Bilal Bin Saqib crypto bro helped Pakistan to grow good relations with US 35 साल के इस लड़के ने बदल दी पाकिस्तान की तकदीर? कैसे ट्रंप के ‘खास’ बन गए आसिम मुनीर?, International Hindi News - Hindustan
More

35 साल के इस लड़के ने बदल दी पाकिस्तान की तकदीर? कैसे ट्रंप के ‘खास’ बन गए आसिम मुनीर?

पिछले एक साल में अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों को बदलने में एक शख्स की बड़ी भूमिका रही है। पाकिस्तान अब ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की पेशकश भी कर रहा है, जिस पर डोनाल्ड ट्रंप ने मुहर लगाई है।

Tue, 31 March 2026 02:42 PMJagriti Kumari ब्लूमबर्ग
share
35 साल के इस लड़के ने बदल दी पाकिस्तान की तकदीर? कैसे ट्रंप के ‘खास’ बन गए आसिम मुनीर?

पाकिस्तान की डिप्लोमेसी यानी कूटनीति जब बुरी तरह फेल हो गई, तब उसका सहारा बन कर उभरा है एक नया हथियार। यह हथियार है ‘क्रिप्टो डिप्लोमेसी’। बीते कुछ दिनों से इसकी मदद से पाकिस्तान अमेरिका का खास बना हुआ है। पाक पीएम शहबाज शरीफ और पाकिस्तानी सैन्य प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर अधिकारियों के ताबड़तोड़ पाकिस्तान दौरे के बाद अब पाकिस्तान, ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की कोशिश भी कर रहा है। ऐसे में सवाल यह हैं कि आखिर पाकिस्तान की तकदीर अचानक कैसे बदल गई। इसकी पीछे है एक 35 साल का एक शख्स।

यह शख्स हैं, बिलाल बिन साकिब। बिलाल पिछले एक साल में अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों को बदलने में बड़ी भूमिका रहे हैं। पाकिस्तान ने हाल के दिनों में ‘क्रिप्टो डिप्लोमेसी’ और ‘बिप्लोमेसी’ के जरिए अमेरिका से अपने रिश्ते मजबूत किए हैं। साकिब के मुताबिक, बिटकॉइन और डिजिटल एसेट्स के जरिए नए भरोसे और बातचीत के रास्ते खुले हैं। इसी रणनीति ने ट्रंप और आसिम मुनीर के बीच बढ़ती नजदीकी को भी मजबूत किया है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:भारत को लेकर झूठ बकता रहा पाकिस्तान, अमेरिका ने दुनिया को बता दी सच्चाई

अटलांटिक काउंसिल के विशेषज्ञ माइकल कुगेलमैन का कहना है कि ट्रंप प्रशासन में निजी रिश्तों की बहुत अहमियत होती है और पाकिस्तान ने इस बात को समझते हुए क्रिप्टो के जरिए अपनी पकड़ मजबूत की है। उन्होंने कहा कि इस तरह के असामान्य दौर में असामान्य तरीके भी असरदार साबित होते हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:ईरान जंग में दो धारी तलवार पर चल रहा पाक, इसलिए बिचौलिया बनने को आतुर मुनीर?

कौन हैं बिलाल बिन साकिब?

बिलाल बिन साकिब का सफर काफी संघर्ष भरा रहा है। लाहौर में जन्मे साकिब ने कॉलेज के दौरान टॉयलेट साफ करने का काम भी किया। बाद में उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पढ़ाई की और धीरे धीरे अपनी पहचान बनाई। उन्होंने अपने भाई के साथ ‘तयाबा’ संस्था शुरू की, जो गरीब महिलाओं को साफ पानी उपलब्ध कराती है। कोविड के दौरान उन्होंने ‘वन मिलियन मील्स’ अभियान भी शुरू किया, जिससे उन्हें ब्रिटेन सरकार और शाही परिवार से सम्मान मिला।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:अमेरिका की जेब में पाक, बातचीत के लिए सिर्फ एक कमरा दे रहा; पूर्व रॉ चीफ का तंज

क्रिप्टो से बनाई बादशाहत

2024 के बाद पाकिस्तान की सोच बदली। पहले जहां सरकार क्रिप्टो से दूरी बनाए हुए थी, वहीं अब इसे कूटनीतिक और आर्थिक साधन के रूप में देखा जाने लगा। पाकिस्तान ने वर्चुअल एसेट्स के लिए कानून बनाए, रेगुलेटर स्थापित किया और ग्लोबल कंपनियों को आमंत्रित किया। साकिब ने इसके बाद कई पद संभाले। पहले वह वित्त मंत्री के क्रिप्टो सलाहकार रहे। इसके बाद पाकिस्तान क्रिप्टो काउंसिल के सीईओ, प्रधानमंत्री के विशेष सहायक और फिर वर्चुअल एसेट रेगुलेटरी अथॉरिटी के चेयरमैन बन गए। इसके बाद ट्रंप के परिवार से जुड़ी कंपनी वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल के साथ पाकिस्तान ने एक समझौता हुआ, जिसमें पाकिस्तान में स्टेबलकॉइन और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने की डील हुई। साकिब ने लास वेगास में बिटकॉइन कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान को एक नए क्रिप्टो हब के रूप में भी पेश किया। इस कार्यक्रम में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ट्रंप के बेटे एरिक ट्रंप और डोनाल्ड ट्रंप जूनियर भी शामिल थे।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।