डोनाल्ड ट्रंप के दौरे से पहले चीन ने ललकारा- इन 4 बातों पर अमेरिका चुप ही रहे तो बेहतर
अमेरिकी राष्ट्रपति चीन दौरे पर पहुंचने वाले हैं। इससे पहले चीन ने उसे ललकारा है। चीन का कहना है कि अमेरिका के साथ रिश्तों में 4 रेड लाइन हैं, जिनका पालन किया जाना जरूरी है। अमेरिका स्थित चीनी दूतावास ने इस संबंध में ट्वीट किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति दो दिन के चीन दौरे पर रवाना हो गए हैं। यह मुलाकात भले ही दो देशों के नेताओं के बीच होनी है, लेकिन इस पर दुनिया भर की नजरें हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ईरान में चल रही जंग और ट्रेड वॉर के चलते इसकी अहमियत बढ़ गई है। इस बीच चीन ने पहले ही अपने तेवर दिखा दिए हैं और अमेरिका के सामने 4 रेड लाइन खींच दी हैं। चीन का कहना है कि ट्रंप और शी जिनपिंग की वार्ता में इन 4 रेड लाइनों को अमेरिका पार न करे तभी अच्छा होगा। यदि उसने इनका पालन नहीं किया तो फिर चीन के साथ अमेरिका के अच्छे रिश्ते नहीं हो सकेंगे।
चीन के अमेरिका स्थित दूतावास की ओर से इस संबंध में ट्वीट किया गया है और ट्रंप प्रशासन को 4 बातें ध्यान दिलाई गई हैं। चीनी दूतावास ने लिखा है, 'चीन और अमेरिका के संबंधों में 4 रेड लाइन हैं, जिन्हें चुनौती नहीं दी जानी चाहिए। ये हैं- ताइवान का सवाल, लोकतंत्र और मानवाधिकार की बात, राजनीतिक व्यवस्था और चीन का अपने विकास का अधिकार।' इसके बाद एक्स पर एक और पोस्ट में चीनी दूतावास ने लिखा है कि चीन और अमेरिका को रचनात्मक रिश्ते स्थापित करने चाहिए। इसके अलावा रणनीतिक स्तर पर भी दोनों देशों के बीच संबंधों में स्थिरता रहनी चाहिए।
पहले भी चीन की ओर से इन रेड लाइन की बात होती रही है। शी जिनपिंग और तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की नवंबर 2024 में मुलाकात हुई थी। तब राष्ट्रपति जिनपिंग ने कहा था कि अमेरिका के साथ रिश्तों में 4 रेड लाइन हैं। अमेरिका को हमेशा यह ध्यान रखना होगा कि इन्हें पार न किया जाए। बता दें कि लोकतांत्रिक शासन वाले ताइवान पर चीन का दावा रहा है। वह उसे वन चाइना पॉलिसी के तहत अपना ही क्षेत्र मानता है। अमेरिका की ओर से ताइवान को महत्व दिया जाना चीन को हमेशा ही अखरता रहा है। हाल ही में अमेरिका ने ताइवान को हथियार देने का ऐलान किया था।
ट्रंप से मुलाकात में भी ताइवान का मसला उठा सकता है चीन
माना जा रहा है कि अब जिनपिंग और ट्रंप के बीच वार्ता में चीन की ओर से यह मुद्दा भी उठाया जा सकता है। यही नहीं चीन के ताइवान मामलों के मंत्रालय ने एक बार फिर से यह बात दोहराई है। मंत्रालय के प्रवक्ता झांग हान ने कहा कि ताइवान तो चीन का आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा कि यह चीन के लोगों का विषय है और इस मसले पर अमेरिका को कुछ नहीं बोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि ताइवान के साथ किसी भी तरह के रिश्ते रखने की अमेरिकी पहल के हम खिलाफ हैं। इसका हम मजबूती से विरोध करते हैं।
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