होर्मुज स्ट्रेट पर कब्जा करना चाहता है अमेरिका? रवाना कर दिए 5000 सैनिक और विमान
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए 48 घंटे का समय दिया था। वह समयसीमा पूरी होने वाली है। इसी बीच अमेरिका ने 5000 सैनिकों की टुकड़ी मध्य एशिया के लिए रवाना की है।

अमेरिकी राषट्र्पति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टिमेटम देते हुए कहा था कि वह होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से खोल दे। ईरान भी अपने इरादे से टस से मस नहीं हो रहा है। ऐसे में अमेरिकी की तरफ से बड़े हमले की आशंका बढ़ गई है। इसी बीच अमेरिका ने मध्य एशिया में अपने 5000 से ज्यादा सैनिक तैनात करने जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका की अतिरिक्त फौज को रवाना किया गया है। इसके अलावा अमेरिका ने अतिरिक्त एफ-35 विमानों को भी भेजने का फैसला किया है।
एक इजरायली अधिकारी ने कहा कि अमेरिका कि यह फौज केवल दिखाने के लिए नहीं आ रही है बल्कि एक बड़ा प्लान बनाया गया है। खर्ग द्वीप और होर्मुज स्ट्रेट को ईरान के कब्जे से निकालना है। उन्होंने कहा कि अगर खर्ग द्वीप पर ईरान का नियंत्रण खत्म होता है तो उसकी कमर टूट जाएगी और वह समझौता करने को तैयार हो जाएगा।
ईरान ने पूरे पारस की खाड़ी में बारूद बिछाने की दी धमकी
ईरान की रक्षा परिषद ने सोमवार को चेतावनी दी कि अगर जमीनी आक्रमण हुआ, तो वह ''पूरे फारस की खाड़ी'' में समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछा सकता है। रक्षा परिषद का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब तेहरान में इस बात को लेकर चिंता बढ़ रही है कि अमेरिकी मरीन नौसैनिक क्षेत्र में तैनात किए जा सकते हैं।
रक्षा परिषद ने कहा, ''दुश्मन द्वारा ईरान के तटों या द्वीपों को निशाना बनाने का कोई भी प्रयास स्वाभाविक रूप से और स्थापित सैन्य प्रथाओं के अनुसार फारस की खाड़ी और तटीय इलाकों में पहुंच के सभी मार्गों को बारूदी सुरंगों से भर देने का कारण बनेगा।' इस बीच, अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को ऊर्जा आपूर्ति के लिए फिर से खोलने की कोशिश कर रहा है, जो फारस की खाड़ी का संकरा प्रवेश द्वार है। इस मिशन को समर्थन देने के लिए अमेरिकी मरीन नौसैनिक ईरान के द्वीपों या उसके तटीय क्षेत्रों पर कब्जा करने के लिए उतर सकते हैं।
वहीं, इजराइल ने भी संकेत दिया है कि युद्ध के दौरान जमीनी अभियान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उधर रूस के उप विदेश मंत्री आंद्रेई रुदेन्को ने सोमवार को कहा कि रूस ईरान रुदेन्को ने 'रूस और भारत - द्विपक्षीय संबंधों के नए एजेंडे की ओर' अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के इतर पत्रकारों से कहा, "हमारे मंत्री खाड़ी देशों के सहयोगियों और ईरानी विदेश मंत्री के साथ निरंतर संपर्क में हैं। हम वास्तविक समय में सभी के साथ काम कर रहे हैं।"
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