Donald Trump Claims Iran Navy and Air Force Have Been Decimated Attacks NATO as Well समझौता करने के लिए भीख मांग रहा ईरान, नौसेना-वायुसेना पूरी तरह तबाह: डोनाल्ड ट्रंप, International Hindi News - Hindustan
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समझौता करने के लिए भीख मांग रहा ईरान, नौसेना-वायुसेना पूरी तरह तबाह: डोनाल्ड ट्रंप

ईरान को लेकर ट्रंप ने कहा कि  उनकी विमान-रोधी और संचार क्षमताएं पूरी तरह से नष्ट हो चुकी हैं। उनका पूरा नेतृत्व खत्म हो चुका है। पहली कतार के नेता खत्म हो गए, फिर वे नई कतार के नेताओं को चुनने के लिए मिले, और वे भी खत्म हो गए।

Thu, 26 March 2026 09:45 PMMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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समझौता करने के लिए भीख मांग रहा ईरान, नौसेना-वायुसेना पूरी तरह तबाह: डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को दावा किया है कि ईरान की नौसेना और वायुसेना, दोनों ही पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं। वह समझौता करने के लिए भीख मांग रहे हैं। अगर सही डील हो जाती है तो फिर होर्मुज स्ट्रेट खुल जाएगा। ट्रंप ने कहा कि ईरान की नौसेना डूब चुकी है। यह किसी विदेशी नौसेना का अब तक का सबसे बड़ा खात्मा है, शायद इतिहास का ही, लेकिन निश्चित रूप से दूसरे विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा। इसके अलावा, उनकी वायुसेना भी खत्म हो चुकी है। उनकी विमान-रोधी और संचार क्षमताएं पूरी तरह से नष्ट हो चुकी हैं। उनका पूरा नेतृत्व खत्म हो चुका है। पहली कतार के नेता खत्म हो गए, फिर वे नई कतार के नेताओं को चुनने के लिए मिले, और वे भी खत्म हो गए।

ट्रंप ने कहा कि वे सब इसलिए खत्म हो गए क्योंकि उन्होंने कोई समझौता नहीं किया और क्योंकि वे बीमार लोग हैं। वे सचमुच बीमार हैं। अगर हमने उस समय उन पर B-2 बमवर्षकों से हमला न किया होता, तो उनके पास परमाणु हथियार होते, और वे बिना किसी हिचकिचाहट के उनका इस्तेमाल कर लेते। इसके अलावा, ट्रंप ने नाटो पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि हम नाटो से बहुत निराश हैं क्योंकि नाटो ने बिल्कुल कुछ भी नहीं किया है। मैंने 25 साल पहले कहा था कि NATO एक कागजी शेर है। लेकिन इससे भी ज़्यादा महत्वपूर्ण बात यह है कि हम उनकी मदद के लिए आगे आएंगे, लेकिन वे हमारी मदद के लिए कभी नहीं आएंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ''ईरानी शासन अब खुद यह मान रहा है कि वे पूरी तरह से हार चुके हैं। वे लोगों से कह रहे हैं - यह एक बड़ी तबाही है। वे यह जानते हैं। इसीलिए वे हमसे बात कर रहे हैं। वे अब वापसी नहीं कर सकते। हम उनके शहरों और कस्बों में कहीं भी घूमने और उनके सभी खतरनाक परमाणु हथियारों, मिसाइलों और ड्रोनों को नष्ट करने के लिए आजाद हैं, जिन्हें वे बना रहे हैं। हम ऐसा कर रहे हैं। अब उनके पास कोई समझौता करने का मौका है, लेकिन यह उन पर निर्भर करता है और वे आपसे कहेंगे कि हम बातचीत नहीं कर रहे हैं। हम बातचीत नहीं करेंगे। बेशक, वे बातचीत करेंगे। वे पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं। वे समझौता करने की भीख मांग रहे हैं। हम देखेंगे कि क्या हम कोई सही समझौता कर पाते हैं, और अगर वे सही समझौता करते हैं, तो होर्मुज जलडमरूमध्य खुल जाएगा।"

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आठ युद्ध सुलझाने का दावा

ट्रंप ने एक बार फिर से आठ युद्ध को सुलझाने का दावा किया। उन्होंने कहा कि हालांकि, मुझे लगता है कि उनमें से कई युद्ध इस वाले से ज्यादा मुश्किल थे। राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच जबरदस्त नफरत है। मैंने ऐसा पहले भी देखा है, लेकिन इतनी ज्यादा हद तक कभी नहीं देखा। मुझे लगता है कि अब यह थोड़ा शांत हो रहा है, और मुझे लगता है कि हमारे पास इसे सुलझाने का एक मौका है... जरा सोचिए, दो महीने पहले 31,000 सैनिक रूसी और यूक्रेनी दोनों मारे गए थे। पिछले महीने 25,000।"

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