Cyprus to deploy BrahMos missile at Turkiye doorstep desire to buy it form India तुर्की की छाती पर तनेगा भारत का ब्रह्मोस, साइप्रस कर रहा डील; उड़ गई पाकिस्तान के भाईजान की नींद, International Hindi News - Hindustan
More

तुर्की की छाती पर तनेगा भारत का ब्रह्मोस, साइप्रस कर रहा डील; उड़ गई पाकिस्तान के भाईजान की नींद

ये वही तुर्की है जिसने बीते साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्लामिक भाईचारे के नाम पर पाकिस्तान का खुल कर साथ दिया था। वहीं कई बार वैश्विक मंचों पर वह भारत के कश्मीर के मुद्दे का भी जिक्र कर चुका है।

Fri, 29 May 2026 03:10 PMJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
share
तुर्की की छाती पर तनेगा भारत का ब्रह्मोस, साइप्रस कर रहा डील; उड़ गई पाकिस्तान के भाईजान की नींद

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत के ब्रह्मोस मिसाइलों की डिमांड दुनियाभर में बढ़ गई है। कई देश भारत संग इसकी खरीद की डील या तो फाइनल कर चुके हैं या करने की तैयारी में हैं। इंडोनेशिया, फिलीपींस और वियतनाम जैसे देशों के बाद अब इस कड़ी में एक और नाम जुड़ गया है। यह देश है साइप्रस। यूरोपीय देश साइप्रस ने हाल ही में भारत की अचूक मारक क्षमता वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सहित स्वदेशी कामिकेज ड्रोन को खरीदने की इच्छा जताई है। लेकिन इस डील से हजारों मील दूर बैठा भारत का दुश्मन देश घबरा गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत और साइप्रस के बीच होने जा रही 'ब्रह्मोस डील' ने तुर्की की नींद उड़ा दी है और तुर्की के सुरक्षा गलियारों में हड़कंप मच गया है।

इससे पहले साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स की हालिया भारत यात्रा के बाद इस रक्षा सौदे की योजना बनी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और साइप्रस के राष्ट्रपति की बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच एक रक्षा सहयोग रोडमैप को भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत दोनों देशों की सेनाएं ट्रेनिंग, सर्च एंड रेस्क्यू (SAR) ऑपरेशन और डिफेंस टेक्नोलॉजी जैसे तकनीक आपस में साझा करेंगी। वहीं टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक साइप्रस ने भारत से सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस, सुसाइड ड्रोन 'नागास्त्र-1' और 'स्काईस्ट्राइकर' खरीदने की भी इच्छा जताई है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:अब तुर्की से भारत लाए जाएंगे 2 और बड़े अपराधी, खूब सहयोग कर रहा मुस्लिम देश

तुर्की के लिए क्यों झटका?

अगर इस रक्षा समझौते पर मुहर लगती है तो यह पहली बार होगा जब भूमध्य सागर में कोई भारतीय हथियार प्रणाली की तैनाती हुई हो। यह तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगान के लिए एक बहुत बड़ा रणनीतिक झटका माना जा रहा है। बता दें कि तुर्की पिछले कई दशकों से उत्तरी साइप्रस पर अवैध कब्जा जमाए बैठा है। ऐसे में साइप्रस द्वारा ब्रह्मोस की तैनाती उसकी उसकी धड़कनें बढ़ाने के लिए काफी है। विशेषज्ञों के मुताबिक तुर्की इस बात से घबराया हुआ है कि अगर भूमध्य सागर में भारत की ब्रह्मोस मिसाइलें तैनात हो गईं, तो क्षेत्रीय सैन्य संतुलन पूरी तरह बदल सकता है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:चीन जैसे देशों को भाई बता PAK ने सीजफायर का दिया क्रेडिट, शरीफ ने क्या कहा?

पाकिस्तान से निभाया था भाईचारा

गौरतलब है कि यह वही तुर्की है जिसने बीते साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्लामिक भाईचारे के नाम पर पाकिस्तान का खुलकर साथ दिया था। 2025 में जब भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष अपने चरम पर था, तब तुर्की ने पाकिस्तान को चोरी-छिपे सैकड़ों ड्रोन भी भेजे थे। हालांकि भारत ने ऐसे कई ड्रोंस मार गिराए थे और पाकिस्तान के कायराना हमलों का मुहतोड़ जवाब दिया था। दूसरी तरफ तुर्की कई बार वैश्विक मंचों पर भारत के कश्मीर के मुद्दे का भी जिक्र कर चुका है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बांग्लादेश में नई सरकार बनते ही तुर्की की चाल, ढाका क्यों पहुंचे एर्दोगन के बेटे

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।