China Came Forward to Stop Iran US War Says It Should be Never Happened Gave Offer कभी नहीं होना चाहिए था युद्ध, ईरान जंग रोकने के लिए आगे आया चीन; दिया एक ऑफर, International Hindi News - Hindustan
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कभी नहीं होना चाहिए था युद्ध, ईरान जंग रोकने के लिए आगे आया चीन; दिया एक ऑफर

चीनी विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, उन्होंने यह कहा कि ईरान युद्ध कभी होना ही नहीं चाहिए था और इसे जारी रखने का कोई कारण नहीं है। विदेश मंत्री वांग यी ने बुधवार को बीजिंग में यूएई के राष्ट्रपति के चीन में विशेष दूत, खलदून अल मुबारक के साथ एक बैठक के दौरान ये बातें कहीं।

Wed, 18 March 2026 04:25 PMMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, बीजिंग
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कभी नहीं होना चाहिए था युद्ध, ईरान जंग रोकने के लिए आगे आया चीन; दिया एक ऑफर

Iran US War Update: मिडिल ईस्ट कई दिनों से जंग की आग में धधक रहा है। सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को मारने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध और बढ़ गया है। खाड़ी देशों पर ईरान के हमले से अमेरिका भी सन्न है। पूरी दुनिया पर तेल का संकट मंडराने लगा है। कई देश युद्ध को जल्द से जल्द खत्म करवाने की कोशिश में लगे हैं। इस बीच, चीन यह युद्ध रोकने के लिए आगे आया है और मध्यस्थता का ऑफर दिया है। युद्ध की शुरुआत से ही चीन, रूस जैसे देशों का झुकाव ईरान की तरफ रहा है। हालांकि, खाड़ी देशों पर हमले का चीन विरोध करता रहा है।

चीनी विदेश मंत्रालय ने चीन मिडिल ईस्ट में सीजफायर या फिर युद्ध रुकवाने के लिए मध्यस्थता की कोशिश करना जारी रखेगा। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि चीन मिडिल ईस्ट में सीजफायर और लड़ाई को खत्म करने के लिए मध्यस्थता जारी रखेगा। विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, उन्होंने यह भी कहा कि यह युद्ध कभी होना ही नहीं चाहिए था और इसे जारी रखने का कोई कारण नहीं है। विदेश मंत्री वांग यी ने बुधवार को बीजिंग में यूएई के राष्ट्रपति के चीन में विशेष दूत, खलदून अल मुबारक के साथ एक बैठक के दौरान ये बातें कहीं। इस बैठक में उन्होंने यूएई की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा करने में उसके प्रति अपना समर्थन भी व्यक्त किया।

ईरान की मदद कर रहे चीन-रूस

युद्ध में चीन और रूस ईरान की मदद कर रहे हैं। पहले दिन से ही दोनों देश ईरान पर हुए इस हमले के खिलाफ थे। पिछले दिनों ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि रूस और चीन कई तरीकों से ईरान की मदद कर रहे हैं, जिसमें सैन्य सहयोग देना भी शामिल है। ब्रॉडकास्टर MS NOW को दिए एक इंटरव्यू में, अराघची ने अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे युद्ध के दौरान रूस और चीन को तेहरान का रणनीतिक साझेदार बताया। विदेश मंत्री ने कहा, "अतीत में हमारा आपस में गहरा सहयोग रहा है, जो अब भी जारी है, और इसमें सैन्य सहयोग भी शामिल है।" उन्होंने आगे कहा कि ईरान का इन देशों के साथ अच्छा सहयोग रहा है: राजनीतिक, आर्थिक और यहां तक कि सैन्य स्तर पर भी।

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चीन ने तुरंत युद्ध रोकने की मांग की

चीन ने कई बार तुरंत युद्ध रोकने की मांग की है। चीन का कहना है कि सभी पक्ष तुरंत सैन्य कार्रवाई बंद करें और सीजफायर को लागू करें। समाधान सिर्फ बातचीत में ही है। अमेरिकी और इजरायली हमले की आलोचना करते हुए चीन ने इन हमलों को अस्वीकार्य और संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। इसके अलावा, ईरान में गई आम लोगों की जान पर भी गहरी चिंता जताई है। वहीं, ईरान में सरकार बदलने की अमेरिकी कोशिश को गलत ठहराते हुए कहा है कि वह इसका समर्थन नहीं करता है।

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