Declare Victory and End the War Former Iranian Foreign Minister Offers Advice What Will Be the Impact on India जीत की घोषणा कर युद्ध समाप्त करो; ईरान के पूर्व विदेश मंत्री ने दी सलाह, भारत पर कैसा असर, International Hindi News - Hindustan
More

जीत की घोषणा कर युद्ध समाप्त करो; ईरान के पूर्व विदेश मंत्री ने दी सलाह, भारत पर कैसा असर

जरीफ के अनुसार, इन समझौतों से ईरान के नेतृत्व को अपना ध्यान विदेशी दुश्मनों से बचाव के बजाय अपने नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने और देश के शानदार भविष्य के निर्माण पर केंद्रित करने का अवसर मिलेगा।

Fri, 3 April 2026 01:17 PMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
share
जीत की घोषणा कर युद्ध समाप्त करो; ईरान के पूर्व विदेश मंत्री ने दी सलाह, भारत पर कैसा असर

Iran War Updates: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच ईरान के पूर्व विदेश मंत्री और परमाणु समझौते (JCPOA) के मुख्य सूत्रधार रहे मोहम्मद जवाद जरीफ ने अपने देश को एक सलाह दी है। अमेरिकी पत्रिका 'फॉरेन अफेयर्स' में प्रकाशित एक लेख में जरीफ ने तर्क दिया है कि ईरान को अब जीत की घोषणा करनी चाहिए और एक ऐसे समझौते की ओर बढ़ना चाहिए जो न केवल इस युद्ध को समाप्त करे बल्कि भविष्य के संघर्षों को भी रोके।

जवाद जरीफ को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का माहिर खिलाड़ी माना जाता है। उन्होंने तेहरान के लिए एक विस्तृत रूपरेखा तैयार की है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर क्या बोले?

जरीफ ने सुझाव दिया है कि ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम पर सीमाएं लगाने और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने का प्रस्ताव देना चाहिए। इसके बदले में ईरान को अपने ऊपर लगे सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को पूरी तरह समाप्त करने की मांग करनी चाहिए। जरीफ का मानना है कि अमेरिका ने पहले भले ही यह सौदा न माना हो, लेकिन वर्तमान युद्ध की भयावहता को देखते हुए अब वह इसे स्वीकार कर सकता है।

जरीफ ने अमेरिका और ईरान के बीच एक पारस्परिक अनाक्रमण समझौते का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत दोनों देश भविष्य में एक-दूसरे पर हमला न करने की औपचारिक शपथ लेंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि ईरान को अमेरिका के साथ आर्थिक संवाद और व्यापार के द्वार खोलने चाहिए। यह न केवल दोनों देशों के लोगों के लिए फायदेमंद होगा, बल्कि दशकों पुराने अविश्वास को कम करने में भी मदद करेगा।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:सबसे बड़े पुल पर हमला कर US ने भड़काई आग, ईरान ने हिट लिस्ट में दिखाए 8 टारगेट
ये भी पढ़ें:होर्मुज पर पकड़ टाइट करने की तैयारी, मुस्लिम देश संग क्या खिचड़ी पका रहा ईरान?
ये भी पढ़ें:ईरान में मलबे में दबा 450 kg यूरेनियम, जिसपर नजर गड़ाए बैठा US! क्या निकाल पाएगा

जरीफ के अनुसार, इन समझौतों से ईरान के नेतृत्व को अपना ध्यान विदेशी दुश्मनों से बचाव के बजाय अपने नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने और देश के शानदार भविष्य के निर्माण पर केंद्रित करने का अवसर मिलेगा।

जरीफ का यह लेख ऐसे समय में आया है जब ईरान चौतरफा सैन्य और आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है। जीत की घोषणा करने का उनका सुझाव दरअसल एक कूटनीतिक रणनीति है, जिससे ईरान बिना अपना सम्मान खोए युद्ध से सम्मानजनक विदाई ले सके। उनका मानना है कि ईरान ने अपनी प्रतिरोध क्षमता दिखाकर अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है और अब शांति वार्ता की मेज पर बैठने का सही समय है।

भारत के लिए क्या हैं इसके मायने?

यदि जरीफ का यह प्रस्ताव हकीकत में बदलता है तो इसके सबसे बड़े लाभार्थियों में भारत भी शामिल होगा। भारत के एलपीजी और कच्चे तेल की आपूर्ति फिर से सुचारू हो जाएगी। वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें गिरेंगी, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत मिलेगी। शांति की स्थिति में भारत ईरान के चाबहार बंदरगाह के जरिए मध्य एशिया तक अपनी पहुंच को और मजबूत कर सकेगा।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।