पर विचार कर रहा है, जिसमें जमीनी कार्रवाई और व्यापक बमबारी अभियान जैसे परिदृश्य शामिल हैं। सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार संघर्ष के अहम चरण में पहुंचने के बीच अमेरिकी अधिकारी मान रहे हैं कि यदि कूटनीतिक प्रयास विफल होते हैं तथा ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए जारी रखता है, तो तनाव और बढ़ सकता है।

रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिका कई विकल्पों पर विचार कर रहा है। इनमें ईरान के प्रमुख तेल निर्यात टर्मिनल खार्ग द्वीप पर हमला, लारक द्वीप पर कार्रवाई, और होर्मुज के पश्चिमी छोर के पास स्थित अबू मूसा व अन्य छोटे द्वीपों पर कब्जा जैसे कदम शामिल हैं। इसके अलावा बिना जमीनी सैनिक भेजे व्यापक हवाई हमलों के जरिए ईरान की क्षमताओं को कमजोर करने का विकल्प भी विचाराधीन है।

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ट्रंप ने अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि वार्ता में प्रगति नहीं होने की स्थिति में वह कार्रवाई के लिए तैयार हैं। वाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने चेतावनी दी कि यदि समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका "पहले से अधिक कठोर कार्रवाई" कर सकता है। उन्होंने कहा कि “राष्ट्रपति दिखावा नहीं करते।”

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अमेरिका ने सैन्य मौजूदगी बढ़ानी शुरू कर दी है

इस बीच अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ानी शुरू कर दी है, जिसमें समु्द्री अभियान दल और 82वीं वायुसेना इकाई के तत्वों की तैनाती शामिल है। ईरान ने अमेरिकी बातचीत प्रस्तावों को खारिज करते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने कहा कि ईरान स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर क्षेत्र में महत्वपूर्ण ढांचे को निशाना बनाएगा। इस बीच पाकिस्तान, मिस्र, ओमान और तुर्की की मध्यस्थता से कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन स्थिति अब भी बेहद संवेदनशील बनी हुई है।

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