450 kg of uranium buried in Iran on which the US has its sights set Will it be able to retrieve it ईरान में मलबे में दबा 450 किलो यूरेनियम, जिसपर नजरें गड़ाए बैठा US! क्या निकाल पाएगा, International Hindi News - Hindustan
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ईरान में मलबे में दबा 450 किलो यूरेनियम, जिसपर नजरें गड़ाए बैठा US! क्या निकाल पाएगा

साल 1994 में प्रोजेक्ट सफायर के तहत अमेरिका करीब 600 किलो वेपन ग्रेड यूरेनियम कजाकस्तान से लेकर निकला था। ईरान के पास इस समय लगभग 440 किलोग्राम यूरेनियम है, जिसे 60 प्रतिशत तक शुद्ध या एनरिच किया गया है।

Fri, 3 April 2026 09:35 AMNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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ईरान में मलबे में दबा 450 किलो यूरेनियम, जिसपर नजरें गड़ाए बैठा US! क्या निकाल पाएगा

अमेरिका और ईरान युद्ध अभी थमा नहीं है। इसी बीच कहा जा रहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान से 400 किलोग्राम से ज्यादा यूरेनियम निकालने के लिए अमेरिकी बलों को भेज सकते हैं। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। अब अगर अमेरिका इस तरह की योजना बना रहा है, तो राह आसान नहीं होगी। अमेरिका इससे पहले भी इस तरह के एक बड़े मिशन को अंजाम दे चुका है।

ईरान के पास है कितना एनरिच्ड यूरेनियम

खबर है कि ईरान के पास इस समय लगभग 440 किलोग्राम यूरेनियम है, जिसे 60 प्रतिशत तक शुद्ध या एनरिच किया गया है। अब खास बात है कि परमाणु हथियार बनाने के लिए यूरेनियम का 90 प्रतिशत एनरिच होना जरूरी है और ईरान के पास पहले ही 60 फीसदी यूरेनियम है। IAEA यानी अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख राफेल ग्रोसी ने मार्च की शुरुआत में अल जजीरा से बातचीत में अनुमान लगाया था कि यह मात्रा 10 से ज्यादा परमाणु बम बनाने के लिए काफी है।

कहां है यूरेनियम

अल जजीरा के अनुसार, तब ग्रोसी ने कहा था कि 60 फीसदी एनरिच यूरेनियम का लगभग आधा अब भी इस्फाहान फैसिलिटी में रखा हुआ हो सकता है। साथ ही कुछ नतान्ज फैसिलिटी में हो सकता है। खास बात है कि फोर्डो समेत ये दे परमाणु ठिकाने बीते साल अमेरिका और इजरायल की तरफ से की गई कार्रवाई में तबाह हो गए थे या काफी नुकसान हुआ था। साथ ही ताजा संघर्ष में भी इन्हें निशाना बनाया गया है।

अमेरिका के सामने मुश्किलें

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामले से जुड़े जानकारों का दावा है कि अमेरिकी को ईरान का 450 किलोग्राम यूरेनियम हासिल करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी होगी। यूरेनियम लेकर उड़ान भरने के लिए सेना को कार्गो विमान के लिए ऐसा रनवे तैयार करना होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को इस संबंध में पूरी योजना पेश की गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की इस योजना से जुड़े दो जानकारों का कहना है कि ईरान के 450 किलोग्राम यूरेनियम भंडार का 60 फीसदी पिछले साल इस्फहान और नतांज क्षेत्र में किए गए अमेरिकी हमले के बाद मलबे में दबा है। ऐसे में अमेरिकी सेना को अगर इसे हासिल करना है तो उसे वहां बड़े पैमाने पर खुदाई करनी होगी। हजारों की संख्या में सैनिकों की जरूरत होगी।

और भी हैं चुनौतियां

इसके अलावा दुश्मन के इलाके से परमाणु तत्व को हटाने और सुरक्षित निकासी के लिए विशेषज्ञों की जरूरत होगी। यूरेनियम मिल जाता है तो उसे वहां से निकालने के लिए सेना को रनवे बनाना होगा जिससे यूरेनियम सुरक्षित तरीके से वहां से निकल सके। ये पूरी प्रक्रिया खतरनाक और जटिल है जिसमें महीनों का समय लग सकता है।

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1994 में किया अमेरिका ने ऑपरेशन

साल 1994 में प्रोजेक्ट सफायर के तहत अमेरिका करीब 600 किलो वेपन ग्रेड यूरेनियम कजाकस्तान से लेकर निकला था।

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