America is trying to destroy Iran schools and colleges attacking more than 600 institutions ईरान के स्कूल-कॉलेजों को नेस्तनाबूद करने में लगा अमेरिका, 600 से ज्यादा संस्थानों पर हमला, International Hindi News - Hindustan
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ईरान के स्कूल-कॉलेजों को नेस्तनाबूद करने में लगा अमेरिका, 600 से ज्यादा संस्थानों पर हमला

अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान के शैक्षणिक संस्थानों को भी निशाना बना रहे हैं। रेड क्रीसेंट सोसाइटी का दावा है कि कम से कम 600 शैक्षणिक केंद्रों पर हमले किए गए हैं। स्कूल में पढ़ने वाले कई बच्चों की जान भी चली गई है। 

Mon, 30 March 2026 12:21 PMAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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ईरान के स्कूल-कॉलेजों को नेस्तनाबूद करने में लगा अमेरिका, 600 से ज्यादा संस्थानों पर हमला

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी युद्ध में पूरी दुनिया का बड़ा नुकसान हो रहा है। वहीं अमेरिका ईरान के मूलभूत ढांचे पर ही हमला कर रहा है। अमेरिका और इजारयल ने मिलकर अमेरिका के 600 से ज्यादा शिक्षा के केंद्रों पर हमला किया है। रेड क्रीसेंट सोसाइटी ने दावा किया है कि अमेरिका इस तरह से शैक्षणिक संस्थानों को निशाना बनाकर मानवाधिकार नियमों को तार-तार कर रहा है। उसका व्यवहार एक युद्ध अपराधी की तरह है।

जानकारी के मुताबिक अमेरिका और इजरायल ने मिलकर सैकड़ों स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को निशाना बनाया है। रेड क्रीसेंट के मुताबिक इन हमलों से स्कूल में पढ़ने वाले मासूमों की जान भी खतरे में पड़ गई है। इसके अलावा विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर और छात्र भी डरे हुए हैं।

जाने-माने विश्वविद्यालयों को बनाया गया निशाना

ईरान युद्ध आज 31वें दिन में प्रवेश कर गया है। इस बीच लेबनान में इजरायली हवाई हमले में तीन पत्रकारों की मौत और ईरान के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों को अमेरिका-इजरायली सेना के निशाना बनाये जाने के बाद पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने इन हमलों को 'वैश्विक चेतना के लिए चेतावनी' और अपनी 'वैज्ञानिक नींव को पंगु बनाने की साजिश' करार देते हुए जवाबी कार्रवाई के तौर पर क्षेत्र में स्थित अमेरिकी-इजरायली विश्वविद्यालयों को वैध सैन्य लक्ष्य घोषित कर दिया है।

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इसके साथ ही, अमेरिका के ईरान में किये गए व्यापक हवाई हमलों और संभावित जमीनी अभियान की तैयारियों ने इस एक महीने पुराने संघर्ष को और अधिक घातक बना दिया है। शैक्षणिक संस्थानों पर हुए हमलों के जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कड़ा रुख अपनाया है। तेहरान यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पर हुए अमेरिका-इजरायल हमले के बाद आईआरजीसी ने चेतावनी दी है कि अब पश्चिम एशिया में मौजूद सभी अमेरिकी-इजरायली विश्वविद्यालय उसके लिए वैध लक्ष्य हैं।

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ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने कहा कि पिछले 30 दिनों के अवैध युद्ध के दौरान इस्फ़ाहान और तेहरान के अनुसंधान केंद्रों को जानबूझकर निशाना बनाया गया है, ताकि देश की वैज्ञानिक और सांस्कृतिक विरासत को नष्ट किया जा सके। उन्होंने अमेरिका के 'परमाणु खतरे' वाले दावों को महज एक दुर्भावनापूर्ण बहाना बताया है।

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